India-EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों का समर्थन हासिल है। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य देश समझौते को जल्द लागू करने की प्रक्रिया पूरी करना चाहते हैं।
मुंबई में आयोजित भारत-बेल्जियम उच्चस्तरीय संवाद को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि यूरोपीय संघ जैसे 27 देशों वाले समूह में किसी समझौते पर सभी सदस्यों की सहमति मिलना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उनके मुताबिक, भारत में भी इस समझौते को व्यापक समर्थन मिला है।
संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा का रखा गया ध्यान
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए पर बातचीत बेहद संतुलित तरीके से की गई है। दोनों पक्षों ने अपने-अपने संवेदनशील क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए समझौते की शर्तों को तैयार किया है।
उन्होंने भरोसा जताया कि समझौते को लेकर किसी भी पक्ष के संवेदनशील हितों से समझौता नहीं किया गया है। गोयल के अनुसार, यही वजह है कि भारत-ईयू एफटीए को लेकर किसी बड़े विरोध या असहमति की स्थिति सामने नहीं आई है।
कपड़ा, फुटवियर और मत्स्य क्षेत्र को मिल सकता है फायदा
भारत-ईयू एफटीए के लागू होने से देश के कई श्रम-प्रधान उद्योगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इनमें मत्स्य पालन, टेक्सटाइल और फुटवियर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इसके अलावा रसायन और फार्मास्युटिकल उत्पादों के निर्यात में भी बढ़ोतरी की संभावना है। यूरोपीय बाजार में भारतीय कंपनियों के लिए कारोबार के अवसर बढ़ने से निर्यात को गति मिल सकती है।
भारत के लिए यूरोपीय संघ एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है। ऐसे में व्यापार बाधाओं और शुल्क में कमी से दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच कारोबारी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर मुंबई पहुंचे
भारत-ईयू एफटीए पर चर्चा के बीच बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर शुक्रवार को नई दिल्ली से मुंबई पहुंचे। महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल एवं विपणन मंत्री जयकुमार रावल ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया।
मुंबई में बेल्जियम के प्रधानमंत्री हीरा कारोबार, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। इन मुलाकातों के जरिए दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
भारत-बेल्जियम व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच हुई बातचीत में दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया है।
मौजूदा करीब 13 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 26 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य भारत और बेल्जियम के बीच आर्थिक रिश्तों को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
निवेश के लिए बनेगा फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म
भारत और बेल्जियम ने बेल्जियम से भारत में निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्टमेंट फास्ट-ट्रैक मैकेनिज्म स्थापित करने पर भी सहमति जताई है।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच नियमित भारत-बेल्जियम बिजनेस फोरम की व्यवस्था को संस्थागत रूप देने का फैसला किया गया है। इसका उद्देश्य कारोबारियों और निवेशकों को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है।
बैठक में बेल्जियम के सॉवरेन वेल्थ फंड और भारत के नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। फिनटेक सेक्टर में साझेदारी के मुद्दे पर भी दोनों पक्षों ने विचार-विमर्श किया।
वैश्विक व्यापार में बढ़ते संरक्षणवाद के बीच समझौता अहम
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने भारत-ईयू एफटीए को वैश्विक व्यापार में बढ़ते संरक्षणवाद और अनिश्चितता के बीच एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि जब दुनिया के कई देश बाजारों को सीमित करने और टैरिफ बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, तब भारत और यूरोप ने साझेदारी और खुले व्यापार का रास्ता चुना है।
उनके मुताबिक, यह समझौता दोनों पक्षों के बीच विश्वास और सम्मान को दर्शाता है। साथ ही इससे भारत और यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक स्तर पर आने वाले व्यवधानों और दबावों का सामना करने में मजबूती मिल सकती है।
भारत के लिए क्यों अहम है India-EU FTA?
भारत और यूरोपीय संघ के बीच एफटीए से दोनों पक्षों के कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोपीय बाजार में अवसर बढ़ सकते हैं, जबकि यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत में निवेश और कारोबार का दायरा बढ़ सकता है।
खास तौर पर टेक्सटाइल, फुटवियर, मत्स्य, फार्मा और केमिकल जैसे क्षेत्रों के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि, एफटीए के वास्तविक फायदे इसके लागू होने के बाद व्यापार शर्तों और बाजार पहुंच पर निर्भर करेंगे।
कुल मिलाकर, भारत-ईयू एफटीए को सभी 27 यूरोपीय संघ देशों का समर्थन मिलना दोनों पक्षों के आर्थिक रिश्तों के लिए बड़ा घटनाक्रम है। वहीं, भारत और बेल्जियम द्वारा अगले पांच वर्षों में व्यापार को 13 अरब डॉलर से बढ़ाकर 26 अरब डॉलर करने का लक्ष्य दोनों देशों की बढ़ती आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है।


