दुबई में Oracle डेटा सेंटर पर ईरान के हमले की अफवाहें फैलीं, लेकिन UAE ने इसे पूरी तरह खारिज किया। जानें क्या कहा UAE ने और क्या है स्थिति।
हाल ही में ईरान और अमेरिका/इज़राइल के बीच बढ़ती तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच, मीडिया में यह खबर आई कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दुबई में अमेरिकी टेक कंपनी Oracle के डेटा सेंटर पर हमला किया है। साथ ही, बहरीन में Amazon Web Services (AWS) से जुड़े एक डेटा सेंटर पर भी हमले की अफवाहें उड़ीं।
लेकिन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकार ने इन रिपोर्ट्स को पूरी तरह खारिज किया है और इसे “फेक न्यूज़” बताया है। दुबई गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस ने X (पूर्व ट्विटर) पर कहा कि IRGC द्वारा दुबई में किसी भी हमले का कोई आधार नहीं है।
अफवाहों की शुरुआत और IRGC के दावे
Fake News Alert pic.twitter.com/5JI4VLnxDL
— Dubai Media Office (@DXBMediaOffice) April 2, 2026 ईरानी मीडिया में यह खबर फैली कि IRGC ने अमेरिकी कंपनियों के डेटा सेंटरों को निशाना बनाया। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इज़राइल के साथ तनाव के चलते Microsoft, Google, Apple, Meta, Oracle, Intel, HP, IBM, Cisco, Dell, Palantir और Nvidia जैसे अमेरिकी फर्मों को टारगेट किया।
इरानी मीडिया ने दावा किया कि ये हमले US और इज़राइल की ओर से ईरान के स्टील प्लांट्स पर हवाई हमलों के जवाब में किए गए।
UAE की आधिकारिक प्रतिक्रिया
दुबई सरकार ने मीडिया में फैली इन अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया। दुबई मीडिया ऑफिस ने बताया कि ऐसी खबरें पूरी तरह से झूठ हैं और दुबई में Oracle के डेटा सेंटर या किसी अमेरिकी कंपनी पर किसी भी तरह का हमला नहीं हुआ।
अधिकारियों ने जनता से अपील की कि सिर्फ आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें और अफवाहों पर विश्वास न करें।
“Fake News Alert,” दुबई मीडिया ऑफिस ने X पर पोस्ट किया।
स्वतंत्र पुष्टि और वास्तविक स्थिति
- Oracle या Amazon की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि उनका कोई डेटा सेंटर हमले का शिकार हुआ है।
- कोई तीसरा पक्ष या रिपोर्ट इस हमले की पुष्टि नहीं कर सका।
- अब तक केवल ईरानी मीडिया के दावे और UAE की खंडन मौजूद हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में, जब मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा होता है, अफवाहें तेजी से फैलती हैं और कभी-कभी उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक संदेश देना होता है।
डेटा सेंटर और उनकी रणनीतिक अहमियत
आधुनिक युद्ध और सैन्य रणनीति में डेटा सेंटर की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डेटा सेंटर की सुरक्षा अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ गई है।
- अमेरिकी और इज़राइली फौजें AI सिस्टम्स का इस्तेमाल करते हुए रणनीतिक निर्णय लेने के लिए डेटा सेंटर पर भरोसा करती हैं।
- हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि जिन डेटा सेंटरों को IRGC ने निशाना बताया, वे सीधे अमेरिकी सैन्य ऑपरेशंस से जुड़ी थीं या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की रणनीति का मकसद खाड़ी देशों को अमेरिका के साथ उनके संबंधों के लिए चेतावनी देना हो सकता है।
अफवाहों का प्रसार और सोशल मीडिया
- मीडिया और सोशल प्लेटफ़ॉर्म्स पर तेज़ी से फैलने वाली अफवाहें आम जनता और निवेशकों में डर पैदा कर सकती हैं।
- UAE और अन्य खाड़ी देश इस समय मीडिया की निगरानी और fact-checking को सख्ती से लागू कर रहे हैं।
- विशेषज्ञों का सुझाव है कि किसी भी संवेदनशील घटना पर सिर्फ सरकारी या भरोसेमंद न्यूज़ एजेंसी की पुष्टि पर ही भरोसा करें।
निष्कर्ष
हालांकि ईरानी मीडिया ने दुबई में Oracle और बहरीन में AWS डेटा सेंटर पर हमले की खबरें दीं, UAE ने इसे पूरी तरह खारिज किया है। अब तक कोई स्वतंत्र या विश्वसनीय पुष्टि नहीं हुई है कि कोई हमले का असर हुआ है।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि मध्य पूर्व में तकनीकी और सैन्य लक्ष्यों के बारे में अफवाहें जल्दी फैल सकती हैं। डेटा सेंटर की सुरक्षा अब केवल कंपनियों के लिए ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है।
स्रोत:
- NDTV – Oracle Office in Dubai Hit? UAE Denies
- Times of India – IRGC Claims Attack on Oracle
- India Today – UAE Denies Attack
- The Hans India – Fact Check
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