Kanohar Electricals IPO: ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल्स करीब 16 साल बाद एक बार फिर शेयर बाजार में दस्तक देने जा रही है। कंपनी का ₹1,055.74 करोड़ का IPO 8 सितंबर 2026 को खुलेगा। इस इश्यू में नए शेयर जारी करने के साथ-साथ ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए भी शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी ने IPO के लिए प्राइस बैंड ₹601 से ₹632 प्रति शेयर तय किया है।
Kanohar Electricals का IPO निवेशकों के लिए 8 सितंबर से 10 सितंबर तक खुला रहेगा। इससे पहले 7 सितंबर को एंकर निवेशकों के लिए बोली लगाने का मौका होगा। IPO के शेयरों का अलॉटमेंट 11 सितंबर को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि कंपनी के शेयर 16 सितंबर को NSE और BSE पर लिस्ट हो सकते हैं।
कंपनी पावर ट्रांसमिशन, रेलवे, रिन्यूएबल एनर्जी और पावर डिस्ट्रीब्यूशन जैसे सेक्टर के लिए ट्रांसफॉर्मर और अन्य इंजीनियरिंग सॉल्यूशन उपलब्ध कराती है। खास बात यह है कि Kanohar Electricals करीब 16 साल के अंतराल के बाद सार्वजनिक बाजार में वापसी कर रही है।
Kanohar Electricals IPO का पूरा गणित समझिए
कंपनी का कुल IPO साइज ₹1,055.74 करोड़ है। इसमें ₹300 करोड़ के 47.47 लाख नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसके अलावा ₹755.74 करोड़ के 1.20 करोड़ शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल के जरिए होगी।
OFS के तहत कंपनी की प्रमोटर K. Sons Family Trust अपने शेयर बेचेगी। चूंकि OFS से मिलने वाली रकम कंपनी के पास नहीं जाती, इसलिए IPO से कंपनी को मिलने वाली नई पूंजी मुख्य रूप से उसके कारोबार से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
IPO का प्राइस बैंड ₹601-₹632 प्रति शेयर रखा गया है और एक लॉट में 23 शेयर होंगे। यानी अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए ₹14,536 का निवेश करना होगा।
IPO की अहम तारीखें
| इवेंट | तारीख |
|---|---|
| एंकर निवेशकों की बोली | 7 सितंबर 2026 |
| IPO खुलने की तारीख | 8 सितंबर 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 10 सितंबर 2026 |
| अलॉटमेंट फाइनल | 11 सितंबर 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 16 सितंबर 2026 |
| प्राइस बैंड | ₹601-₹632 |
| लॉट साइज | 23 शेयर |
| IPO साइज | ₹1,055.74 करोड़ |
16 साल बाद शेयर बाजार में वापसी
Kanohar Electricals के IPO की सबसे खास बात इसकी शेयर बाजार में वापसी है। कंपनी पहली बार 1995 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। हालांकि, 2010 में कंपनी ने BSE, दिल्ली स्टॉक एक्सचेंज और उत्तर प्रदेश स्टॉक एक्सचेंज से स्वेच्छा से डीलिस्ट होने का फैसला किया था।
अब करीब 16 साल बाद कंपनी दोबारा IPO के जरिए सार्वजनिक बाजार में लौट रही है। ऐसे में कंपनी की पुरानी लिस्टिंग और अब होने वाली नई लिस्टिंग दोनों ही निवेशकों के लिए दिलचस्प पहलू हैं।
किन कारोबार में सक्रिय है कंपनी?
Kanohar Electricals मुख्य रूप से दो बिजनेस सेगमेंट में काम करती है।
1. ट्रांसफॉर्मर मैन्युफैक्चरिंग:
कंपनी अलग-अलग पावर और इंडस्ट्रियल जरूरतों के लिए ट्रांसफॉर्मर तैयार करती है। इसके ग्राहक पावर ट्रांसमिशन, पावर डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर से जुड़े हैं।
2. इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC):
कंपनी EPC से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है। इसके जरिए पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में इंजीनियरिंग से लेकर प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन तक की गतिविधियां शामिल होती हैं।
RDSO से मिला है खास सर्टिफिकेशन
Kanohar Electricals की एक महत्वपूर्ण खासियत उसका रेलवे सेक्टर से जुड़ा सर्टिफिकेशन है। कंपनी भारत की उन चार मैन्युफैक्चरर्स में शामिल है, जिन्हें 100 MVA 132 kV स्कॉट ट्रांसफॉर्मर बनाने के लिए Research Designs & Standards Organisation (RDSO) से सर्टिफिकेशन मिला है।
RDSO भारतीय रेलवे की रिसर्च और डेवलपमेंट शाखा है। रेलवे के लिए इस्तेमाल होने वाले इस तरह के ट्रांसफॉर्मर के निर्माण में सर्टिफिकेशन कंपनी की तकनीकी क्षमता और बाजार में उसकी स्थिति को मजबूत करने वाला पहलू माना जाता है।
कंपनी के प्रमोटर कौन हैं?
Kanohar Electricals के प्रमोटर्स में दिनेश सिंघल, आदेश सिंघल, विवेक सिंघल, अभिषेक सिंघल, विराट सिंघल और आदित्य सिंघल शामिल हैं।
IPO से मिलने वाले पैसों का क्या होगा?
कंपनी IPO के फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए करेगी। इसमें मुख्य रूप से कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी पूंजीगत खर्च, वर्किंग कैपिटल की जरूरतें और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों से जुड़े खर्च शामिल हैं।
यह पहल कंपनी को अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है।
IPO में किस निवेशक के लिए कितना हिस्सा रिजर्व?
Kanohar Electricals IPO में निवेशकों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए हिस्सा पहले से निर्धारित किया गया है।
- क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 50%
- रिटेल निवेशक: 35%
- नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII): 15%
IPO के लिए Nuvama Wealth Management और IIFL Capital Services बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं। इश्यू के रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी MUFG Intime India Pvt. Ltd. के पास है।
Kanohar Electricals की वित्तीय स्थिति कैसी है?
IPO से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में भी अच्छी तेजी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2025-26 में Kanohar Electricals का रेवेन्यू 45% बढ़कर ₹662.86 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले कंपनी का रेवेन्यू ₹457.30 करोड़ था।
कंपनी के मुनाफे में इससे भी तेज बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2025-26 में इसका शुद्ध मुनाफा करीब 99% बढ़कर ₹129.73 करोड़ हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹65.12 करोड़ था।
इस अवधि में कंपनी पर करीब ₹39 करोड़ की उधारी भी थी।
वित्तीय प्रदर्शन
| वित्तीय आंकड़ा | FY 2024-25 | FY 2025-26 |
|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹457.30 करोड़ | ₹662.86 करोड़ |
| शुद्ध मुनाफा | ₹65.12 करोड़ | ₹129.73 करोड़ |
| उधारी | — | ₹39 करोड़ |
GMP में शेयर का क्या हाल?
ग्रे मार्केट में Kanohar Electricals IPO के शेयर को लेकर भी गतिविधि देखने को मिल रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शेयर 32.44% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है।
हालांकि, निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता। ग्रे मार्केट एक अनऑथराइज्ड मार्केट है और वहां मौजूद प्रीमियम लिस्टिंग के समय मिलने वाले वास्तविक रिटर्न की गारंटी नहीं देता। IPO की लिस्टिंग प्राइस बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की मांग समेत कई कारकों पर निर्भर करती है।
निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
Kanohar Electricals IPO में निवेश से पहले सिर्फ GMP देखकर फैसला करना उचित नहीं होगा। कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन, ट्रांसफॉर्मर और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की संभावनाएं, ऑर्डर बुक, कर्ज, वैल्यूएशन और IPO से जुटाई जा रही पूंजी के इस्तेमाल जैसे पहलुओं को भी देखना जरूरी है।
कंपनी का करीब 16 साल बाद शेयर बाजार में लौटना निश्चित तौर पर IPO को चर्चा में रखता है। वहीं, रेवेन्यू और मुनाफे में मजबूत वृद्धि भी कंपनी की कहानी का सकारात्मक पक्ष है। दूसरी ओर, निवेशकों को सेक्टर से जुड़े जोखिम और IPO के वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर ही कोई फैसला लेना चाहिए।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचना और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। IPO और शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। ग्रे मार्केट प्रीमियम आधिकारिक या सुनिश्चित लिस्टिंग प्राइस का संकेत नहीं है। निवेश करने से पहले कंपनी के ऑफिशियल IPO दस्तावेजों और वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर या IPO में निवेश करने की सलाह नहीं देता।


