Mahindra Group New Chief Strategy Officer: महिंद्रा ग्रुप ने अपनी टॉप लीडरशिप टीम में बड़ा बदलाव किया है। ग्रुप ने श्वेता आर्या (Shweta Arya) को नया ग्रुप चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर (Group Chief Strategy Officer) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 15 सितंबर 2026 से प्रभावी होगी। खास बात यह है कि इस अहम रणनीतिक पद पर महिंद्रा परिवार के किसी सदस्य के बजाय एक अनुभवी प्रोफेशनल को जिम्मेदारी दी गई है।
श्वेता आर्या महिंद्रा ग्रुप की ग्रुप स्ट्रैटेजी ऑफिस का नेतृत्व करेंगी। उनकी जिम्मेदारी ग्रुप के अलग-अलग कारोबारों में विकास के नए अवसरों की पहचान करने, बिजनेस पोर्टफोलियो में वैल्यू बढ़ाने और लंबे समय के लिए रणनीतिक बढ़त तैयार करने की होगी।
वह महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड की सीनियर मैनेजमेंट टीम का हिस्सा भी बनेंगी। इसके साथ ही वह ग्रुप एग्जीक्यूटिव बोर्ड में शामिल होंगी और सीधे महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप CEO और MD अनीश शाह को रिपोर्ट करेंगी।
श्वेता आर्या को मिली बड़ी जिम्मेदारी
महिंद्रा ग्रुप में चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर का पद काफी अहम माना जाता है, क्योंकि इस भूमिका में ग्रुप के अलग-अलग कारोबारों की रणनीति और भविष्य की ग्रोथ को लेकर महत्वपूर्ण फैसलों में योगदान देना होता है।
नई भूमिका में श्वेता आर्या का मुख्य फोकस महिंद्रा ग्रुप के विभिन्न बिजनेस में मौजूद संभावनाओं को पहचानने और उन्हें लंबे समय के लिए वैल्यू क्रिएशन में बदलने पर होगा।
उनकी जिम्मेदारियों में मुख्य रूप से:
- महिंद्रा ग्रुप के अलग-अलग कारोबारों में नए ग्रोथ अवसर तलाशना
- बिजनेस पोर्टफोलियो की रणनीतिक दिशा तय करने में योगदान देना
- अलग-अलग कंपनियों और कारोबारों के बीच तालमेल बढ़ाने के अवसर तलाशना
- लंबे समय के लिए वैल्यू क्रिएशन की रणनीति तैयार करना
- ग्रुप को बदलते कारोबारी माहौल में रणनीतिक बढ़त दिलाने में मदद करना
इस नियुक्ति को महिंद्रा ग्रुप की उस व्यापक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें कंपनी अपने विविध कारोबारों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर ग्रुप की कुल वैल्यू बढ़ाने पर जोर दे रही है।
23 साल से ज्यादा का अनुभव
श्वेता आर्या के पास विभिन्न सेक्टरों और बड़ी कंपनियों में काम करने का 23 साल से ज्यादा का अनुभव है। उनका करियर ऑटोमोटिव, ट्रैवल, फाइनेंशियल सर्विसेज और टेलीकॉम जैसे कई क्षेत्रों से जुड़ा रहा है।
महिंद्रा ग्रुप में शामिल होने से पहले वह कमिंस इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर रह चुकी हैं। वहां उन्होंने कंपनी की ग्रोथ, कस्टमर सक्सेस, टैलेंट डेवलपमेंट और वर्कप्लेस कल्चर को आगे बढ़ाने से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं।
कमिंस इंडिया में उनका अनुभव विशेष रूप से इसलिए अहम माना जा सकता है क्योंकि ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल सेक्टर में काम करने के दौरान उन्होंने बिजनेस ग्रोथ और संगठनात्मक बदलाव से जुड़े कई पहलुओं पर काम किया।
Thomas Cook India और Kearney में भी किया काम
कमिंस से पहले श्वेता आर्या Thomas Cook India में स्ट्रैटेजी और M&A यानी मर्जर एवं एक्विजिशन से जुड़ी जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं।
इसके अलावा उन्होंने ग्लोबल मैनेजमेंट कंसल्टिंग फर्म Kearney में भी कई भूमिकाओं में काम किया है। उनका प्रोफेशनल अनुभव यहीं तक सीमित नहीं है। उन्होंने Infosys में भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है।
इस तरह उनका करियर कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी, कंसल्टिंग, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और लीडरशिप का लंबा अनुभव समेटे हुए है।
अनीश शाह ने किया नियुक्ति का स्वागत
महिंद्रा ग्रुप के ग्रुप CEO और MD अनीश शाह ने श्वेता आर्या की नियुक्ति का स्वागत किया है। उनके मुताबिक, आर्या का ग्रोथ को आगे बढ़ाने, रणनीति तैयार करने और बदलाव के दौर में नेतृत्व करने का अनुभव ग्रुप के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
महिंद्रा ग्रुप इस समय कई अलग-अलग सेक्टरों में कारोबार कर रहा है। ऐसे में ग्रुप स्ट्रैटेजी ऑफिस की भूमिका केवल किसी एक कंपनी के बिजनेस तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पूरे पोर्टफोलियो में भविष्य के अवसरों को पहचानने और पूंजी व संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है।
कहां से की है पढ़ाई?
श्वेता आर्या ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद (IIM Ahmedabad) से MBA किया है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है।
उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और दो दशक से ज्यादा का कॉर्पोरेट अनुभव उन्हें रणनीतिक नेतृत्व की भूमिका के लिए मजबूत प्रोफाइल देता है।
आर्या अपने प्रोफेशनल करियर में डाइवर्सिटी, इंक्लूजन और महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़े कई इनिशिएटिव्स में भी शामिल रही हैं।
महिंद्रा ग्रुप के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति?
महिंद्रा ग्रुप का कारोबार कई अलग-अलग क्षेत्रों में फैला हुआ है। ऑटोमोबाइल से लेकर फाइनेंशियल सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और अन्य बिजनेस तक ग्रुप का पोर्टफोलियो काफी विविध है।
ऐसे में ग्रुप स्ट्रैटेजी ऑफिस की जिम्मेदारी केवल नए कारोबार तलाशना नहीं, बल्कि मौजूदा बिजनेस में ग्रोथ की संभावनाओं को समझना और अलग-अलग कंपनियों के बीच संभावित तालमेल तलाशना भी है।
श्वेता आर्या की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब महिंद्रा ग्रुप अपने विविध कारोबारों में लंबी अवधि की ग्रोथ और वैल्यू क्रिएशन पर फोकस कर रहा है। उनकी स्ट्रैटेजी और M&A की पृष्ठभूमि इस भूमिका में खास तौर पर उपयोगी हो सकती है।
परिवार से बाहर प्रोफेशनल लीडरशिप का बढ़ता महत्व
महिंद्रा ग्रुप की यह नियुक्ति कॉर्पोरेट लीडरशिप के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। बड़े कारोबारी समूहों में रणनीतिक और ऑपरेशनल भूमिकाओं के लिए अनुभवी प्रोफेशनल्स को जिम्मेदारी देना अब सामान्य कॉर्पोरेट मॉडल का हिस्सा बन चुका है।
श्वेता आर्या को इतनी अहम जिम्मेदारी दिया जाना भी इस बात को दिखाता है कि महिंद्रा ग्रुप अपने भविष्य के बिजनेस विस्तार और रणनीतिक फैसलों में अनुभवी प्रोफेशनल लीडरशिप का इस्तेमाल करना चाहता है।
हालांकि उनकी नई भूमिका का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में ग्रुप के अलग-अलग कारोबारों में लिए जाने वाले रणनीतिक फैसलों और नए ग्रोथ अवसरों पर दिखाई देगा।
15 सितंबर से संभालेंगी पद
श्वेता आर्या 15 सितंबर 2026 से महिंद्रा ग्रुप की नई ग्रुप चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी। वह ग्रुप स्ट्रैटेजी ऑफिस को लीड करने के साथ-साथ सीनियर मैनेजमेंट टीम और ग्रुप एग्जीक्यूटिव बोर्ड का हिस्सा होंगी।
उनका फोकस महिंद्रा ग्रुप के विविध कारोबारों में नए अवसर तलाशने, बिजनेस के बीच तालमेल बढ़ाने और लंबे समय में शेयरहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन को मजबूत करने पर रहेगा।
कुल मिलाकर, श्वेता आर्या की नियुक्ति महिंद्रा ग्रुप की रणनीतिक लीडरशिप में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। 23 साल से अधिक के अनुभव, स्ट्रैटेजी और M&A की समझ तथा बड़े कॉर्पोरेट संगठनों में नेतृत्व के अनुभव के साथ उनसे ग्रुप की भविष्य की ग्रोथ रणनीति में अहम भूमिका निभाने की उम्मीद है।


