Nifty Trade Setup: घरेलू शेयर बाजार में इस समय उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी का माहौल बना हुआ है। निफ्टी 50 अभी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है और टेक्निकल इंडिकेटर्स भी बाजार में कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं। ऐसे में एक्सपर्ट्स फिलहाल तेजी के दौरान मुनाफावसूली यानी ‘सेल ऑन रैली’ की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
4 सितंबर के कारोबारी सत्र में निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करता नजर आया और अंत में करीब 0.1 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। अब सोमवार के कारोबार में निवेशकों की नजर कुछ अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल पर रहेगी।
23,800-23,750 का जोन बेहद अहम

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक निफ्टी के लिए 23,800-23,750 का जोन फिलहाल अहम सपोर्ट एरिया है। अगर इंडेक्स इस पूरे सपोर्ट जोन के नीचे फिसलता है, तो शॉर्ट टर्म में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।
इस स्थिति में निफ्टी के लिए अगला महत्वपूर्ण स्तर 23,606 हो सकता है। यह जुलाई का निचला स्तर है और इसके आसपास बाजार में दोबारा खरीदारी देखने को मिल सकती है।
इसके विपरीत अगर निफ्टी कमजोरी से उबरता है तो 24,000 का स्तर पहला महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस होगा। इंडेक्स अगर मजबूती के साथ 24,000 के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो अगला लक्ष्य 24,200 की तरफ खुल सकता है।
24,200 इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह एक प्रमुख रेजिस्टेंस के साथ-साथ बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के आसपास का स्तर है।
निफ्टी 50 के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस
निफ्टी 50 का स्तर 23,898 रहने के आधार पर पिवट पॉइंट्स से जुड़े प्रमुख लेवल इस प्रकार हैं:
सपोर्ट लेवल:
- 23,891
- 23,865
- 23,823
रेजिस्टेंस लेवल:
- 23,975
- 24,001
- 24,043
इन स्तरों के बीच शुरुआती कारोबार में इंडेक्स की चाल महत्वपूर्ण रह सकती है। खासतौर पर 24,000 के ऊपर टिकाव बाजार में सकारात्मक सेंटीमेंट को मजबूत कर सकता है, जबकि 23,800-23,750 के नीचे कमजोरी बढ़ने का जोखिम रहेगा।
निफ्टी के चार्ट पर क्या संकेत मिल रहे हैं?
डेली चार्ट पर निफ्टी ने पिछले कारोबारी दिन की रेंज के भीतर एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई। इस कैंडल की ऊपरी शैडो लंबी रही, जो ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का संकेत देती है।
इंडेक्स अभी भी प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। इसके अलावा शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज का रुख भी नीचे की तरफ है।
मोमेंटम इंडिकेटर्स की बात करें तो RSI में थोड़ी रिकवरी देखने को मिली है, लेकिन यह 38.37 के स्तर पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना हुआ है। वहीं MACD भी जीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों के नीचे है।
हालांकि लगातार चार कारोबारी सत्रों तक बढ़ने के बाद रेड हिस्टोग्राम बार की तीव्रता कुछ कम हुई है। कुल मिलाकर टेक्निकल संकेत बताते हैं कि निफ्टी का शॉर्ट-टर्म रुझान अभी सावधानी से लेकर मंदी वाला बना हुआ है।
Bank Nifty में भी ऊपरी स्तरों पर दबाव
बैंक निफ्टी करीब 57,370 के स्तर पर रहा। इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ लगभग सपाट बंद हुआ। डेली चार्ट पर एक बेयरिश कैंडल बनी, जिसमें ऊपर की तरफ शैडो दिखाई दी।
यह पैटर्न संकेत देता है कि ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव अभी खत्म नहीं हुआ है।
बैंक निफ्टी लगातार चौथे कारोबारी सत्र में क्लोजिंग बेसिस पर अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर टिकने में सफल नहीं रहा। हालांकि पिछले दो सत्रों में इंडेक्स ने अपने 50-डे EMA को बनाए रखा है।
RSI करीब 48.22 पर रहा और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर देखने को मिला। दूसरी ओर MACD नीचे की तरफ बढ़ते हुए जीरो लाइन के नीचे पहुंच गया है। रेड हिस्टोग्राम बार में भी लगातार चौथे दिन बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इन संकेतों से पता चलता है कि बैंक निफ्टी का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमजोर है और ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव आगे भी बना रह सकता है।
Bank Nifty के सपोर्ट और रेजिस्टेंस
पिवट पॉइंट के आधार पर सपोर्ट:
- 57,322
- 57,239
- 57,105
पिवट पॉइंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 57,592
- 57,675
- 57,810
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट:
- 57,135
- 56,870
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 57,684
- 58,137
बैंक निफ्टी में 57,600 के आसपास का जोन शुरुआती कारोबार में अहम रह सकता है। इसके ऊपर मजबूती आने पर इंडेक्स में रिकवरी की गुंजाइश बढ़ सकती है, जबकि 57,100 के आसपास का सपोर्ट टूटने पर कमजोरी गहरा सकती है।
India VIX में 5.8% की गिरावट
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX 4 सितंबर को करीब 5.8 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया। यह लगातार दूसरा सत्र रहा जब VIX में गिरावट दर्ज की गई।
India VIX अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के नीचे कारोबार कर रहा है। इससे संकेत मिलता है कि फिलहाल बाजार में अपेक्षित वोलैटिलिटी कम हुई है।
हालांकि कम VIX को सीधे तेजी का संकेत नहीं माना जा सकता। निफ्टी के बड़े ट्रेंड और कमजोर टेक्निकल संकेतों को देखते हुए ट्रेडर्स को अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस के ब्रेकआउट का इंतजार करना बेहतर हो सकता है।
Nifty Put-Call Ratio बढ़कर 0.92
4 सितंबर को निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) बढ़कर 0.92 हो गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 0.80 था।
आमतौर पर 0.70 से ऊपर जाने वाला PCR बाजार में अपेक्षाकृत सकारात्मक सेंटीमेंट का संकेत माना जाता है, जबकि 0.70 से नीचे का स्तर कमजोरी की ओर इशारा कर सकता है।
हालांकि PCR को अकेले बाजार की दिशा तय करने वाला संकेत नहीं माना जाना चाहिए। इसे प्राइस एक्शन, ओपन इंटरेस्ट और दूसरे टेक्निकल इंडिकेटर्स के साथ देखना जरूरी है।
F&O Ban में ये शेयर शामिल
F&O सेगमेंट में उन शेयरों पर प्रतिबंध लगाया जाता है जिनमें डेरिवेटिव पोजीशन मार्केट-वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से अधिक हो जाती है।
नए शेयर शामिल: कोई नहीं
पहले से F&O Ban में शामिल शेयर:
- Inox Wind
- Kaynes Technology India
- LIC Housing Finance
- SAIL
F&O Ban से बाहर हुए शेयर: कोई नहीं
ट्रेडर्स के लिए क्या है संकेत?
मौजूदा टेक्निकल सेटअप को देखते हुए निफ्टी में 23,800-23,750 का सपोर्ट जोन सबसे अहम नजर आ रहा है। जब तक यह जोन कायम रहता है, इंडेक्स में सीमित रिकवरी की संभावना बनी रह सकती है।
वहीं 24,000-24,200 का जोन बाजार के लिए अगली बड़ी चुनौती होगा। 24,000 के ऊपर टिकाव आने पर तेजी को कुछ मजबूती मिल सकती है, जबकि 23,750 के नीचे फिसलने पर 23,606 की तरफ कमजोरी बढ़ सकती है।
ऐसे बाजार में ट्रेडर्स के लिए केवल एक स्तर के बजाय सपोर्ट-रेजिस्टेंस जोन, वॉल्यूम और प्राइस एक्शन को साथ में देखना महत्वपूर्ण रहेगा।
डिस्क्लेमर
यह लेख उपलब्ध बाजार आंकड़ों और टेक्निकल विश्लेषण पर आधारित है। इसमें दिए गए विचार और स्तर केवल जानकारी के उद्देश्य से हैं और इन्हें निवेश या ट्रेडिंग की सलाह नहीं माना जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। कोई भी निवेश या ट्रेडिंग निर्णय लेने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


