STAGE OTT Platform: भारत में OTT का नाम आते ही Netflix और Amazon Prime Video जैसे बड़े प्लेटफॉर्म याद आते हैं। हालांकि, इसी बाजार में एक देसी और रीजनल OTT प्लेटफॉर्म ने अपनी अलग पहचान बनाई है। नोएडा स्थित STAGE ने हरियाणवी, राजस्थानी, भोजपुरी समेत स्थानीय भाषाओं और बोलियों के कंटेंट पर फोकस करके तेजी से अपना कारोबार बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक, FY24 से FY26 के बीच उसका रेवेन्यू करीब 6.3 गुना बढ़ा है।
2 साल में 6.3 गुना बढ़ा STAGE का रेवेन्यू
STAGE ने भारत के OTT बाजार में एक ऐसे सेगमेंट को टारगेट किया, जिसे लंबे समय तक बड़े प्लेटफॉर्म्स ने सीमित बाजार मानकर नजरअंदाज किया। कंपनी ने शुरुआत हरियाणवी और राजस्थानी कंटेंट से की थी। अब इसका कंटेंट करीब 6 भाषा क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, FY24 से FY26 के दौरान STAGE के रेवेन्यू में 6.3 गुना वृद्धि हुई। इस अवधि में कंपनी का सालाना कंपाउंडेड ग्रोथ रेट (CAGR) करीब 150% रहा।
FICCI-EY की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय डिजिटल वीडियो और OTT बाजार में STAGE की हिस्सेदारी करीब 1.6% तक पहुंच गई है। यह आंकड़ा दिखाता है कि स्थानीय भाषाओं और बोलियों पर आधारित कंटेंट के लिए भी देश में बड़ा दर्शक वर्ग मौजूद है।
22 भाषाएं और 1,900 से ज्यादा बोलियां
STAGE के सह-संस्थापक और CEO विनय सिंघल के मुताबिक, भारत में 22 आधिकारिक भाषाओं के अलावा 1,900 से ज्यादा बोलियां हैं। इसके बावजूद OTT इंडस्ट्री में लंबे समय तक मुख्य रूप से कुछ चुनिंदा भाषाओं पर ही बड़े स्तर पर निवेश हुआ।
STAGE ने इसी गैप को अपना बिजनेस मॉडल बनाया। कंपनी का फोकस स्थानीय भाषा, संस्कृति और क्षेत्रीय कहानियों को दर्शकों तक पहुंचाने पर है। हरियाणवी और राजस्थानी के बाद भोजपुरी जैसे बड़े भाषा बाजारों में विस्तार इसी रणनीति का हिस्सा है।
यह मॉडल इसलिए भी अहम है क्योंकि क्षेत्रीय भाषाओं में OTT कंटेंट की मांग लगातार बढ़ी है। स्थानीय बोली में कहानी देखने पर दर्शकों को किरदारों और कथानक से ज्यादा जुड़ाव महसूस होता है।
99.2% कमाई सिर्फ सब्सक्रिप्शन से
STAGE की कमाई का एक खास पहलू इसका सब्सक्रिप्शन-ओनली मॉडल है। कंपनी विज्ञापन आधारित मॉडल पर निर्भर रहने के बजाय यूजर्स से सब्सक्रिप्शन फीस लेकर कमाई करती है।
FY26 में कंपनी के कुल रेवेन्यू का 99.2% हिस्सा यूजर सब्सक्रिप्शन से आया। यानी इसकी कमाई में विज्ञापन की भूमिका बेहद सीमित है।
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पुराने ग्राहक भी बड़ी संख्या में दोबारा प्लेटफॉर्म से जुड़ रहे हैं। Q1 FY27 में कुल सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू का 80.3% हिस्सा पुराने यूजर्स के रिन्यूअल और रिएक्टिवेशन से आया।
FY24 में यह आंकड़ा केवल 30.4% था। यानी समय के साथ STAGE के पुराने ग्राहक प्लेटफॉर्म पर दोबारा लौटने और अपना सब्सक्रिप्शन जारी रखने लगे हैं। कंपनी के लिए यह एक मजबूत संकेत माना जा सकता है, क्योंकि इससे ग्राहक बनाए रखने की क्षमता का पता चलता है।
AI से कम लागत में तैयार हो रहा कंटेंट
STAGE ने अपने कंटेंट प्रोडक्शन को किफायती बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल भी बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक, AI की मदद से ओरिजिनल शो और फिल्मों के निर्माण में लगने वाला समय और लागत दोनों कम करने में मदद मिली है।
यह खास तौर पर उन भाषाओं और बोलियों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां दर्शकों की संख्या राष्ट्रीय भाषाओं के मुकाबले कम हो सकती है। पारंपरिक तरीके से महंगा कंटेंट बनाना ऐसे बाजारों में मुश्किल हो सकता है, लेकिन AI आधारित प्रोडक्शन मॉडल से लागत कम होने पर छोटे भाषा बाजार भी व्यावसायिक रूप से आकर्षक बन सकते हैं।
क्या रीजनल OTT का दौर लौट रहा है?
STAGE की कहानी यह संकेत देती है कि भारतीय OTT बाजार में केवल बड़े बजट और हिंदी-अंग्रेजी कंटेंट ही सफलता की गारंटी नहीं हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में दर्शकों की अपनी भाषा और बोली में कंटेंट देखने की मजबूत मांग है।
हरियाणवी और भोजपुरी जैसी बोलियों में कंटेंट तैयार करके STAGE ने इसी मांग को बिजनेस अवसर में बदला है। रेवेन्यू में 6.3 गुना वृद्धि और सब्सक्रिप्शन रिन्यूअल में आया उछाल बताता है कि लोकल कंटेंट के लिए भुगतान करने वाले दर्शकों का बाजार भी तेजी से विकसित हो रहा है।
अगर यह मॉडल दूसरी भारतीय बोलियों और क्षेत्रीय बाजारों में भी सफल रहता है, तो आने वाले समय में OTT इंडस्ट्री में ‘लोकल लैंग्वेज, ग्लोबल प्लेटफॉर्म’ के बजाय ‘लोकल लैंग्वेज, लोकल कंटेंट और लोकल ऑडियंस’ पर आधारित कई नए प्लेटफॉर्म उभर सकते हैं।


