नई दिल्ली: देश की सबसे आधुनिक और तेज रफ्तार ट्रेनों में शामिल वंदे भारत एक्सप्रेस लगातार यात्रियों की पहली पसंद बनती जा रही है। बेहतर सुविधाएं, कम यात्रा समय और आरामदायक सफर की वजह से इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। इसका असर रेलवे की कमाई पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दक्षिणी रेलवे के आंकड़ों के अनुसार तिरुवनंतपुरम-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 20632) ने कमाई और टिकट बुकिंग दोनों मामलों में नया रिकॉर्ड बना दिया है।
अगस्त से अक्टूबर 2025 के बीच इस ट्रेन ने करीब ₹73.35 लाख का राजस्व अर्जित किया। इसी अवधि में 11,896 टिकट बुकिंग दर्ज की गईं, जो दक्षिणी रेलवे की सभी वंदे भारत ट्रेनों में सबसे अधिक हैं। यह उपलब्धि इस बात का संकेत है कि यात्रियों का भरोसा वंदे भारत ट्रेनों पर लगातार बढ़ रहा है।
सबसे ज्यादा कमाई करने वाली वंदे भारत ट्रेन बनी
दक्षिणी रेलवे के अंतर्गत तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को जोड़ने वाली कुल 24 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं संचालित हो रही हैं। इनमें तिरुवनंतपुरम-मंगलुरु रूट सबसे अधिक राजस्व अर्जित करने वाला रूट साबित हुआ।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस रूट पर नियमित यात्रियों के अलावा बिजनेस ट्रैवलर्स और पर्यटकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि ट्रेन की सीटों की मांग लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है।
टिकट बुकिंग में भी सबसे आगे
कमाई के साथ-साथ टिकट बुकिंग के मामले में भी इस ट्रेन ने नया रिकॉर्ड बनाया।
अगस्त से अक्टूबर 2025 के बीच प्रमुख वंदे भारत ट्रेनों की टिकट बुकिंग इस प्रकार रही—
- तिरुवनंतपुरम-मंगलुरु वंदे भारत – 11,896 बुकिंग
- चेन्नई एग्मोर-नागरकोइल वंदे भारत – 2,832 बुकिंग
- कोयंबटूर-बेंगलुरु छावनी वंदे भारत – 835 बुकिंग
इन आंकड़ों से साफ है कि यह रूट यात्रियों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय बन चुका है।
लगातार बढ़ रही है यात्रियों की संख्या
दक्षिणी रेलवे की वंदे भारत ट्रेनों में यात्रियों की संख्या हर साल तेजी से बढ़ रही है। इसके साथ रेलवे की आय में भी लगातार इजाफा हो रहा है।
2024-25
- कुल यात्री: 54.12 लाख
- कुल कमाई: ₹540.65 करोड़
2025-26
- कुल यात्री: 77.38 लाख
- कुल कमाई: ₹803.86 करोड़
2026-27 (अप्रैल-मई)
- कुल यात्री: 15.21 लाख
- कुल कमाई: ₹162.96 करोड़
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे के लिए सबसे सफल प्रीमियम ट्रेनों में शामिल होती जा रही है।
कई रूट पर 100% से ज्यादा ऑक्युपेंसी
दक्षिणी रेलवे के कई वंदे भारत रूटों पर सीटों की मांग इतनी अधिक है कि कई बार 100 प्रतिशत से ज्यादा ऑक्युपेंसी दर्ज की जा रही है।
इन प्रमुख रूटों पर लगातार भारी मांग बनी हुई है—
- मंगलुरु – तिरुवनंतपुरम
- चेन्नई एग्मोर – नागरकोइल
- कासरगोड – तिरुवनंतपुरम
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों, छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान इन ट्रेनों में सीटें काफी पहले ही भर जाती हैं।
अब ट्रेन चलने से 15 मिनट पहले तक होगी टिकट बुकिंग
यात्रियों की सुविधा को देखते हुए दक्षिणी रेलवे ने करंट टिकट बुकिंग सिस्टम को और आसान बना दिया है।
अब यदि ट्रेन में सीट खाली है तो यात्री ट्रेन रवाना होने से 15 मिनट पहले तक टिकट बुक करा सकते हैं। यह सुविधा केवल शुरुआती स्टेशन पर ही नहीं बल्कि रास्ते के प्रमुख स्टेशनों से भी उपलब्ध है।
रेलवे ने पहले इस व्यवस्था को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया था। इसके सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद इसे अधिक ट्रेनों में लागू किया जा रहा है। इससे खाली सीटों का बेहतर उपयोग हो रहा है और रेलवे की आय में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
क्यों बढ़ रही है वंदे भारत की लोकप्रियता?
विशेषज्ञों के अनुसार वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता बढ़ने के पीछे कई कारण हैं।
- कम यात्रा समय
- आधुनिक और आरामदायक कोच
- बेहतर सुरक्षा सुविधाएं
- स्वचालित दरवाजे
- ऑनबोर्ड कैटरिंग
- आरामदायक सीटें
- समय पर संचालन
इन्हीं सुविधाओं की वजह से अब बड़ी संख्या में यात्री पारंपरिक एक्सप्रेस ट्रेनों की बजाय वंदे भारत को प्राथमिकता दे रहे हैं।
आगे और बढ़ सकती है कमाई
भारतीय रेलवे देशभर में लगातार नई वंदे भारत ट्रेनों की शुरुआत कर रहा है। जिन रूटों पर यात्रियों की मांग अधिक है, वहां सेवाओं की संख्या बढ़ाने की भी योजना है। यदि यात्रियों की यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में वंदे भारत एक्सप्रेस रेलवे की आय बढ़ाने में और बड़ी भूमिका निभा सकती है।


