लंदन, यूनाइटेड किंगडम: दुनिया की प्रमुख स्नैकिंग कंपनियों में शामिल pladis ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को ज्यादा हेल्दी और न्यूट्रिशन बैलेंस्ड बनाने के लिए बड़ा लक्ष्य तय किया है। McVitie’s, GODIVA और Ulker जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स की मालिक कंपनी ने घोषणा की है कि वह साल 2030 तक ऐसे प्रोडक्ट्स की बिक्री दोगुनी करेगी, जिनमें चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट की मात्रा कम होगी और फाइबर व प्रोटीन जैसे पोषक तत्व ज्यादा होंगे।
कंपनी का कहना है कि बदलते समय के साथ ग्राहक अब ऐसे स्नैक्स पसंद कर रहे हैं जो उनकी सेहत, फिटनेस और लाइफस्टाइल के हिसाब से बेहतर हों। हालांकि, वे स्वाद से समझौता नहीं करना चाहते। इसी को ध्यान में रखते हुए pladis अपने मौजूदा प्रोडक्ट्स की रेसिपी में बदलाव करने, नए हेल्दी विकल्प लॉन्च करने और सफल उत्पादों को नए बाजारों तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है।
हेल्दी स्नैक्स की बढ़ती मांग को देखते हुए फैसला
आज के दौर में उपभोक्ताओं की प्राथमिकताएं तेजी से बदल रही हैं। लोग बिस्कुट, चॉकलेट और अन्य स्नैक्स खरीदते समय केवल स्वाद ही नहीं बल्कि उनमें मौजूद पोषण तत्वों पर भी ध्यान दे रहे हैं। pladis का मानना है कि आने वाले वर्षों में वही ब्रांड सफल होंगे जो स्वाद और बेहतर न्यूट्रिशन दोनों का संतुलन बना पाएंगे।
pladis की चीफ R&D ऑफिसर Dr Jennifer Moss ने कहा कि लोग बिस्कुट और चॉकलेट इसलिए खरीदते हैं क्योंकि उन्हें उनका स्वाद पसंद आता है, न कि इसलिए कि वे न्यूट्रिशन पर कोई सलाह सुनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी के लिए बेहतरीन स्वाद हमेशा सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगा।
उन्होंने कहा, “ग्राहक अब ज्यादा विकल्प चाहते हैं। वे ऐसे प्रोडक्ट चाहते हैं जो उनकी लाइफस्टाइल और सेहत के लिए बेहतर हों, लेकिन साथ ही उन्हें वही शानदार स्वाद भी मिले, जिसके लिए ब्रांड पहचाने जाते हैं।”
नया ग्लोबल न्यूट्रिशन फ्रेमवर्क तैयार
अपने 2030 के लक्ष्य को पूरा करने के लिए pladis ने एक नया ग्लोबल न्यूट्रिशन फ्रेमवर्क तैयार किया है। यह फ्रेमवर्क कंपनी को यह तय करने में मदद करेगा कि भविष्य में प्रोडक्ट्स को कैसे विकसित किया जाए, मौजूदा रेसिपी में सुधार कैसे किया जाए और ग्राहकों तक उनकी जानकारी कैसे पहुंचाई जाए।
कंपनी के वैज्ञानिकों द्वारा तैयार इस फ्रेमवर्क में दुनिया के कई प्रमुख न्यूट्रिशन सिस्टम्स को आधार बनाया गया है। इसमें फ्रांस का Nutri-Score, ऑस्ट्रेलिया का Health Star Rating और ब्रिटेन का Nutrient Profile Model (HFSS) शामिल हैं।
इस सिस्टम के जरिए कंपनी अपने सभी प्रोडक्ट्स का मूल्यांकन करेगी। इसमें उन पोषक तत्वों को भी ध्यान में रखा जाएगा जिन्हें बढ़ावा दिया जाता है, जैसे फाइबर और प्रोटीन। वहीं, चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट जैसे तत्वों को कम करने पर भी जोर दिया जाएगा।
फिलहाल 10% बिक्री बेहतर न्यूट्रिशन वाले प्रोडक्ट्स से
pladis के मुताबिक, वर्तमान में उसके कुल प्रोडक्ट पोर्टफोलियो की बिक्री का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा ऐसे उत्पादों से आता है जिन्हें कंपनी के नए न्यूट्रिशन फ्रेमवर्क के अनुसार बेहतर संतुलन वाला माना गया है।
कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक इस हिस्से को दोगुना किया जाए। इसके लिए कंपनी लगातार अपने लोकप्रिय ब्रांड्स में सुधार कर रही है और नए हेल्दी स्नैक विकल्प पेश करने की तैयारी में है।
पहले भी किए जा चुके हैं कई बड़े बदलाव
pladis ने बताया कि वह पहले से ही अपने प्रोडक्ट्स को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी ने ब्रिटेन में अपनी कई रेसिपीज से अब तक 676 टन चीनी कम की है, जो लगभग 169 मिलियन चम्मच चीनी के बराबर है।
इसके अलावा नीदरलैंड में कंपनी ने अपने Sultana फ्रूट बिस्कुट में बदलाव किए हैं। इनमें चीनी और नमक की मात्रा कम की गई है और फाइबर की मात्रा बढ़ाई गई है।
वहीं, पिछले एक दशक में Ulker ने भी अपने उत्पादों में चीनी और नमक कम करने के साथ-साथ करीब 549 टन फैट कम किया है।
Happy People, Happy Planet रणनीति का हिस्सा
pladis का यह नया लक्ष्य उसकी हाल ही में लॉन्च की गई ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी स्ट्रेटेजी “Happy People, Happy Planet” का हिस्सा है। कंपनी का उद्देश्य अपने बिजनेस को ज्यादा जिम्मेदार और टिकाऊ बनाना है।
pladis में करीब 16,000 कर्मचारी काम करते हैं और कंपनी के प्रोडक्ट्स दुनिया के 110 से ज्यादा देशों में बेचे जाते हैं।
कंपनी का कहना है कि बेहतर न्यूट्रिशन वाले स्नैक्स की दिशा में यह कदम ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य के लिए एक मजबूत और संतुलित फूड पोर्टफोलियो तैयार करने में मदद करेगा।


