NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    india-us-trade-deal-g7-modi-trump-meeting-update-hindi
    India-US Trade Deal: मोदी-ट्रंप मुलाकात पर टिकी नजरें, लेकिन G7 में नहीं होगा ट्रेड डील का ऐलान! सामने आया बड़ा अपडेट
    14 जून 2026
    china-plus-one-strategy-se-bharat-ko-mila-sabse-bada-manufacturing-mauka
    China+1 Strategy: चीन से बाहर निकल रहीं कंपनियां भारत को दे सकती हैं अब तक का सबसे बड़ा मौका, बदल सकती है देश की आर्थिक कहानी
    13 जून 2026
    vishv-bank-chetavni-2026-mein-global-growth-13-pratishat-tak-gir-sakti-hai
    विश्व बैंक की चेतावनी! 2026 में 1.3% तक गिर सकती है ग्लोबल ग्रोथ, क्या आ रही है नई मंदी?
    13 जून 2026
    sahara-news-sebi-ne-supreme-court-ka-rukh-kiya
    Sahara News: सहारा से जुड़े ₹14,106 करोड़ के मामले में नया मोड़, कर्मचारियों को मिली राहत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची SEBI
    13 जून 2026
    elon-musk-trillionaire-anand-mahindra-ne-mushkil-waqt-mein-badhaya-tha-hausla
    Elon Musk Trillionaire: ‘लोगों को मुश्किल समय में परखा जाता है’, जब मस्क पर उठ रहे थे सवाल तब आनंद महिंद्रा ने बढ़ाया था हौसला
    13 जून 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    petrol-price-today-crude-oil-falls-petrol-diesel-rate-13-june-2026
    Petrol Price Today: क्रूड ऑयल 2 महीने के निचले स्तर पर, फिर भी नहीं मिली राहत! जानिए आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का ताजा रेट
    13 जून 2026
    gold-silver-price-today-12-june-2026-gold-rate-silver-price-india
    Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी के दामों में फिर मची हलचल! जानिए आज कितने बदले आपके शहर के भाव
    12 जून 2026
    gold-silver-price-crash-gold-falls-rs-15765-silver-rs-53810-in-one-month
    Gold Silver Price Crash: फिर औंधे मुंह गिरी कीमतें! सोना एक महीने में ₹15,765 टूटा, चांदी ₹53,810 सस्ती; जानिए कहां पहुंच गए भाव
    11 जून 2026
    gold-silver-price-today-10-june-2026-gold-falls-rs4300-silver-drops-rs10000
    Gold Silver Price Today: सोना ₹4,300 लुढ़का, चांदी ₹10,000 टूटी, खरीदारी का मौका या अभी और गिरेंगे भाव?
    10 जून 2026
    petrol-price-today-9-june-2026-petrol-diesel-rate-noida-delhi-crude-oil-price
    Petrol Price Today: क्रूड के भाव में नरमी नहीं, नोएडा में आज पेट्रोल ₹102 और डीजल ₹97 के पार, जानिए आज का भाव
    9 जून 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    kapde-ke-business-se-solar-sector-mein-utri-siil-share-ne-diya-897-percent-return
    कपड़े का बिजनेस छोड़ सोलर सेक्टर में उतरी कंपनी ने किया कमाल, 1 साल में 897% रिटर्न देकर निवेशकों को चौंकाया
    13 जून 2026
    vedanta-bond-buyback-rs-34000-crore-anil-agarwal-big-move-before-demerger-listing
    Vedanta Demerger से पहले बड़ा दांव! लंदन में ₹34,000 करोड़ का बॉन्ड बायबैक, कर्ज घटाने की तैयारी तेज
    13 जून 2026
    india-steel-works-share-ne-5-saal-mein-16-guna-return-diya
    TATA Steel नहीं, ₹22 के इस ‘छुटकू’ स्टील शेयर ने किया कमाल; 5 साल में निवेशकों का पैसा 16 गुना बढ़ाया
    13 जून 2026
    vedanta-demerger-4-new-companies-listing-best-stock-to-buy
    Vedanta Demerger: सोमवार को लिस्ट होंगी 4 नई कंपनियां, किस शेयर में है सबसे ज्यादा कमाई का मौका? एक्सपर्ट ने दी सलाह
    12 जून 2026
    maggi-controversy-fssai-notice-nestle-india-shares
    Maggi Controversy: मैगी में कीड़े मिलने की शिकायत पर FSSAI का एक्शन, Nestle India के शेयर 3% लुढ़के
    12 जून 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: GDP पर बहस: क्या आर्थिक विकास को सिर्फ आंकड़ों में मापा जा सकता है?
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
आर्थिक और स्वरोजगार योजनाएं

GDP पर बहस: क्या आर्थिक विकास को सिर्फ आंकड़ों में मापा जा सकता है?

Namam Sharma
Last updated: 2026/04/11 at 1:04 पूर्वाह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
gdp-debate-economic-growth-vs-wellbeing-hindi-blog
SHARE

परिचय: GDP बनाम वास्तविक विकास की बहस क्यों तेज हो रही है?

आज दुनिया में आर्थिक विकास को मापने का सबसे प्रमुख पैमाना Gross Domestic Product (GDP) माना जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में इस पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं कि क्या GDP वास्तव में किसी देश की “असली प्रगति” को दिखाता है या यह सिर्फ एक सीमित आर्थिक गणना है।

Contents
परिचय: GDP बनाम वास्तविक विकास की बहस क्यों तेज हो रही है?GDP क्या मापता है और क्या नहीं?GDP क्या capture करता है:GDP क्या नहीं दिखाता:दो विचारधाराओं की टक्कर: Quant vs Qual1. Quantitative दृष्टिकोण (Numbers-centric)2. Qualitative दृष्टिकोण (Human wellbeing-centric) UN का दृष्टिकोण: GDP से आगे सोचने की जरूरतपर्यावरण और GDP का विरोधाभासउदाहरण: GDP की सीमाएं: क्या यह समाज को सही तस्वीर देता है?असमानता और GDP: छिपा हुआ सचपरिणाम:नई अर्थव्यवस्था और GDP की पुरानी सीमाएंनई आर्थिक वास्तविकताएं:क्या GDP outdated हो चुका है? De-growth और Post-growth सोच क्या GDP को खत्म करना समाधान है? निष्कर्ष: विकास का असली मतलब क्या है?

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हाल ही में कहा कि अब समय आ गया है कि GDP से आगे बढ़कर विकास को नए तरीके से देखा जाए। उनका मानना है कि GDP “हर चीज की कीमत बताता है, लेकिन किसी चीज का वास्तविक मूल्य नहीं।”

यह बयान एक बड़े वैश्विक बहस को फिर से जीवित कर देता है — क्या विकास केवल आंकड़ों से तय हो सकता है?


GDP क्या मापता है और क्या नहीं?

GDP का मूल उद्देश्य किसी देश में होने वाले सभी आर्थिक लेन-देन का कुल मूल्य मापना होता है। यानी जितना उत्पादन और सेवाएं बाज़ार में खरीदी-बेची जाती हैं, उन्हें जोड़कर GDP तैयार होता है।

लेकिन समस्या यहीं से शुरू होती है।

GDP क्या capture करता है:

  • बाजार में होने वाला उत्पादन
  • वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री
  • आर्थिक गतिविधियों की मात्रा

GDP क्या नहीं दिखाता:

  • समाज में असमानता (inequality)
  • पर्यावरण पर असर
  • घरेलू unpaid काम (जैसे घर का काम)
  • लोगों की वास्तविक खुशी और wellbeing

यही कारण है कि GDP को कई अर्थशास्त्री “incomplete indicator” मानते हैं।


दो विचारधाराओं की टक्कर: Quant vs Qual

इस बहस को दो बड़े दृष्टिकोणों में बांटा जा सकता है।

1. Quantitative दृष्टिकोण (Numbers-centric)

इस विचार के अनुसार:

  • GDP सबसे भरोसेमंद संकेतक है
  • आर्थिक विकास को केवल numbers से मापा जा सकता है
  • जितना ज्यादा उत्पादन, उतनी ज्यादा प्रगति

यह दृष्टिकोण GDP को एक “sacred economic metric” की तरह देखता है।


2. Qualitative दृष्टिकोण (Human wellbeing-centric)

दूसरी सोच कहती है:

  • असली विकास केवल पैसे से नहीं मापा जा सकता
  • पर्यावरण, समाज और समानता भी महत्वपूर्ण हैं
  • GDP कई महत्वपूर्ण पहलुओं को ignore करता है

इस दृष्टिकोण में GDP केवल एक सीमित accounting tool है, न कि विकास का पूरा सच।


UN का दृष्टिकोण: GDP से आगे सोचने की जरूरत

UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने साफ कहा है कि अब GDP से आगे बढ़ना जरूरी है।

उनके अनुसार:

  • विकास का मतलब सिर्फ आर्थिक growth नहीं है
  • लोगों की भलाई (wellbeing) भी उतनी ही जरूरी है
  • पर्यावरण और sustainability को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता

उन्होंने यह भी कहा कि जब हम किसी जंगल को काटते हैं या प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग करते हैं, तो GDP बढ़ सकता है, लेकिन प्रकृति को नुकसान होता है।


पर्यावरण और GDP का विरोधाभास

GDP का सबसे बड़ा विवादित पहलू यही है कि यह पर्यावरणीय नुकसान को भी “growth” में गिनता है।

उदाहरण:

  • जंगल काटने से economic activity बढ़ती है → GDP बढ़ता है
  • ज्यादा मछली पकड़ने से production बढ़ता है → GDP बढ़ता है

लेकिन वास्तविकता में:

  • पर्यावरण को नुकसान होता है
  • प्राकृतिक संसाधन खत्म होते हैं
  • भविष्य की पीढ़ियों पर असर पड़ता है

इसलिए कई अर्थशास्त्री मानते हैं कि GDP “growth at any cost” को बढ़ावा देता है।


GDP की सीमाएं: क्या यह समाज को सही तस्वीर देता है?

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री Diane Coyle के उदाहरण इसे सरल तरीके से समझाते हैं।

अगर:

  • कोई व्यक्ति घर में सब्जियां उगाता है → GDP में शामिल नहीं
  • वही सब्जियां बाजार से खरीदी जाएं → GDP बढ़ता है

यानी मेहनत समान हो सकती है, लेकिन GDP अलग-अलग परिणाम दिखाता है।

इसी तरह:

  • unpaid घरेलू काम
  • caregiving
  • volunteer work

GDP में लगभग invisible होते हैं।


असमानता और GDP: छिपा हुआ सच

Kaushik Basu जैसे अर्थशास्त्रियों का मानना है कि GDP का सबसे बड़ा problem यह है कि यह inequality को ignore करता है।

अगर:

  • GDP बढ़ रहा है
  • लेकिन उसका ज्यादातर हिस्सा कुछ लोगों के पास जा रहा है

तो official data में सब “growth” दिखेगा, लेकिन समाज में असमानता बढ़ सकती है।

परिणाम:

  • सामाजिक तनाव
  • राजनीतिक ध्रुवीकरण
  • आर्थिक असंतोष

नई अर्थव्यवस्था और GDP की पुरानी सीमाएं

आज की economy बदल चुकी है।

नई आर्थिक वास्तविकताएं:

  • AI और automation
  • digital services
  • gig economy
  • unpaid digital value creation

लेकिन GDP इन बदलावों को पूरी तरह capture नहीं कर पाता।

उदाहरण के लिए:

  • free digital services (जैसे social media)
  • open-source contribution
  • data-based value creation

इनका आर्थिक मूल्य तो है, लेकिन GDP में सीमित रूप से दिखता है।


क्या GDP outdated हो चुका है?

कई अर्थशास्त्री मानते हैं कि GDP 1940 के दशक में WWII के दौरान बनाए गए मॉडल पर आधारित है।

उस समय उद्देश्य था:

  • industrial output measure करना
  • war production track करना

लेकिन आज की दुनिया:

  • service-based economy
  • digital economy
  • global interconnected system

इसलिए कई लोग मानते हैं कि GDP अब “partial truth” ही दिखाता है।


De-growth और Post-growth सोच

कुछ विशेषज्ञ अब “de-growth” या “post-growth economy” की बात कर रहे हैं।

इसका मतलब:

  • सिर्फ GDP बढ़ाना लक्ष्य न हो
  • sustainability और environment को प्राथमिकता दी जाए
  • consumption patterns को rethink किया जाए

हाल के studies में भी पाया गया है कि कई climate researchers मानते हैं कि unlimited economic growth long-term में संभव नहीं है।


क्या GDP को खत्म करना समाधान है?

नहीं।

अधिकांश विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि:

  • GDP को replace नहीं करना चाहिए
  • बल्कि उसे “complement” करना चाहिए

यानि GDP के साथ-साथ:

  • Human Development Index (HDI)
  • Environmental indicators
  • Inequality metrics
  • Happiness index

जैसे indicators भी जरूरी हैं।


निष्कर्ष: विकास का असली मतलब क्या है?

GDP एक महत्वपूर्ण economic tool है, लेकिन यह विकास की पूरी कहानी नहीं बताता।

आज जरूरत इस बात की है कि:

  • हम numbers के साथ-साथ human impact भी देखें
  • economic growth के साथ sustainability को जोड़ें
  • और development को multidimensional बनाएं

असल सवाल यह नहीं है कि GDP गलत है या सही, बल्कि यह है कि क्या हम केवल GDP को ही “development का अंतिम सच” मानते रहेंगे?

Also Read:

  • भारत की 7.8% GDP ग्रोथ 2026: नई सीरीज और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह
  • टूट जाएगा भारत का 300 मिलियन टन स्टील सपना? वेदांता चेयरमैन की चेतावनी ने बढ़ाई चिंता

You Might Also Like

विश्व बैंक की चेतावनी! 2026 में 1.3% तक गिर सकती है ग्लोबल ग्रोथ, क्या आ रही है नई मंदी?

सारे एक्सपर्ट्स हो गए फेल, ईरान युद्ध के बीच तेल पर अमेरिका और चीन ने कर दिया बड़ा खेल

Forex Watch: फिर घटा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, लेकिन RBI के गोल्ड रिजर्व में हुई करीब 2 अरब डॉलर की बढ़ोतरी

Oil Price Impact: तेल की महंगाई ने बढ़ाई उद्योगों की परेशानी, बैंक क्रेडिट ग्रोथ दो साल में सबसे ऊंचे स्तर पर

कुछ तो गड़बड़ है… रघुराम राजन ने GDP ग्रोथ के आंकड़ों पर उठाए सवाल, बोले- निवेश क्यों नहीं बढ़ रहा?

TAGGED: economic growth, Economy Blog, GDP Debate, Global economy, Hindi Blog, indian economy, Sustainability, un news
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article केंद्र ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC) पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए, जानें योग्यता, प्रक्रिया और पूरा विवरण परिचय: CVC नियुक्ति प्रक्रिया क्यों है महत्वपूर्ण? भारत सरकार ने Central Vigilance Commission (CVC) में नए केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (Central Vigilance Commissioner) की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह प्रक्रिया इसलिए शुरू की गई है क्योंकि वर्तमान आयुक्त का कार्यकाल अगस्त 2026 में समाप्त होने वाला है। CVC देश की सबसे महत्वपूर्ण anti-corruption संस्था मानी जाती है, जो सरकारी विभागों में पारदर्शिता और ईमानदारी सुनिश्चित करने का काम करती है। ऐसे में इस पद पर नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि देश की governance प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होता है। 🏢 केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) क्या है? Central Vigilance Commission भारत की एक स्वतंत्र संस्था है जो सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार रोकने और प्रशासनिक निगरानी का काम करती है। CVC के मुख्य कार्य: सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की निगरानी करना प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच करना vigilance से जुड़े मामलों में मार्गदर्शन देना CBI जैसी एजेंसियों की निगरानी करना पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित करना यह संस्था सीधे सरकार को रिपोर्ट करती है और देश में ईमानदार प्रशासन की रीढ़ मानी जाती है। 📅 वर्तमान स्थिति: नई नियुक्ति की आवश्यकता क्यों पड़ी? सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार वर्तमान केंद्रीय सतर्कता आयुक्त का कार्यकाल 3 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है। वर्तमान में यह पद Praveen Kumar Srivastava के पास है, जो: 1988 बैच के IAS अधिकारी रहे हैं Assam-Meghalaya cadre से हैं अब सेवानिवृत्त (retired) अधिकारी हैं कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही सरकार ने नए आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि संस्था में continuity बनी रहे और किसी प्रकार की प्रशासनिक रुकावट न आए। 🧾 CVC पद के लिए योग्यता (Eligibility Criteria) सरकार ने इस पद के लिए बहुत स्पष्ट और सख्त योग्यता तय की है, क्योंकि यह देश की सबसे संवेदनशील प्रशासनिक जिम्मेदारी है। कौन आवेदन कर सकता है? इस पद के लिए निम्न लोग पात्र हैं: All India Services के अधिकारी (IAS, IPS आदि) केंद्रीय सिविल सेवाओं के अधिकारी केंद्र सरकार के civil posts पर कार्यरत या रह चुके अधिकारी सरकारी कंपनियों या statutory bodies में उच्च पदों पर कार्यरत व्यक्ति बैंकिंग, बीमा, कानून, जांच और वित्त क्षेत्र के विशेषज्ञ 🎯 जरूरी शर्तें: अनुभव और ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण CVC पद के लिए केवल योग्यता ही नहीं, बल्कि अनुभव और चरित्र भी बहुत महत्वपूर्ण है। मुख्य शर्तें: कम से कम 25 वर्षों का कार्य अनुभव प्रशासन, नीति निर्माण या जांच क्षेत्र में अनुभव उत्कृष्ट ईमानदारी और चरित्र निर्णय लेने की मजबूत क्षमता भ्रष्टाचार विरोधी प्रणाली की समझ सरकार का मानना है कि यह पद केवल वरिष्ठता नहीं बल्कि विश्वसनीयता पर आधारित होना चाहिए। ⏳ कार्यकाल और आयु सीमा CVC पद पर नियुक्त व्यक्ति का कार्यकाल तय नियमों के अनुसार होता है। नियम: कार्यकाल: 4 वर्ष या अधिकतम आयु: 65 वर्ष इनमें से जो भी पहले पूरा हो, उसी के अनुसार कार्यकाल समाप्त होगा यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि संस्था में नियमित बदलाव और संतुलन बना रहे। 📍 आवेदन प्रक्रिया कैसे करें? सरकार ने इस पद के लिए आवेदन प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू किया है। महत्वपूर्ण जानकारी: आवेदन भेजने का पता: Department of Personnel and Training (DoPT), नई दिल्ली स्थान: Kartavya Bhawan-3, New Delhi अंतिम तिथि: 18 मई 2026 सरकार ने यह भी साफ किया है कि: अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। 🏛️ CVC की भूमिका क्यों इतनी महत्वपूर्ण है? CVC केवल एक पद नहीं बल्कि देश की anti-corruption framework का सबसे मजबूत स्तंभ है। इसकी भूमिका: सरकारी विभागों में पारदर्शिता बनाए रखना भ्रष्टाचार मामलों की निगरानी करना जांच एजेंसियों को दिशा देना प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देना यह संस्था सुनिश्चित करती है कि सरकारी सिस्टम में जवाबदेही बनी रहे। ⚖️ क्यों जरूरी है निष्पक्ष और ईमानदार चयन? CVC जैसे पद पर चयन में निष्पक्षता बहुत जरूरी होती है क्योंकि: यह संस्था राजनीतिक दबाव से मुक्त होनी चाहिए निर्णय पूरी तरह पारदर्शी होने चाहिए जनता का विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ा लक्ष्य होता है इसलिए चयन प्रक्रिया में अनुभव और integrity को सबसे ऊपर रखा गया है। 🌐 प्रशासनिक व्यवस्था पर इसका प्रभाव CVC की नियुक्ति का असर पूरे सरकारी सिस्टम पर पड़ता है। प्रमुख प्रभाव: भ्रष्टाचार नियंत्रण प्रणाली मजबूत होती है सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ती है प्रशासनिक जवाबदेही में सुधार आता है जनता का विश्वास सरकारी संस्थाओं पर बढ़ता है 🧠 निष्कर्ष: एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा CVC पद के लिए आवेदन आमंत्रित करना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जो आने वाले समय में देश की governance व्यवस्था को प्रभावित करेगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य है: योग्य और अनुभवी व्यक्ति का चयन संस्थागत स्थिरता बनाए रखना देश में anti-corruption framework को मजबूत करना आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस महत्वपूर्ण पद पर किसकी नियुक्ति होती है और वह देश की vigilance प्रणाली को किस दिशा में आगे बढ़ाता है। केंद्र ने केंद्रीय सतर्कता आयुक्त (CVC) पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए, जानें योग्यता, प्रक्रिया और पूरा विवरण
Next Article white-house-insider-trading-scandal-prediction-markets-hindi-blog व्हाइट हाउस में Insider Trading का विवाद: क्या सत्ता और जानकारी मिलकर बाजार को प्रभावित कर रहे हैं?

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

success-story-dr-himanshu-gandhi-mother-sparsh-150-crore-brand
Success Story: शॉर्टकट नहीं, बरगद जैसा बनने की चाहत थी, छोड़ दी सरकारी नौकरी, बना डाला ₹150 करोड़ का ब्रांड
फाइनेंस
merritronix-share-gives-over-120-percent-return-after-ipo-listing-hits-upper-circuit
₹149 का IPO अब ₹361 के पार, Merritronix ने दिया 142% से ज्यादा रिटर्न, लगातार लग रहा अपर सर्किट
फाइनेंस
pm-kisan-23rd-installment-date-18-june-fact-check
PM Kisan 23rd Installment Date: क्या 18 जून को आएंगे ₹2000? सरकार ने अभी तक क्या कहा
फाइनेंस
anil-ambani-black-money-act-tax-evasion-case-bombay-high-court-relief
₹814 करोड़ विदेशी संपत्ति केस में अनिल अंबानी को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक दी कार्रवाई
फाइनेंस
8th-pay-commission-suggestion-last-date-extended-till-15-june-2026-salary-hike-update
8th Pay Commission: 15 जून तक भेजें सुझाव, ₹30,000 बेसिक सैलरी वालों की तनख्वाह ₹1 लाख के पार जा सकती है!
फाइनेंस
silver-hallmarking-challenges-bis-huid-silver-jewellery
Silver Hallmarking: चांदी खरीदने वालों के लिए बड़ा अपडेट! अभी क्यों नहीं लागू हो पा रही अनिवार्य हॉलमार्किंग, BIS ने बताई वजह
फाइनेंस
rbi-action-mogaveera-cooperative-bank-withdrawal-limit-1-lakh
RBI का बड़ा एक्शन: इस बैंक के ग्राहकों को झटका, खाते से सिर्फ ₹1 लाख ही निकाल सकेंगे, जानिए पूरा मामला
फाइनेंस
fd-vs-ppf-vs-ssy-vs-nsc-interest-rate-tax-benefits-lockin-period
FD vs PPF, SSY: ब्याज दर, टैक्स छूट और लॉक-इन पीरियड; जानिए एफडी या सरकारी स्कीम्स, दोनों में से किसमें होता ज्यादा फायदा?
फाइनेंस
income-tax-notice-bank-cash-deposit-rs-1-28-crore-itat-relief-case
Income Tax Notice: बैंक में 1.28 करोड़ रुपये कैश जमा करना पड़ा भारी, 44 लाख का टैक्स नोटिस; ITAT ने व्यापारी को दी बड़ी राहत
फाइनेंस
ravi-modi-success-story-manyavar-founder-vedant-fashions-net-worth
Success Story: पिता की 10×14 फीट की दुकान से शुरू हुआ सफर, मां से लिए थे ₹10 हजार; आज ₹10,000 करोड़ की कंपनी के मालिक हैं रवि मोदी
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?