नई दिल्ली में सोमवार को भारत और दक्षिण कोरिया के बीच हुए उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के दौरान एक अहम सांस्कृतिक पहल की घोषणा की गई। Narendra Modi और Lee Jae Myung ने संयुक्त रूप से “India-Korea Friendship Festival” लॉन्च करने का ऐलान किया, जो 20 अप्रैल से 28 अप्रैल तक आयोजित होगा।
यह घोषणा केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम की सूचना नहीं है, बल्कि यह उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत दोनों देश अपने रिश्तों को सिर्फ व्यापार और तकनीक तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि लोगों के स्तर पर गहरे जुड़ाव को भी मजबूत करना चाहते हैं।
आधिकारिक बयान: क्या कहा PM मोदी और राष्ट्रपति ली ने
हैदराबाद हाउस में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा कि दोनों देशों का रिश्ता हजारों वर्षों पुराना है। उन्होंने विशेष रूप से अयोध्या की राजकुमारी और कोरिया के प्राचीन गाया साम्राज्य के बीच संबंधों का उल्लेख किया।
मोदी ने कहा कि आज के दौर में यह रिश्ता एक नए रूप में सामने आ रहा है, जहां K-pop और K-dramas भारत में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति भारतीय सिनेमा के प्रशंसक हैं, जो इस सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और दिलचस्प बनाता है।
वहीं, Lee Jae Myung ने इस पहल को “दोनों देशों के बीच भरोसे और दोस्ती को और मजबूत करने वाला कदम” बताया और उम्मीद जताई कि यह फेस्टिवल लोगों के बीच सीधा जुड़ाव बढ़ाएगा।
K-pop और K-drama: भारत में बढ़ती सॉफ्ट पावर
पिछले कुछ वर्षों में भारत में कोरियन कंटेंट की लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया है। OTT प्लेटफॉर्म्स के विस्तार और इंटरनेट की पहुंच ने विदेशी कंटेंट को भारतीय दर्शकों तक आसानी से पहुंचाया है।
उदाहरण के तौर पर:
- Crash Landing on You भारत में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले K-dramas में शामिल रहा
- Vincenzo ने युवा दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई
- BTS का फैनबेस भारत में लाखों में है
यह ट्रेंड केवल एंटरटेनमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह “सॉफ्ट पावर” का हिस्सा बन चुका है, जहां सांस्कृतिक प्रभाव कूटनीतिक रिश्तों को मजबूत करता है।
ऐतिहासिक जड़ें: अयोध्या से कोरिया तक का कनेक्शन
भारत और कोरिया के संबंधों की सबसे दिलचस्प कड़ी उस ऐतिहासिक कथा से जुड़ी है, जिसका उल्लेख कोरियाई ग्रंथ Samguk Yusa में मिलता है।
इस कथा के अनुसार:
- Princess Suriratna अयोध्या से कोरिया गईं
- उन्होंने King Kim Suro से विवाह किया
- वे गाया साम्राज्य की पहली रानी बनीं
आज भी दक्षिण कोरिया में इस कथा को सांस्कृतिक विरासत के रूप में देखा जाता है, और अयोध्या में इससे जुड़े स्मारक भी मौजूद हैं।
“Mumbai Korea Centre” क्यों है गेमचेंजर?
दोनों देशों ने मुंबई में “Korea Centre” स्थापित करने का भी फैसला किया है। यह कदम केवल सांस्कृतिक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी है।
इस सेंटर के माध्यम से:
- K-pop परफॉर्मेंस और इवेंट्स आयोजित होंगे
- कोरियन भाषा और संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा
- बॉलीवुड और K-pop का फ्यूजन देखने को मिलेगा
यह पहल भारत के एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के लिए भी नए अवसर खोल सकती है, खासकर कंटेंट को-प्रोडक्शन और ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में।
कूटनीति + संस्कृति = नई रणनीति
अगर इस पूरे घटनाक्रम को बड़े नजरिए से देखें, तो यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है। यह “cultural diplomacy” का क्लासिक उदाहरण है।
आज के दौर में देश सिर्फ सैन्य और आर्थिक ताकत से ही नहीं, बल्कि अपनी संस्कृति के जरिए भी प्रभाव डालते हैं। दक्षिण कोरिया ने K-pop और K-dramas के जरिए दुनिया भर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
भारत भी बॉलीवुड, योग, और डिजिटल कंटेंट के जरिए इसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में दोनों देशों का सहयोग एक “win-win model” बन सकता है।
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