हॉलीवुड में भारतीयों की पहचान को लेकर एक समय ऐसा था जब किरदार सीमित, स्टीरियोटाइप और अक्सर सतही हुआ करते थे। लेकिन अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है। भारतीय मूल की अभिनेत्री Priya Kansara ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में इसी बदलाव पर विस्तार से बात की और बताया कि आज इंडियन और साउथ एशियन कलाकारों को पहले की तुलना में कहीं ज्यादा diversity और inclusion मिल रहा है।
यह बदलाव सिर्फ स्क्रीन पर दिखने वाले चेहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि अब कहानी कहने के तरीके में भी बड़ा परिवर्तन आया है—जहां भारतीय किरदार अब “एक ही तरह” के नहीं, बल्कि कई layers और real-life experiences के साथ पेश किए जा रहे हैं।
बचपन की कमी, आज का बदलाव: representation की असली कहानी
Priya Kansara ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वह छोटी थीं, तब हॉलीवुड या ब्रिटिश कंटेंट में उनके जैसे दिखने वाले कलाकार बहुत कम दिखाई देते थे।
अगर कभी दिखाई देते भी थे, तो अक्सर उनका रोल सीमित होता था—एक खास accent, एक तय personality और कहानी में कोई गहराई नहीं।
लेकिन अब यह स्थिति बदल चुकी है। आज:
- भारतीय कलाकार सिर्फ supporting role में नहीं, बल्कि main narrative का हिस्सा हैं
- characters stereotypical नहीं, बल्कि complex और relatable हैं
- और सबसे अहम—उन्हें लंबे समय तक industry में काम करने के मौके मिल रहे हैं
Priya के मुताबिक, अब कहानी “box” नहीं करती, बल्कि diversity को celebrate करती है।
Bridgerton: एक turning point
Priya Kansara के करियर का बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें Bridgerton में काम करने का मौका मिला।
यह सिर्फ एक role नहीं था, बल्कि representation के स्तर पर एक बड़ा बदलाव था।
इस शो की खासियत यह रही कि इसमें:
- कई South Asian कलाकारों को अहम भूमिकाएं मिलीं
- period drama जैसी genre में diversity दिखाई गई
- और audience को एक नया perspective देखने को मिला
Priya ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इस तरह के period drama का हिस्सा बनेंगी, क्योंकि उन्होंने बचपन में ऐसा representation कभी देखा ही नहीं था।
Project Hail Mary: नई दिशा और नई चुनौती
हाल ही में रिलीज हुई फिल्म Project Hail Mary में Priya Kansara ने “Mary” नाम के AI कंप्यूटर को अपनी आवाज दी है। इस फिल्म में मुख्य भूमिका Ryan Gosling निभा रहे हैं।
यह Priya के करियर का पहला voice acting प्रोजेक्ट था। उन्होंने इसे “exciting लेकिन challenging” बताया।
उनके अनुसार voice acting में:
- चेहरे या body language का सहारा नहीं होता
- पूरी performance सिर्फ आवाज पर निर्भर होती है
- और co-actor के साथ सही timing और emotion पकड़ना बेहद जरूरी होता है
यह अनुभव उनके लिए एक नई सीख और growth का बड़ा step साबित हुआ।
बॉलीवुड से गहरा रिश्ता: inspiration की जड़ें
Priya Kansara ने यह भी बताया कि उनका बॉलीवुड से गहरा जुड़ाव रहा है।
उन्होंने बचपन में अपनी मां के साथ कई क्लासिक फिल्में देखीं, जिनमें Dilwale Dulhania Le Jayenge, Lagaan, Devdas और Kuch Kuch Hota Hai शामिल हैं।
उनके मुताबिक, इन फिल्मों ने उनके imagination और acting के passion को shape किया।
यही कारण है कि वह भारतीय सिनेमा को सिर्फ entertainment नहीं, बल्कि एक creative inspiration मानती हैं।
Sanjay Leela Bhansali के साथ काम करने का सपना
जब Priya से पूछा गया कि वह किस भारतीय filmmaker के साथ काम करना चाहेंगी, तो उन्होंने तुरंत Sanjay Leela Bhansali का नाम लिया।
उन्होंने कहा कि Bhansali की फिल्में:
- visually rich होती हैं
- emotions से भरपूर होती हैं
- और cinematic beauty का एक अलग स्तर पेश करती हैं
Priya के अनुसार, बचपन में उनकी फिल्में देखकर ही उन्होंने “beauty और storytelling” को महसूस किया।
अभी भी बाकी है सफर: representation की अगली चुनौती
हालांकि बदलाव साफ दिख रहा है, लेकिन Priya Kansara मानती हैं कि अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
उनका कहना है कि:
- भारतीय किरदारों को सिर्फ एक ही तरह की कहानी तक सीमित नहीं रखना चाहिए
- अलग-अलग backgrounds और experiences को दिखाना जरूरी है
- और diversity को सिर्फ trend नहीं, बल्कि normal practice बनाना होगा
क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?
यह बदलाव सिर्फ entertainment तक सीमित नहीं है—यह cultural impact भी पैदा करता है।
जब global cinema में भारतीय चेहरों को सही representation मिलता है, तो:
- stereotypes टूटते हैं
- global audience भारत को बेहतर समझती है
- और नई generation को बड़े सपने देखने का confidence मिलता है
OTT platforms और global collaborations ने इस बदलाव को तेज़ किया है। अब Hollywood सिर्फ एक market नहीं, बल्कि एक global storytelling ecosystem बन चुका है—जहां भारत की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
भविष्य की दिशा: क्या और बदलाव आएंगे?
आने वाले समय में कुछ trends साफ दिख रहे हैं:
- cross-cultural casting और बढ़ेगी
- Indian stories global platforms पर ज्यादा दिखाई देंगी
- और Indian actors सिर्फ representation नहीं, बल्कि leadership roles में भी दिखेंगे
निष्कर्ष: representation से leadership तक का सफर
Priya Kansara की journey सिर्फ एक actress की कहानी नहीं है, बल्कि यह उस बड़े बदलाव का संकेत है जो Hollywood में हो रहा है।
आज भारतीय कलाकार सिर्फ “दिखाई” नहीं दे रहे, बल्कि कहानी का हिस्सा बन रहे हैं—और आने वाले समय में वही कहानी को lead भी करेंगे।
अगर यह trend जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में Indian representation “inclusion” से आगे बढ़कर “dominance” की दिशा में भी जा सकता है।
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