Success Story of Roman Saini: AIIMS से MBBS, UPSC में AIR 18 और फिर करोड़ों की कंपनी खड़ी करने का सफर
नई दिल्ली: कुछ लोग अपने करियर में एक मुकाम हासिल करने के बाद वहीं रुक जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो जोखिम लेकर बिल्कुल नई राह चुनते हैं। ऐसी ही कहानी है रोमन सैनी की, जिन्होंने डॉक्टर बनने के बाद UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की, महज 22 साल की उम्र में IAS अधिकारी बने और फिर करीब डेढ़ साल बाद सरकारी नौकरी छोड़कर उद्यमिता की राह पकड़ ली।
रोमन सैनी ने गौरव मुंजाल और हेमेश सिंह के साथ मिलकर Unacademy को एक बड़े एडटेक प्लेटफॉर्म के रूप में खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई। कभी प्रतियोगी परीक्षाओं की ऑनलाइन तैयारी कराने वाली कंपनी की वैल्यूएशन अरबों डॉलर तक पहुंच गई थी। अब Unacademy के upGrad द्वारा करीब 200 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1890 करोड़ रुपये में अधिग्रहण की खबर ने एक बार फिर रोमन सैनी के सफर को चर्चा में ला दिया है।
16 साल की उम्र में पास किया मेडिकल एंट्रेंस
रोमन सैनी की पढ़ाई और करियर की शुरुआत से ही उनकी प्रतिभा की झलक मिलने लगी थी। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास की और इसके बाद दिल्ली के प्रतिष्ठित AIIMS से MBBS की पढ़ाई पूरी की।
MBBS के बाद उन्होंने AIIMS में जूनियर रेजिडेंट के तौर पर भी काम किया। यानी उनके सामने डॉक्टर के रूप में एक स्थिर और प्रतिष्ठित करियर मौजूद था। लेकिन रोमन सैनी ने आगे चलकर एक बिल्कुल अलग दिशा चुनने का फैसला किया।
22 साल की उम्र में पास की UPSC परीक्षा
मेडिकल क्षेत्र में पढ़ाई और काम करने के बाद रोमन सैनी ने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में UPSC Civil Services Examination पास कर ली।
उन्हें परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 18 मिली और वह 2014 बैच के IAS अधिकारी बने। उन्हें मध्य प्रदेश कैडर आवंटित किया गया।
यह उपलब्धि अपने आप में बड़ी थी, लेकिन रोमन सैनी का करियर यहां भी ज्यादा समय तक नहीं रुका।
सिर्फ डेढ़ साल बाद छोड़ दी IAS की नौकरी
IAS जैसी प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी मिलने के करीब एक साल छह महीने बाद रोमन सैनी ने इस्तीफा दे दिया। उस समय वह UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाने से भी जुड़े हुए थे।
ऑनलाइन शिक्षा के दौरान उन्हें यह समझ आया कि टेक्नोलॉजी की मदद से बड़ी संख्या में छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाई जा सकती है। इसी विचार ने उन्हें पारंपरिक सरकारी नौकरी छोड़कर शिक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उतरने के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद उन्होंने गौरव मुंजाल और हेमेश सिंह के साथ मिलकर Unacademy को बिजनेस के रूप में विकसित करने पर काम शुरू किया।
YouTube वीडियो से शुरू हुआ था Unacademy का सफर
Unacademy की कहानी भी काफी दिलचस्प है। इसकी शुरुआत साल 2010 में गौरव मुंजाल के YouTube पर एजुकेशनल वीडियो अपलोड करने से हुई थी।
शुरुआत में यह एक साधारण ऑनलाइन एजुकेशन पहल थी, लेकिन 2015 में इसे औपचारिक बिजनेस का रूप दिया गया। रोमन सैनी और हेमेश सिंह भी इस सफर में गौरव मुंजाल के साथ जुड़े।
कंपनी का उद्देश्य टेक्नोलॉजी के जरिए शिक्षकों और छात्रों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ना था। शुरुआत में प्रतियोगी परीक्षाओं पर फोकस किया गया और बाद में IIT-JEE, NEET समेत कई अन्य परीक्षाओं की तैयारी को भी प्लेटफॉर्म का हिस्सा बनाया गया।
कोरोना महामारी में तेजी से बढ़ा Unacademy का कारोबार
कोरोना महामारी ने शिक्षा के पारंपरिक मॉडल को काफी हद तक बदल दिया। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के बंद होने के कारण ऑनलाइन एजुकेशन की मांग अचानक बढ़ गई।
इसका फायदा Unacademy समेत कई एडटेक कंपनियों को मिला। कंपनी ने तेजी से अपने शिक्षकों, कोर्स और यूजर्स का विस्तार किया।
रोमन सैनी के मुताबिक, कंपनी के चरम दौर में प्लेटफॉर्म पर हर महीने 1 लाख से ज्यादा लाइव क्लास आयोजित होती थीं और करीब 10 लाख पेड सब्सक्राइबर मौजूद थे।
हालांकि शुरुआती दौर आसान नहीं था। ऑनलाइन पढ़ाने के लिए अनुभवी और अच्छे शिक्षकों को प्लेटफॉर्म से जोड़ना बड़ी चुनौती थी। सैनी के अनुसार, शुरुआती दिनों में उन्होंने करीब 200 लोगों को फोन कर ऑनलाइन पढ़ाने के लिए राजी करने की कोशिश की थी।
2021 में 3.44 अरब डॉलर तक पहुंची वैल्यूएशन
Unacademy ने फंडिंग के जरिए भी तेजी से विस्तार किया। अगस्त 2021 में कंपनी ने Temasek की अगुवाई में 440 मिलियन डॉलर की Series H फंडिंग जुटाई।
इस फंडिंग राउंड में General Atlantic, Tiger Global, SoftBank Vision Fund 2 और Mirae Asset जैसे बड़े निवेशकों ने भी भाग लिया।
इसके बाद Unacademy की वैल्यूएशन करीब 3.44 अरब डॉलर, यानी उस समय के हिसाब से लगभग 32,628 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
कंपनी ने उस समय तक करीब 860 मिलियन डॉलर की कुल फंडिंग जुटाई थी। विस्तार की रणनीति के तहत Unacademy ने PrepLadder, Kreatryx, Coursavy और CodeChef जैसी कंपनियों का अधिग्रहण भी किया।
फिर बदला एडटेक मार्केट और धीमी हुई ग्रोथ
कोरोना महामारी खत्म होने के बाद छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई पर निर्भरता कम होने लगी। स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान धीरे-धीरे दोबारा खुल गए। इसका असर पूरे एडटेक सेक्टर पर पड़ा और कंपनियों की ग्रोथ पहले की तुलना में धीमी हो गई।
Unacademy भी इस बदलाव से अछूती नहीं रही। कंपनी की वैल्यूएशन अपने पीक स्तर से काफी नीचे आ गई।
यही वजह है कि अब upGrad द्वारा करीब 200 मिलियन डॉलर यानी लगभग 1890 करोड़ रुपये में Unacademy के अधिग्रहण की खबर खास चर्चा में है। यह रकम कंपनी की 2021 की 3.44 अरब डॉलर की पीक वैल्यूएशन की तुलना में काफी कम है।
डॉक्टर से IAS और फिर बने सफल उद्यमी
रोमन सैनी की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने करियर में कई बड़े मोड़ लिए। 16 साल की उम्र में मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास करने से लेकर AIIMS से MBBS करने, 22 साल की उम्र में UPSC पास कर IAS बनने और फिर सरकारी नौकरी छोड़कर स्टार्टअप की दुनिया में उतरने तक उनका सफर बेहद असाधारण रहा है।
Unacademy की सफलता और अब हुई करीब 1890 करोड़ रुपये की डील यह दिखाती है कि करियर में एक सुरक्षित रास्ता छोड़कर नया जोखिम उठाने का फैसला किस तरह बड़े बिजनेस अवसर में बदल सकता है।
हालांकि Unacademy की मौजूदा डील को उसकी 2021 की पीक वैल्यूएशन से जोड़कर देखना भी जरूरी है। यह अधिग्रहण उस दौर के एडटेक बूम और महामारी के बाद बदले बाजार के बीच कंपनी के सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा सकता है।


