India Weather Update: मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के पास बना लो-प्रेशर एरिया आने वाले दिनों में कई राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। IMD ने 10 सितंबर तक मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार और पहाड़ी राज्यों सहित कई इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है।
India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों तक बारिश का दौर जारी है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों के मौसम को लेकर महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य हिस्सों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया बना हुआ है। इसके अगले करीब दो दिनों तक लगभग स्थिर रहने की संभावना है। इसके अलावा एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 10 सितंबर तक मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। कुछ जगहों पर तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 सेंटीमीटर तक हुई बारिश
दैनिक मौसम परिचर्चा (04-09-2026)
(i) उत्तरी मध्य प्रदेश के मध्य भागों और उससे सटे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने 'वेल मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया' (अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र) के कारण, 4 और 5 सितंबर 2026 को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में, तथा 4 सितंबर…
— India Meteorological Department (@Indiametdept) September 4, 2026 पिछले 24 घंटों के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज हुई।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में भी मध्य भारत और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में सबसे ज्यादा बारिश का असर
लो-प्रेशर सिस्टम का सबसे ज्यादा असर मध्य प्रदेश और राजस्थान में देखने को मिल सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 4 और 5 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं, पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 सितंबर को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 से 6 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। 6 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 4 से 8 सितंबर तक मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है।
छत्तीसगढ़ में भी 4 सितंबर तथा 8 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
यूपी, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम बदलने वाला है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 4 और 5 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 6 सितंबर तक इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।
उत्तर प्रदेश में भी मानसून सक्रिय रहेगा। पश्चिमी यूपी में 4 से 6 सितंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
ऐसे में यूपी के कई जिलों में रहने वाले लोगों को अगले कुछ दिनों के दौरान जलभराव और खराब मौसम को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है।
उत्तराखंड से जम्मू-कश्मीर तक पहाड़ों में बारिश
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है। उत्तराखंड में 4 से 10 सितंबर तक कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है। वहीं जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 4 सितंबर को भारी बारिश के साथ तेज हवाएं और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के दौरान स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी और मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखना जरूरी होगा।
बिहार में 10 सितंबर तक कई दिन बारिश
पूर्वी भारत में भी मानसून की गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। बिहार में 5, 6 और 10 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है।
7 से 9 सितंबर के बीच बिहार के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। झारखंड में 9 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है, जबकि 8 से 10 सितंबर के दौरान राज्य में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 4 से 8 सितंबर तक लगातार बारिश होने की संभावना है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 4 सितंबर और 8-9 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है।
ओडिशा में 9 और 10 सितंबर के आसपास बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी 4 से 10 सितंबर के बीच बारिश और बिजली चमकने की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून रहेगा सक्रिय
पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में अगले एक सप्ताह तक मानसूनी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 4 से 10 सितंबर के बीच भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
कुछ इलाकों में तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति भी बन सकती है।
राजस्थान के साथ पश्चिमी भारत में कैसा रहेगा मौसम?
राजस्थान के अलावा पश्चिमी भारत के कई राज्यों में भी बारिश देखने को मिलेगी। कोंकण और गोवा में 4 से 10 सितंबर के बीच अधिकांश स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है।
गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में हल्की से मध्यम तथा कुछ स्थानों पर छिटपुट बारिश हो सकती है।
मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 4 सितंबर को गरज-चमक के साथ बिजली कड़कने की घटनाएं हो सकती हैं।
दक्षिण भारत में बारिश से ज्यादा तेज हवाओं का असर
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है। हालांकि कई तटीय और अंदरूनी इलाकों में तेज हवाएं और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 4 और 5 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में 4 से 6 सितंबर तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
तटीय कर्नाटक में 4 से 10 सितंबर के बीच बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। वहीं लक्षद्वीप में 9 और 10 सितंबर को व्यापक बारिश हो सकती है।
10 सितंबर तक किन राज्यों पर रहेगा ज्यादा असर?
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर के राज्य, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तटीय क्षेत्रों में मौसम खासा सक्रिय रह सकता है।
भारी बारिश के साथ कई जगहों पर गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।


