हवाई सफर के दौरान सिक्योरिटी चेक पर सबसे ज्यादा समय तब लगता है, जब बैग में प्रतिबंधित या नियमों के हिसाब से पैक न किया गया सामान मिल जाता है। अगर फ्लाइट से पहले केबिन बैग को सही तरीके से पैक कर लें और लिक्विड, बैटरी व नुकीली चीजों से जुड़े नियम समझ लें, तो एयरपोर्ट पर होने वाली अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है।
Flight Travel Tips: फ्लाइट से सफर करते समय सामान पैक करना जितना आसान लगता है, एयरपोर्ट सिक्योरिटी चेक पर उतना ही जरूरी हो जाता है कि बैग में क्या रखा गया है। कई यात्री जल्दबाजी में ऐसी चीजें केबिन बैग में रख लेते हैं, जिन्हें चेक-इन बैगेज में रखना बेहतर होता है। इसका नतीजा यह होता है कि सिक्योरिटी चेक के दौरान बैग खोलना पड़ता है और कई बार सामान बाहर निकालकर दोबारा पैक करना पड़ता है।
खास तौर पर लिक्विड, पावर बैंक, एक्स्ट्रा लिथियम बैटरी, नुकीले सामान और कुछ खाने-पीने की चीजों को लेकर यात्रियों के बीच काफी कन्फ्यूजन रहता है। इसलिए फ्लाइट पकड़ने से पहले बैग को एक बार नियमों के हिसाब से चेक कर लेना समझदारी है।

1. सबसे पहले चेक करें केबिन बैग का वजन और साइज
केबिन बैग पैक करते समय सिर्फ वजन पर ध्यान देना काफी नहीं है। एयरलाइन के नियमों के मुताबिक बैग का साइज और वजन दोनों तय सीमा में होना चाहिए।
कई भारतीय एयरलाइंस में इकोनॉमी क्लास के यात्रियों के लिए केबिन बैगेज की सामान्य सीमा करीब 7 किलो होती है, लेकिन यह एयरलाइन, टिकट फेयर और क्लास के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन की बैगेज पॉलिसी जरूर देख लें।
अगर बैग वजन या साइज की तय सीमा से बड़ा है, तो उसे गेट या चेक-इन काउंटर पर चेक-इन बैगेज में भेजने के लिए कहा जा सकता है।
टिप: घर से निकलने से पहले बैग का वजन कर लें। इससे एयरपोर्ट पर आखिरी समय में सामान निकालने की नौबत नहीं आएगी।
2. पर्सनल बैग में सिर्फ जरूरी सामान रखें
केबिन बैग के अलावा कुछ एयरलाइंस छोटे पर्सनल आइटम जैसे हैंडबैग, लैपटॉप बैग या छोटा बैकपैक ले जाने की अनुमति देती हैं। इसे इतना बड़ा या भारी न करें कि सामने वाली सीट के नीचे रखने में परेशानी हो।
पर्सनल बैग में आप आमतौर पर ये जरूरी चीजें रख सकते हैं:
- पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेज
- मोबाइल और चार्जिंग केबल
- वॉलेट
- दवाइयां
- लैपटॉप या टैबलेट
- ईयरफोन
- जरूरी छोटे इलेक्ट्रॉनिक सामान
जरूरी सामान अलग और आसानी से पहुंचने वाले बैग में रहेगा तो सिक्योरिटी चेक और बोर्डिंग दोनों के दौरान सुविधा होगी।
3. लिक्विड पैक करते समय 100 ml वाला नियम याद रखें
केबिन बैग की पैकिंग में सबसे ज्यादा ध्यान लिक्विड, जेल, क्रीम और एरोसोल पर देना चाहिए। सामान्य एयरपोर्ट सिक्योरिटी नियमों के तहत ऐसे कंटेनर की क्षमता 100 ml या उससे कम होनी चाहिए।
यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है। अगर किसी 200 ml की बोतल में सिर्फ 20 ml प्रोडक्ट बचा है, तब भी कंटेनर की क्षमता 200 ml ही मानी जाएगी। इसलिए बड़ी बोतल में कम मात्रा होने के बावजूद उसे केबिन बैग में ले जाने में दिक्कत हो सकती है।
शैंपू, परफ्यूम, टूथपेस्ट, क्रीम, लोशन और अन्य लिक्विड सामान को छोटे ट्रैवल कंटेनर में रखना बेहतर है। इन्हें पारदर्शी, दोबारा बंद होने वाले पाउच में रखने से सिक्योरिटी चेक के दौरान सामान दिखाना भी आसान रहता है।
4. पावर बैंक और एक्स्ट्रा बैटरी को चेक-इन बैग में न डालें
यात्रियों को इलेक्ट्रॉनिक सामान पैक करते समय बैटरी से जुड़े नियमों का खास ध्यान रखना चाहिए। पावर बैंक और अलग रखी गई स्पेयर लिथियम बैटरी को आम तौर पर चेक-इन बैगेज में नहीं रखा जाता। इन्हें केबिन बैगेज में रखना जरूरी हो सकता है।
लैपटॉप, कैमरा और मोबाइल जैसे महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी अपने साथ रखना ज्यादा सुरक्षित रहता है।
हालांकि बैटरी की क्षमता और एयरलाइन के नियमों के आधार पर अतिरिक्त शर्तें लागू हो सकती हैं। इसलिए पावर बैंक या बड़ी क्षमता वाली बैटरी ले जाने से पहले संबंधित एयरलाइन के नियम जरूर जांच लें।
5. चाकू, ब्लेड और औजार जैसी चीजें केबिन बैग में न रखें
केबिन बैग में ऐसी चीजें रखने से बचें जिन्हें सिक्योरिटी स्टाफ सुरक्षा के लिहाज से प्रतिबंधित मान सकता है।
उदाहरण के तौर पर:
- चाकू
- ब्लेड
- कैंची
- प्लायर
- रिंच
- अन्य नुकीले औजार
इनमें से कुछ सामान को केबिन में ले जाने की अनुमति नहीं होती या उन पर विशेष नियम लागू हो सकते हैं। अगर किसी खास वस्तु को लेकर संदेह है, तो उसे पैक करने से पहले एयरलाइन और एयरपोर्ट सिक्योरिटी के आधिकारिक नियम देखना बेहतर है।
6. खाना ले जा रहे हैं तो पैकिंग पर दें ध्यान
फ्लाइट में घर का खाना या स्नैक्स ले जाने को लेकर भी यात्रियों के मन में कई सवाल रहते हैं। कई तरह के ठोस भोजन और सूखे स्नैक्स यात्रा के दौरान साथ ले जाए जा सकते हैं, लेकिन नियम एयरलाइन, एयरपोर्ट और घरेलू या इंटरनेशनल यात्रा के अनुसार बदल सकते हैं।
सूखे स्नैक्स को अच्छी तरह पैक करके रखना सुविधाजनक रहता है। वहीं ऐसी चीजें जिनमें ज्यादा तरल या ग्रेवी हो, उनके लिए अलग नियम लागू हो सकते हैं।
इंटरनेशनल ट्रैवल में फल, मीट, डेयरी और अन्य खाद्य पदार्थों पर गंतव्य देश के कस्टम और बायोसिक्योरिटी नियम भी लागू हो सकते हैं। इसलिए विदेश यात्रा में सिर्फ एयरपोर्ट सिक्योरिटी ही नहीं, गंतव्य देश के नियम भी जरूर देखें।
7. महंगी चीजें चेक-इन बैगेज में रखने से बचें
पासपोर्ट, पैसे, ज्वेलरी, कैमरा, लैपटॉप, जरूरी दस्तावेज और दूसरे कीमती सामान को चेक-इन बैगेज में रखने के बजाय अपने केबिन बैग में रखना बेहतर होता है।
इसके अलावा जिन चीजों की यात्रा के दौरान तुरंत जरूरत पड़ सकती है, उन्हें भी आसानी से पहुंचने वाली जगह पर रखें।
एक छोटी सी पैकिंग रणनीति काफी काम आती है—जिस सामान की जरूरत फ्लाइट के दौरान पड़ सकती है, उसे ऊपर रखें और जिस चीज की जरूरत सिर्फ होटल पहुंचने के बाद होगी, उसे नीचे पैक करें।
एयरपोर्ट सिक्योरिटी चेक आसान बनाने के लिए अपनाएं ये आदतें
एयरपोर्ट पहुंचने से पहले पांच मिनट निकालकर अपना केबिन बैग दोबारा चेक कर लें। देखें कि कहीं कोई बड़ी लिक्विड बोतल, नुकीली चीज या ऐसा इलेक्ट्रॉनिक सामान तो नहीं है जिसे अलग तरीके से पैक करना जरूरी हो।
साथ ही:
- लिक्विड सामान को एक जगह रखें।
- पावर बैंक को आसानी से निकालने वाली जगह पर रखें।
- पासपोर्ट और बोर्डिंग डॉक्यूमेंट अलग रखें।
- बैग को जरूरत से ज्यादा न भरें।
- एयरलाइन की मौजूदा बैगेज लिमिट पहले ही देख लें।
- इंटरनेशनल यात्रा में कस्टम नियम भी जांच लें।
निष्कर्ष
एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी चेक में देरी से बचने का सबसे आसान तरीका है कि बैग को आखिरी समय में नहीं, बल्कि घर से ही नियमों के हिसाब से पैक किया जाए। केबिन बैग का वजन और साइज, 100 ml लिक्विड नियम, पावर बैंक और बैटरी की पैकिंग तथा प्रतिबंधित सामान की जानकारी पहले से होने पर चेकिंग के दौरान अनावश्यक परेशानी कम हो सकती है।
हालांकि बैगेज और सिक्योरिटी नियम एयरलाइन, एयरपोर्ट और यात्रा के प्रकार के अनुसार बदल सकते हैं। इसलिए फ्लाइट से पहले संबंधित एयरलाइन और एयरपोर्ट के ताजा नियम जरूर जांच लें।


