भारत में चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। 13 मई 2026 को जारी ताजा रेट के मुताबिक देश में चांदी का भाव ₹290.10 प्रति ग्राम और ₹2,90,100 प्रति किलो पहुंच गया है। पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में इसमें ₹100 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता, डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और औद्योगिक मांग बढ़ने से चांदी की कीमतों को लगातार सपोर्ट मिल रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सिल्वर मार्केट में उतार-चढ़ाव और तेज हो सकता है।
आज भारत में कितना है चांदी का भाव?
भारत में आज का सिल्वर रेट (13 मई 2026)
| धातु | आज का भाव | बदलाव |
|---|---|---|
| चांदी (प्रति ग्राम) | ₹290.10 | +₹0.10 |
| चांदी (प्रति किलो) | ₹2,90,100 | +₹100 |
प्रमुख शहरों में आज का चांदी का भाव
| शहर | 10 ग्राम | 100 ग्राम | 1 किलो |
|---|---|---|---|
| मुंबई | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| दिल्ली | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| कोलकाता | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| पुणे | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| वडोदरा | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| अहमदाबाद | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| जयपुर | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| लखनऊ | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| पटना | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| नागपुर | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| चंडीगढ़ | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| सूरत | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| नासिक | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| राजकोट | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| अयोध्या | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| गुरुग्राम | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| गाजियाबाद | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
| नोएडा | ₹2,901 | ₹29,010 | ₹2,90,100 |
Source: Good Returns
क्यों बढ़ रही हैं चांदी की कीमतें?
चांदी की कीमत सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होती, बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय फैक्टर्स इसका रुख तय करते हैं।
इनमें शामिल हैं:
- अंतरराष्ट्रीय सिल्वर प्राइस
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- औद्योगिक मांग
- वैश्विक आर्थिक संकट
- कच्चे तेल की कीमतें
- और निवेशकों का रुझान।
अगर डॉलर मजबूत होता है और रुपया कमजोर पड़ता है, तो भारत में चांदी और महंगी हो जाती है।
रुपये की कमजोरी का सीधा असर
इस समय भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले दबाव में बना हुआ है। ऐसे में भले ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें स्थिर रहें, लेकिन भारतीय बाजार में चांदी महंगी हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक आयात लागत बढ़ने और विदेशी मुद्रा पर दबाव की वजह से कीमती धातुओं की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
औद्योगिक मांग भी बढ़ा रही कीमतें
चांदी सिर्फ ज्वेलरी या निवेश का माध्यम नहीं है। इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, मेडिकल उपकरण और हाई-टेक इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर होता है। ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर की बढ़ती मांग ने भी सिल्वर की कीमतों को मजबूती दी है।
क्या निवेश के लिए सही समय है?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबी अवधि में चांदी बेहतर रिटर्न दे सकती है लेकिन इसमें उतार-चढ़ाव काफी ज्यादा रहता है।
विशेषज्ञ निवेशकों को:
धीरे-धीरे निवेश करने
- सिल्वर ETF
- डिजिटल सिल्वर
- और फिजिकल सिल्वर
के बीच संतुलन बनाने की सलाह दे रहे हैं।
शादी और त्योहारों पर असर
भारत में चांदी की मांग शादी-ब्याह, धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान काफी बढ़ जाती है। ऐसे में लगातार बढ़ती कीमतें आम ग्राहकों की जेब पर असर डाल सकती हैं।
क्या आगे और महंगी होगी चांदी?
बुलियन मार्केट के जानकारों का कहना है कि अगर वैश्विक तनाव बना रहता है, डॉलर मजबूत रहता है और औद्योगिक मांग बढ़ती है तो चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी बड़े बदलाव की स्थिति में कीमतों में अचानक गिरावट भी आ सकती है।
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