NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    tcs-openai-india-ai-data-center-vizag-pune-ambani-adani-competition
    डेटा के मैदान में अंबानी-अदाणी को चुनौती देगा TATA! OpenAI से संभावित साझेदारी के बीच AI डेटा सेंटर रेस हुई तेज
    21 जुलाई 2026
    anil-agarwal-vedanta-promoter-stake-reduced-june-2026-fii-holding-increased
    अनिल अग्रवाल ने क्यों बेचे वेदांता के शेयर? कंपनी में घटी प्रमोटर हिस्सेदारी, विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा
    21 जुलाई 2026
    ethanol-cooking-fuel-policy-lpg-alternative-india
    LPG सिलेंडर को मिलेगी चुनौती! अब इथेनॉल से भी पकेगा खाना, सरकार बना रही नई नीति
    21 जुलाई 2026
    india-uk-ceta-british-products-price-impact-india-hindi
    India-UK CETA: भारत आएगा विलायती सामान, लेकिन अभी सस्ते नहीं होंगे प्रोडक्ट! जानिए क्यों तुरंत नहीं मिलेगा फायदा
    21 जुलाई 2026
    mobile-phone-manufacturing-scheme-62500-crore-mpms-60000-jobs-india
    मोबाइल इंडस्ट्री को ₹62,500 करोड़ का बूस्टर डोज! 60 हजार लोगों को मिलेगी नौकरी, भारत बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब
    21 जुलाई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    21-july-2026-petrol-diesel-price-today
    Petrol Diesel Price Today: अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कच्चे तेल में उतार-चढ़ाव, जानिए आपके शहर में आज पेट्रोल-डीजल का नया रेट
    21 जुलाई 2026
    crude-oil-price-brent-crosses-91-dollar-petrol-diesel-price-impact-india
    Crude Oil में महाउछाल! $90 के पार निकला ब्रेंट, क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?
    20 जुलाई 2026
    gold-silver-crude-oil-market-outlook-next-week-middle-east-tension-hindi
    गोल्ड से लेकर क्रूड ऑयल तक बड़ा अलर्ट! अगले सप्ताह मेटल मार्केट में आ सकता है बड़ा उतार-चढ़ाव, जानिए किन स्तरों पर रहेगी नजर
    19 जुलाई 2026
    petrol-diesel-price-today-18-july-2026-wti-crude-brent-oil-price-india
    Petrol Diesel: WTI क्रूड एक हफ्ते में 11% से ज्यादा उछला, ब्रेंट फिर 88 डॉलर के पार, जानें आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल का रेट
    18 जुलाई 2026
    crude-oil-price-imf-three-shock-absorbers-prevented-global-oil-crisis
    Crude Oil Price: 1 या 2 नहीं, पूरे 3 ‘शॉक एब्जॉर्बर्स’ ने बचाई दुनिया! IMF ने बताया क्यों नहीं भड़की तेल की कीमतें
    17 जुलाई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    trading-plan-nifty-24000-ke-upar-24500-target
    Trading Plan: 24,000 के ऊपर निफ्टी रहा तो 24,500 का लक्ष्य संभव, एक्सपर्ट बोले- PSU बैंकों की तेजी से बाजार को मिला सहारा
    21 जुलाई 2026
    paytm-share-price-q1-results-clsa-citi-target-price-stock-falls
    Paytm Share Price: शानदार Q1 नतीजों के बाद भी 2% फिसला शेयर, जानें गिरावट की वजह और ब्रोकरेज की राय
    21 जुलाई 2026
    ultratech-cement-share-price-q1-results-jefferies-clsa-target-price-hindi
    UltraTech Cement Share Price: दमदार तिमाही नतीजों से शेयर में आई तेजी, ब्रोकरेज ने दिया ₹14,000 से ऊपर का टारगेट
    21 जुलाई 2026
    market-cues-today-trade-setup-nifty-bank-nifty-support-resistance-levels-hindi
    Market Cues: सीमित दायरे में रह सकता है बाजार, आज इन अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस लेवल्स पर रखें नजर
    21 जुलाई 2026
    millworks-tech-ipo-listing-share-listed-at-90-percent-premium-upper-circuit
    Millworks Tech IPO Listing: पहले दिन ही पैसा लगभग डबल, ₹331 का शेयर 90% प्रीमियम पर लिस्ट, फिर लगा अपर सर्किट
    21 जुलाई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: US-China Agreement: चीन ने नहीं मानी अमेरिका की बात! ट्रंप-शी समझौते के बावजूद रेयर-अर्थ सप्लाई कम, भारत के लिए खुला बड़ा मौका
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

US-China Agreement: चीन ने नहीं मानी अमेरिका की बात! ट्रंप-शी समझौते के बावजूद रेयर-अर्थ सप्लाई कम, भारत के लिए खुला बड़ा मौका

Namam Sharma
Last updated: 2026/07/20 at 10:04 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
6 Min Read
us-china-agreement-rare-earth-magnet-export-india-opportunity
SHARE

US-China Agreement: अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच हुए समझौते के बावजूद चीन से अमेरिका को होने वाला रेयर-अर्थ मैग्नेट का निर्यात पहले के मुकाबले काफी कम बना हुआ है। यह स्थिति केवल दोनों देशों के रिश्तों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के लिए भी बड़े रणनीतिक और आर्थिक अवसर लेकर आ सकती है।

Contents
ट्रंप-शी समझौते के बाद भी नहीं सुधरी स्थितिरेयर-अर्थ मैग्नेट क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण?चीन ने अमेरिका को कितना कम किया निर्यात?अमेरिका क्यों है चिंतित?चीन का दबदबा क्यों बना हुआ है?अमेरिका के सामने क्या चुनौती है?भारत के लिए क्या है बड़ा अवसर?1. ‘चाइना+1’ रणनीति को मिलेगा बढ़ावा2. विदेशी निवेश बढ़ सकता है3. मैन्युफैक्चरिंग हब बनने का मौका4. रक्षा क्षेत्र को मिलेगा फायदा5. इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को मिलेगा समर्थनभारत को किन क्षेत्रों पर करना होगा फोकस?निष्कर्ष

ट्रंप-शी समझौते के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति

अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर को कम करने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच समझौता हुआ था। इस समझौते का सबसे अहम हिस्सा यह था कि चीन रेयर-अर्थ मैग्नेट और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक कच्चे माल की आपूर्ति सामान्य बनाए रखेगा।

लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि समझौते के बावजूद चीन ने अमेरिका को होने वाली सप्लाई पूरी तरह सामान्य नहीं की है। इससे वॉशिंगटन में चिंता बढ़ गई है कि बीजिंग समझौते की भावना के अनुरूप कदम नहीं उठा रहा।


रेयर-अर्थ मैग्नेट क्यों हैं इतने महत्वपूर्ण?

रेयर-अर्थ मैग्नेट आधुनिक उद्योगों की रीढ़ माने जाते हैं। इनका उपयोग कई हाई-टेक सेक्टर में होता है, जैसे—

  • इलेक्ट्रिक वाहन (EV)
  • विंड टर्बाइन
  • सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स
  • फैक्ट्री ऑटोमेशन
  • रोबोटिक्स
  • रक्षा उपकरण और मिसाइल सिस्टम
  • एयरोस्पेस इंडस्ट्री

यदि इनकी सप्लाई बाधित होती है तो पूरी मैन्युफैक्चरिंग चेन प्रभावित हो सकती है।


चीन ने अमेरिका को कितना कम किया निर्यात?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कस्टम्स डेटा के हवाले से बताया गया है कि 2026 की पहली छमाही में अमेरिका को रेयर-अर्थ मैग्नेट की औसत मासिक शिपमेंट केवल 479 टन रही, जबकि 2022 से 2024 के बीच इसका औसत 586 टन प्रति माह था।

यानी मौजूदा निर्यात पहले के सामान्य स्तर की तुलना में लगभग 20% कम बना हुआ है।

ध्यान देने वाली बात यह भी है कि इन आंकड़ों में उन मैग्नेट को शामिल नहीं किया गया है जो तैयार उत्पादों के हिस्से के रूप में निर्यात किए जाते हैं।


अमेरिका क्यों है चिंतित?

व्हाइट हाउस और अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के अधिकारियों का मानना है कि चीन समझौते की अमेरिकी व्याख्या के अनुसार पूरी तरह पालन नहीं कर रहा है।

अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने भी स्वीकार किया कि रेयर-अर्थ निर्यात को लेकर चीन का अनुपालन “पूरी तरह संतोषजनक नहीं” है।

हालांकि, ट्रंप प्रशासन फिलहाल इस विवाद को और ज्यादा बढ़ाने से बचता नजर आ रहा है ताकि दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया जारी रह सके।


चीन का दबदबा क्यों बना हुआ है?

दुनिया में रेयर-अर्थ मैग्नेट के उत्पादन और प्रोसेसिंग में चीन का दबदबा बेहद मजबूत है।

मुख्य कारण हैं—

  • वैश्विक उत्पादन में 90% से अधिक हिस्सेदारी
  • विशाल प्रोसेसिंग क्षमता
  • स्थापित सप्लाई चेन
  • कम उत्पादन लागत
  • सरकारी समर्थन

इसी वजह से अमेरिका समेत कई विकसित देश अभी भी चीन पर काफी हद तक निर्भर हैं।


अमेरिका के सामने क्या चुनौती है?

अमेरिका लंबे समय से चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वैकल्पिक सप्लाई चेन तैयार करना आसान नहीं है।

नई खदानें विकसित करने, प्रोसेसिंग प्लांट लगाने और मैग्नेट निर्माण क्षमता बढ़ाने में कई वर्षों का समय और अरबों डॉलर का निवेश लगेगा।

तब तक अमेरिकी ऑटोमोबाइल, रक्षा और हाई-टेक उद्योगों को चीन से आने वाली सप्लाई पर काफी हद तक निर्भर रहना पड़ेगा।


भारत के लिए क्या है बड़ा अवसर?

अमेरिका-चीन के बीच जारी तनाव भारत के लिए एक बड़ा रणनीतिक अवसर बन सकता है।

1. ‘चाइना+1’ रणनीति को मिलेगा बढ़ावा

दुनियाभर की कंपनियां चीन के विकल्प की तलाश कर रही हैं। भारत इस रणनीति का सबसे बड़ा लाभार्थी बन सकता है।

2. विदेशी निवेश बढ़ सकता है

रेयर-अर्थ खनन, प्रोसेसिंग और मैग्नेट निर्माण में अमेरिका, जापान और यूरोपीय कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा सकती हैं।

3. मैन्युफैक्चरिंग हब बनने का मौका

यदि भारत समय रहते इंफ्रास्ट्रक्चर और नीतिगत सुधार करता है, तो वह वैश्विक सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।

4. रक्षा क्षेत्र को मिलेगा फायदा

रेयर-अर्थ की घरेलू उपलब्धता बढ़ने से भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता मजबूत होगी और आयात पर निर्भरता घट सकती है।

5. इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को मिलेगा समर्थन

EV, बैटरी और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए आवश्यक मैग्नेट देश में बनने लगें तो उत्पादन लागत और सप्लाई जोखिम दोनों कम हो सकते हैं।


भारत को किन क्षेत्रों पर करना होगा फोकस?

भारत इस अवसर का पूरा लाभ तभी उठा सकेगा जब वह—

  • रेयर-अर्थ खनन को बढ़ावा दे।
  • प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग क्षमता विकसित करे।
  • मैग्नेट निर्माण उद्योग में निवेश आकर्षित करे।
  • वैश्विक कंपनियों के साथ तकनीकी साझेदारी बढ़ाए।
  • नीतिगत मंजूरियों और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाए।

निष्कर्ष

अमेरिका और चीन के बीच हुआ व्यापारिक समझौता अभी जमीन पर पूरी तरह सफल होता नहीं दिख रहा। चीन से अमेरिका को रेयर-अर्थ मैग्नेट की आपूर्ति अब भी पहले के स्तर से काफी कम है, जिससे दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी साफ नजर आती है। दूसरी ओर, यह स्थिति भारत के लिए वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी भूमिका मजबूत करने का सुनहरा अवसर लेकर आई है। यदि भारत रेयर-अर्थ, मैन्युफैक्चरिंग और हाई-टेक उत्पादन में तेजी से निवेश आकर्षित करता है, तो आने वाले वर्षों में वह चीन के विकल्प के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

You Might Also Like

डेटा के मैदान में अंबानी-अदाणी को चुनौती देगा TATA! OpenAI से संभावित साझेदारी के बीच AI डेटा सेंटर रेस हुई तेज

अनिल अग्रवाल ने क्यों बेचे वेदांता के शेयर? कंपनी में घटी प्रमोटर हिस्सेदारी, विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा

LPG सिलेंडर को मिलेगी चुनौती! अब इथेनॉल से भी पकेगा खाना, सरकार बना रही नई नीति

India-UK CETA: भारत आएगा विलायती सामान, लेकिन अभी सस्ते नहीं होंगे प्रोडक्ट! जानिए क्यों तुरंत नहीं मिलेगा फायदा

मोबाइल इंडस्ट्री को ₹62,500 करोड़ का बूस्टर डोज! 60 हजार लोगों को मिलेगी नौकरी, भारत बनेगा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब

TAGGED: America, China, china plus one, Defence Manufacturing, donald trump, electric vehicles, FDI, geopolitics, Global Supply Chain, India manufacturing, Rare Earth Magnet, Trade War, US-China Agreement, Xi Jinping
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article gitanjali-angmo-profile-sonam-wangchuk-wife-hial-ceo-hindi Gitanjali Angmo Profile: 15 साल कॉर्पोरेट में बिताए, अब HIAL की CEO; जानिए सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो का सफर
Next Article jp-power-q1-results-fy27-profit-jumps-68-percent-revenue-rises-adani-acquisition JP Power Q1 Results: अदाणी के अधिग्रहण के बीच JP Power का मुनाफा 68% उछला, राजस्व ₹1,806 करोड़ के पार

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: इंडो-MIM से लेकर लोहिया कॉर्प तक, कौन-सा IPO दे सकता है दमदार लिस्टिंग? देखें मेनबोर्ड और SME का ताजा GMP
शेयर बाज़ार फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
usd-inr-live-chart-dollar-vs-rupee-exchange-rate-hindi
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
8th-pay-commission-railway-engineers-salary-revision-group-b-demand-hindi
8th Pay Commission: रेलवे इंजीनियरों की बड़ी मांगें, सैलरी रिवीजन से ग्रुप-B स्टेटस तक जानें पूरी डिटेल
बिजनेस न्यूज़ 8 वेतन आयोग

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?