प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील के बाद सोमवार को शेयर बाजार में एयरलाइंस और ट्रैवल सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। पीएम मोदी ने देशवासियों से अगले एक साल तक गैर-जरूरी विदेश यात्राओं, विदेश में छुट्टियां मनाने और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे खर्चों से बचने की अपील की थी। इसके बाद एयरलाइंस और ट्रैवल बुकिंग कंपनियों के शेयरों में 7 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहले से ही पश्चिम एशिया संकट, महंगे कच्चे तेल और कमजोर रुपये से जूझ रहे एविएशन सेक्टर पर इस बयान का अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
किन शेयरों में आई सबसे बड़ी गिरावट?
सोमवार को एयरलाइंस और ट्रैवल कंपनियों के कई बड़े शेयर दबाव में दिखाई दिए।
InterGlobe Aviation यानी IndiGo का शेयर दोपहर 1 बजे तक करीब 4.58 फीसदी गिरकर ₹4315 पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान यह 5.43 फीसदी टूटकर ₹4276.80 तक पहुंच गया।
SpiceJet का शेयर भी दबाव में रहा। यह करीब 2.43 फीसदी गिरकर ₹13.65 पर कारोबार कर रहा था, जबकि intraday में यह 4.15 फीसदी टूटकर ₹13.41 तक पहुंच गया।
Ixigo की पैरेंट कंपनी Le Travenues Technology Ltd का शेयर भी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। यह करीब 2.52 फीसदी गिरकर ₹164.20 पर पहुंच गया था।
Yatra Online के शेयर में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। दोपहर तक यह शेयर करीब 6 फीसदी टूटकर ₹101.10 तक पहुंच गया।
Thomas Cook के शेयर में भी 5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई और यह ₹91.94 तक फिसल गया।
Easy Trip Planners यानी EaseMyTrip का शेयर भी लगभग 3 फीसदी कमजोर होकर ₹7.73 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
क्यों टूटा ट्रैवल सेक्टर?
विशेषज्ञों का कहना है कि पीएम मोदी की अपील ने बाजार में यह संदेश दिया कि आने वाले महीनों में foreign travel demand कमजोर पड़ सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने, विदेशों में शादियां कम करने और घरेलू पर्यटन को प्राथमिकता देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए देश को जिम्मेदार आर्थिक व्यवहार अपनाने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे travel and tourism companies की future earnings expectations पर असर पड़ सकता है।
तेल की कीमतों ने भी बढ़ाई परेशानी
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण crude oil prices लगातार ऊंचे बने हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक aviation sector के लिए सबसे बड़ी चिंता Aviation Turbine Fuel (ATF) की बढ़ती कीमतें हैं। एयरलाइंस कंपनियों की कुल operating cost में fuel cost का हिस्सा सबसे ज्यादा होता है।
तेल महंगा होने से airlines का operating margin घटता है, ticket prices बढ़ाने पड़ते हैं और passenger demand प्रभावित हो सकती है।
यही वजह है कि निवेशक फिलहाल aviation stocks से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं।
कमजोर रुपये से क्यों बढ़ी मुश्किल?
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तरों के करीब पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे एयरलाइंस कंपनियों की लागत और बढ़ जाती है क्योंकि aircraft lease payments, fuel imports और कई maintenance contracts डॉलर में होते हैं।
रुपया कमजोर होने पर कंपनियों को ज्यादा भुगतान करना पड़ता है, जिससे profitability पर दबाव बढ़ जाता है।
घरेलू पर्यटन को मिल सकता है फायदा?
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर विदेश यात्रा की मांग कमजोर पड़ती है, तो इसका कुछ फायदा domestic tourism industry को मिल सकता है।
PM मोदी ने लोगों से भारत के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील की थी। ऐसे में domestic airlines routes, hotel chains, hill stations और religious tourism में मांग बढ़ सकती है।
हालांकि international travel-focused companies पर short-term दबाव बना रह सकता है।
निवेशकों को कितना नुकसान?
सोमवार की गिरावट में aviation और travel sector की कंपनियों का market capitalization हजारों करोड़ रुपये घट गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार crude oil prices, Middle East tensions और rupee weakness पर करीबी नजर बनाए हुए है।
अगर geopolitical tensions और बढ़ते हैं, तो aviation sector में volatility बनी रह सकती है।
आगे क्या रह सकता है ट्रेंड?
Market experts का मानना है कि आने वाले दिनों में oil prices, foreign travel demand और government policy signals इस sector की दिशा तय करेंगे।
अगर crude oil prices लंबे समय तक ऊंचे रहते हैं, तो airlines companies को fares बढ़ाने पड़ सकते हैं, जिससे passenger growth पर असर पड़ सकता है।
FAQ
एयरलाइंस शेयर क्यों गिरे?
PM मोदी की विदेश यात्रा कम करने की अपील और बढ़ती oil prices की वजह से।
सबसे ज्यादा कौन सा शेयर गिरा?
Yatra Online और IndiGo में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।
तेल महंगा होने से एयरलाइंस पर क्या असर पड़ता है?
Fuel cost बढ़ने से airlines का profit margin घटता है।
क्या domestic tourism को फायदा हो सकता है?
हां, विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
रुपया कमजोर होने से airlines को नुकसान क्यों?
क्योंकि aircraft lease और fuel payments डॉलर में होते हैं।
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