Vodafone Idea Share Price: वोडाफोन आइडिया के शेयरों में आगे तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म सिटी ने कंपनी के शेयर पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹17 का टारगेट प्राइस दिया है। 20 अगस्त को दोपहर करीब 2 बजे वोडाफोन आइडिया का शेयर 0.71 फीसदी की गिरावट के साथ ₹13.97 पर कारोबार कर रहा था। इस स्तर से देखें तो सिटी का टारगेट शेयर में करीब 22 फीसदी की संभावित तेजी का संकेत देता है।
सब्सक्राइबर्स की स्थिति में सुधार
सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, वोडाफोन आइडिया के सब्सक्राइबर्स से जुड़े आंकड़ों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। कंपनी के ARPU यानी Average Revenue Per User में लगातार सुधार इसका अहम संकेत है।
ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी ने नेटवर्क में जो निवेश किया है, उसका असर अब कारोबार पर दिखाई देने लगा है। बेहतर नेटवर्क कवरेज से ग्राहक जोड़ने की क्षमता में सुधार हुआ है और कंपनी की कमाई की संभावनाएं भी मजबूत होती दिख रही हैं।
फंड जुटाने पर कंपनी का फोकस
वोडाफोन आइडिया के मैनेजमेंट के साथ बातचीत के बाद सिटी ने कंपनी की फंड जुटाने की कोशिशों को भी अहम माना है। कंपनी के सामने नेटवर्क विस्तार और 5G रोलआउट के लिए पर्याप्त पूंजी जुटाना एक महत्वपूर्ण चुनौती है।
सिटी के अनुसार, मैनेजमेंट को जल्द फंड जुटाने की उम्मीद है। कंपनी को प्रमोटर्स की ओर से भी समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, AGR बकाये को लेकर सरकार से मिली राहत ने कंपनी की वित्तीय स्थिति पर दबाव कुछ कम किया है।
ARPU बढ़कर ₹195 हुआ
वोडाफोन आइडिया के लिए सबसे सकारात्मक संकेतों में से एक ARPU में लगातार बढ़ोतरी है। जून तिमाही में कंपनी का ARPU बढ़कर ₹195 हो गया, जबकि मार्च तिमाही में यह ₹177 था।
सालाना आधार पर भी कंपनी के ARPU में 10.2 फीसदी की वृद्धि हुई है। इसका मतलब है कि कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों से पहले की तुलना में ज्यादा औसत कमाई कर रही है।
कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या जून के अंत में करीब 19.31 करोड़ रही। वोडाफोन और आइडिया के विलय के बाद यह पहली तिमाही रही, जब कंपनी के ग्राहक आधार में बढ़ोतरी देखने को मिली।
एक साल में 105% से ज्यादा चढ़ा शेयर
वोडाफोन आइडिया के शेयर ने पिछले एक साल में निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। इस अवधि में शेयर की कीमत 105 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है, यानी करीब एक साल में शेयर का भाव दोगुने से भी अधिक हो गया।
इसके बावजूद कंपनी के सामने कई चुनौतियां बनी हुई हैं। टेलीकॉम सेक्टर में नेटवर्क विस्तार, 5G में निवेश, फंड जुटाना और मजबूत प्रतिस्पर्धा इसके लिए बड़े मुद्दे हैं।
भारत के प्राइवेट टेलीकॉम बाजार में फिलहाल तीन प्रमुख कंपनियां हैं—रिलायंस जियो, भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया। ऐसे में वोडाफोन आइडिया के लिए ग्राहकों की संख्या बढ़ाना और ARPU में सुधार बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
सिटी का ₹17 का टारगेट मौजूदा कीमत से करीब 22 फीसदी ऊपर है। ब्रोकरेज की सकारात्मक राय का आधार सब्सक्राइबर ग्रोथ, ARPU में सुधार, नेटवर्क निवेश का फायदा और फंड जुटाने की संभावनाएं हैं।
हालांकि, वोडाफोन आइडिया अभी भी कर्ज और पूंजी की जरूरत जैसी चुनौतियों से जूझ रही है। इसलिए केवल ब्रोकरेज के टारगेट के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेशकों को कंपनी की फंडिंग स्थिति, ग्राहक संख्या, ARPU और आगामी तिमाहियों के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए।
नोट: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


