भारत सरकार ने White Rabbit Technology आधारित Indian Standard Time (IST) Distribution Demonstration Network लॉन्च किया है। जानिए यह तकनीक क्या है, कैसे काम करती है और इससे देश को क्या फायदे होंगे।
नई दिल्ली: भारत सरकार ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को और अधिक सुरक्षित, सटीक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बेंगलुरु के जक्कूर स्थित रीजनल रेफरेंस स्टैंडर्ड्स लेबोरेटरी (RRSL) में White Rabbit Technology पर आधारित Indian Standard Time (IST) Distribution Demonstration Network का शुभारंभ किया।
यह परियोजना सरकार के महत्वाकांक्षी “One Nation, One Time” (एक राष्ट्र, एक समय) विजन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में एक समान, अत्यधिक सटीक और सुरक्षित समय प्रणाली स्थापित करना है।
क्या है White Rabbit Technology?
White Rabbit Technology दुनिया की सबसे आधुनिक हाई-प्रिसिजन टाइम सिंक्रोनाइजेशन तकनीकों में से एक है। इसे यूरोप की प्रसिद्ध वैज्ञानिक संस्था CERN ने विकसित किया है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क के माध्यम से जुड़े हजारों उपकरणों को एक नैनोसेकंड (Nanosecond) से भी कम समय की त्रुटि के साथ सिंक्रोनाइज कर सकती है।
डेटा ट्रांसफर के दौरान होने वाली बेहद सूक्ष्म देरी (Latency) को भी यह तकनीक लगभग समाप्त कर देती है, जिससे सभी सिस्टम एक ही समय मानक पर काम करते हैं।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
White Rabbit Technology सामान्य नेटवर्क टाइम प्रोटोकॉल (NTP) से कहीं अधिक एडवांस है। यह फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क के जरिए जुड़े उपकरणों के बीच लगातार समय का आदान-प्रदान करती है और नेटवर्क में होने वाली देरी को मापकर उसे स्वतः ठीक करती रहती है।
इस प्रक्रिया के कारण सभी डिवाइस लगभग एक ही समय पर संचालित होते हैं, जिससे अत्यधिक सटीकता की जरूरत वाले सिस्टम बिना किसी गड़बड़ी के काम कर पाते हैं।
भारत ने इसे क्यों अपनाया?
अब तक भारत के कई महत्वपूर्ण डिजिटल सिस्टम समय निर्धारण के लिए GPS जैसे विदेशी स्रोतों पर निर्भर रहते थे। यदि इन बाहरी सिस्टम में किसी तरह की तकनीकी समस्या, साइबर हमला या सिग्नल में बाधा आती, तो कई महत्वपूर्ण सेवाएं प्रभावित हो सकती थीं।
नई IST Distribution Network के जरिए भारत अब अपना स्वदेशी और सुरक्षित समय वितरण नेटवर्क तैयार कर रहा है, जिससे विदेशी सिस्टम पर निर्भरता काफी कम होगी।
सरकार का मानना है कि इससे डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) भी मजबूत होगी।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
White Rabbit Technology का सबसे बड़ा लाभ उन क्षेत्रों को मिलेगा जहां समय की बेहद सटीक गणना जरूरी होती है।
1. शेयर बाजार और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग
स्टॉक एक्सचेंजों में हर सेकंड लाखों ट्रेड होते हैं। कुछ माइक्रोसेकंड की देरी भी करोड़ों रुपये का अंतर पैदा कर सकती है। नई तकनीक ट्रेडिंग सिस्टम को अधिक सटीक बनाएगी।
2. डिजिटल बैंकिंग और UPI
ऑनलाइन पेमेंट, RTGS, NEFT और UPI जैसे सिस्टम में लेनदेन का सही समय दर्ज होना बेहद जरूरी है। इससे ट्रांजैक्शन की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
3. दूरसंचार नेटवर्क
5G और भविष्य के 6G नेटवर्क के लिए अत्यधिक सटीक टाइम सिंक्रोनाइजेशन जरूरी है। White Rabbit Technology नेटवर्क की गुणवत्ता और स्थिरता को बेहतर बनाएगी।
4. राष्ट्रीय पावर ग्रिड
देश के बिजली ग्रिड में विभिन्न स्टेशनों के बीच समय का तालमेल अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। नई तकनीक बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाने में मदद करेगी।
5. रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र
सुरक्षा, निगरानी और अंतरिक्ष मिशनों में भी सटीक समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। यह तकनीक इन क्षेत्रों की क्षमता को और मजबूत करेगी।
One Nation, One Time मिशन क्या है?
सरकार का उद्देश्य पूरे देश में एक समान, विश्वसनीय और सुरक्षित भारतीय मानक समय (Indian Standard Time) उपलब्ध कराना है।
इसके तहत सभी सरकारी संस्थान, वित्तीय संस्थाएं, उद्योग, दूरसंचार कंपनियां और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाएं एक ही प्रमाणित समय प्रणाली का उपयोग करेंगी।
इससे समय से जुड़ी किसी भी तरह की असमानता या भ्रम की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी।
GPS पर निर्भरता क्यों कम होगी?
GPS समय प्रणाली अमेरिका सहित अन्य देशों के उपग्रहों पर आधारित होती है। यदि किसी कारण से GPS सेवा बाधित होती है या उस पर साइबर हमला होता है, तो कई डिजिटल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
नई भारतीय प्रणाली इस जोखिम को कम करेगी और देश के महत्वपूर्ण डिजिटल नेटवर्क को अधिक सुरक्षित बनाएगी।
कौन-कौन सी संस्थाएं इस परियोजना से जुड़ी हैं?
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को कई प्रमुख संस्थानों के सहयोग से विकसित किया गया है।
- उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय का लीगल मेट्रोलॉजी डिवीजन (नोडल एजेंसी)
- नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (NPL)
- ISRO
- BSNL
- SEBI
इन संस्थानों ने मिलकर भारत के लिए स्वदेशी समय वितरण नेटवर्क तैयार किया है।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगी प्रणाली
सरकार के अनुसार यह नई प्रणाली वैश्विक Coordinated Universal Time (UTC) मानकों के अनुरूप कार्य करेगी। इससे भारत का समय नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को बनाए रखते हुए पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय रहेगा।
डिजिटल इंडिया को मिलेगी नई ताकत
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 5G, स्मार्ट ग्रिड, स्वायत्त वाहन, इंडस्ट्री 4.0 और डिजिटल गवर्नेंस जैसी तकनीकों के लिए अत्यधिक सटीक समय प्रणाली की आवश्यकता और बढ़ेगी।
White Rabbit Technology पर आधारित IST नेटवर्क भारत के डिजिटल भविष्य की मजबूत नींव साबित हो सकता है। इससे न केवल साइबर सुरक्षा मजबूत होगी बल्कि वित्तीय बाजार, बैंकिंग, दूरसंचार, ऊर्जा और सरकारी सेवाओं की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।


