Lumino Industries IPO Listing: ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज के शेयरों ने 3 सितंबर को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। ₹82 के फाइनल इश्यू प्राइस के मुकाबले कंपनी का शेयर NSE पर करीब 34% और BSE पर लगभग 33% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ। कंपनी के ₹700 करोड़ के IPO को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था और इश्यू कुल 124.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
NSE और BSE पर कितने रुपये में हुई लिस्टिंग?
ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज के शेयर की बाजार में एंट्री निवेशकों की उम्मीदों के मुताबिक मजबूत रही। कंपनी का फाइनल IPO इश्यू प्राइस ₹82 प्रति शेयर था।
- BSE पर लिस्टिंग: ₹109 प्रति शेयर
- NSE पर लिस्टिंग: ₹110 प्रति शेयर
- BSE प्रीमियम: करीब 33%
- NSE प्रीमियम: करीब 34%
लिस्टिंग के बाद भी शेयर में तेजी बनी रही। कारोबारी सत्र के अंत में BSE पर शेयर ₹110.39 पर बंद हुआ, जो लिस्टिंग प्राइस से 1% से अधिक की बढ़त है। वहीं NSE पर यह ₹110.32 के स्तर पर बंद हुआ, यानी लिस्टिंग प्राइस के मुकाबले करीब 0.29% ऊपर।
124 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था IPO
Lumino Industries के IPO को सभी कैटेगरी के निवेशकों से जोरदार प्रतिक्रिया मिली। ₹700 करोड़ का पब्लिक इश्यू कुल 124.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
कैटेगरी के हिसाब से सब्सक्रिप्शन इस तरह रहा:
| कैटेगरी | सब्सक्रिप्शन |
|---|---|
| Qualified Institutional Buyers (QIB) | 232.79 गुना |
| Non-Institutional Investors (NII) | 185.21 गुना |
| Retail Investors | 40.27 गुना |
| Employees | 12.37 गुना |
| कुल | 124.02 गुना |
IPO की लिस्टिंग से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से करीब ₹207 करोड़ जुटाए थे। एंकर निवेशकों की भागीदारी ने भी इश्यू को लेकर बाजार की मजबूत दिलचस्पी को दिखाया।
क्या कारोबार करती है Lumino Industries?
Lumino Industries एक इंटीग्रेटेड Engineering, Procurement and Construction (EPC) कंपनी है। इसका कारोबार मुख्य रूप से पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े उत्पादों तथा EPC प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित है।
कंपनी भारत की बड़ी EPC कंपनियों को अपने उत्पादों की सप्लाई करती है। इसके अलावा इसके ग्राहक इंटरनेशनल मार्केट में भी मौजूद हैं।
कंपनी के प्रमुख उत्पादों और कारोबार में शामिल हैं:
- एल्युमीनियम कंडक्टर
- पावर केबल
- इलेक्ट्रिकल वायर
- हाई-टेंपरेचर लो-सैग (HTLS) कंडक्टर
- पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े उत्पाद
HTLS कंडक्टर का इस्तेमाल ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों की क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। यह कंपनी के कारोबार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
EPC बिजनेस में किन क्षेत्रों में काम करती है कंपनी?
Lumino Industries का EPC कारोबार भी काफी विविध है। कंपनी अलग-अलग पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में सेवाएं देती है।
इसके EPC बिजनेस में मुख्य रूप से शामिल हैं:
- पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन
- रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन
- HTLS री-कंडक्टरिंग
- EHV सबस्टेशन
- सोलर पावर प्रोजेक्ट्स
- वॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट्स
इस तरह कंपनी मैन्युफैक्चरिंग और EPC, दोनों क्षेत्रों में मौजूदगी रखती है। पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े प्रोजेक्ट्स में संभावित बढ़ोतरी कंपनी के लिए भविष्य में कारोबारी अवसर पैदा कर सकती है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
Lumino Industries के वित्तीय प्रदर्शन में भी सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 7% बढ़कर ₹2,089.31 करोड़ पहुंच गया।
इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा करीब 28% बढ़कर ₹160 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,946.68 करोड़ और नेट प्रॉफिट ₹124.59 करोड़ था।
| वित्तीय आंकड़े | FY 2024-25 | FY 2025-26 |
|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹1,946.68 करोड़ | ₹2,089.31 करोड़ |
| शुद्ध मुनाफा | ₹124.59 करोड़ | ₹160 करोड़ |
हालांकि, कंपनी पर वित्त वर्ष 2025-26 में करीब ₹384.16 करोड़ की उधारी भी थी। इसलिए कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को समझते समय ग्रोथ के साथ उसके कर्ज स्तर पर भी नजर रखना जरूरी है।
IPO से मिले पैसों का क्या करेगी कंपनी?
Lumino Industries ने IPO से जुटाई जाने वाली रकम के इस्तेमाल के लिए कई उद्देश्य तय किए हैं। नए शेयर जारी करके मिलने वाली रकम का एक बड़ा हिस्सा कंपनी कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करेगी।
इसके अलावा मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में:
- नए उपकरण और मशीनरी खरीदना
- सिविल वर्क
- इंटीरियर डेवलपमेंट
जैसे कामों के लिए भी IPO की रकम का इस्तेमाल किया जाएगा। बची हुई राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखती है मजबूत लिस्टिंग?
IPO की 34% तक की प्रीमियम लिस्टिंग से शुरुआती निवेशकों को मजबूत लिस्टिंग गेन मिला। खास तौर पर यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि IPO को 124 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला था।
हालांकि, लिस्टिंग पर मिला फायदा भविष्य में शेयर के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होता। कंपनी के कारोबार की ग्रोथ, कर्ज, मुनाफे, EPC ऑर्डर, पावर सेक्टर की मांग और शेयर के वैल्यूएशन जैसे पहलुओं पर आगे भी नजर रखना जरूरी होगा।
इसलिए केवल मजबूत लिस्टिंग देखकर निवेश का फैसला लेने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखना बेहतर है।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक या IPO में निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों और अन्य संबंधित जानकारियों का अध्ययन करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता।


