नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने वाले लाखों निवेशकों के लिए जून का पहला सप्ताह कमाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। कई बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियां अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देने जा रही हैं। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिप्ला और कोलगेट पामोलिव जैसी कंपनियां शामिल हैं।
डिविडेंड निवेशकों के लिए अतिरिक्त आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। जब कोई कंपनी अपने मुनाफे का हिस्सा शेयरधारकों में बांटती है, तो उसे डिविडेंड कहा जाता है। ऐसे में जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट तक संबंधित कंपनी के शेयर होते हैं, वे इस भुगतान के पात्र बन जाते हैं।
इस सप्ताह क्यों खास है?
जून के पहले सप्ताह में कुल 15 से अधिक कंपनियां डिविडेंड देने जा रही हैं। यदि किसी निवेशक के पास इन सभी कंपनियों के शेयर मौजूद हैं, तो उसे प्रति शेयर कुल ₹155.40 तक का डिविडेंड प्राप्त हो सकता है। हालांकि वास्तविक कमाई निवेशक के पास मौजूद शेयरों की संख्या पर निर्भर करेगी।
सबसे अधिक डिविडेंड देने वाली कंपनी इस बार एचडीएफसी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (HDFC AMC) है, जिसने ₹54 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके बाद फोसेको इंडिया ₹25 और कोलगेट पामोलिव ₹24 प्रति शेयर का डिविडेंड देने जा रही हैं।
HDFC AMC ने मारी बाजी
एचडीएफसी एएमसी इस सप्ताह निवेशकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बनी हुई है। कंपनी ने ₹54 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। यह इस सप्ताह के सभी प्रमुख कॉर्पोरेट एक्शन में सबसे बड़ा कैश पेआउट माना जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार मजबूत नकदी प्रवाह और स्थिर मुनाफे वाली कंपनियां अक्सर आकर्षक डिविडेंड देती हैं। एचडीएफसी एएमसी का भुगतान भी इसी श्रेणी में देखा जा रहा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण तारीख
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ₹6 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी ने 5 जून को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की है। रिकॉर्ड डेट पर जिन निवेशकों का नाम कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज होगा, वही डिविडेंड प्राप्त करने के पात्र होंगे।
रिलायंस का डिविडेंड भले ही प्रति शेयर राशि के हिसाब से बहुत बड़ा न लगे, लेकिन कंपनी के विशाल निवेशक आधार को देखते हुए कुल भुगतान राशि काफी बड़ी रहने वाली है।
बैंक ऑफ बड़ौदा और सिप्ला भी देंगे नकद इनाम
सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा ने ₹8.50 प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की है। वहीं फार्मा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सिप्ला अपने निवेशकों को ₹13 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने जा रही है।
दोनों कंपनियों ने हाल के वर्षों में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दिखाया है, जिसके कारण निवेशकों को नकद रिटर्न देने का फैसला लिया गया है।
किन कंपनियों पर रहेगी निवेशकों की नजर?
- HDFC AMC – ₹54
- Foseco India – ₹25
- Colgate Palmolive India – ₹24
- Cipla – ₹13
- Bank of Baroda – ₹8.50
- Reliance Industries – ₹6
- Epigral – ₹5
- Ponni Sugars – ₹5
- Rallis India – ₹3
- Ashok Leyland – ₹2.50
Ex-Date और Record Date क्यों हैं महत्वपूर्ण?
कई नए निवेशक अक्सर Ex-Date और Record Date को लेकर भ्रमित रहते हैं। रिकॉर्ड डेट वह तारीख होती है जिस दिन कंपनी यह तय करती है कि कौन से निवेशक डिविडेंड पाने के पात्र हैं।
वहीं Ex-Date आमतौर पर रिकॉर्ड डेट से एक कारोबारी दिन पहले होती है। यदि कोई निवेशक Ex-Date के बाद शेयर खरीदता है तो उसे उस डिविडेंड का लाभ नहीं मिलता।
इसलिए केवल डिविडेंड राशि देखकर निवेश करना सही रणनीति नहीं माना जाता। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, भविष्य की विकास संभावनाओं और मूल्यांकन पर भी ध्यान देना चाहिए।
क्या सिर्फ डिविडेंड के लिए शेयर खरीदना सही है?
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल डिविडेंड पाने के उद्देश्य से शेयर खरीदना हमेशा लाभदायक नहीं होता। कई बार Ex-Date के बाद शेयर की कीमत डिविडेंड राशि के बराबर या उससे अधिक गिर सकती है।
इसलिए निवेशकों को डिविडेंड के साथ-साथ कंपनी की दीर्घकालिक गुणवत्ता, कमाई की क्षमता और व्यवसाय की मजबूती का भी आकलन करना चाहिए।
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
जून के पहले सप्ताह में कई कंपनियां अपने शेयरधारकों को नकद रिटर्न देने जा रही हैं। HDFC AMC, Colgate Palmolive, Cipla, Bank of Baroda और Reliance Industries जैसी कंपनियां निवेशकों के रडार पर रहेंगी। हालांकि किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले केवल डिविडेंड नहीं बल्कि कंपनी के संपूर्ण बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं का विश्लेषण करना जरूरी है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।)


