नई दिल्ली: अमेरिकी शेयर बाजार (US Stock Market) में टेक्नोलॉजी कंपनियों का दबदबा लगातार बढ़ता जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर सेक्टर में जबरदस्त निवेश के चलते टेक शेयरों ने ऐसा इतिहास रच दिया है, जो पहले कभी देखने को नहीं मिला। अब अमेरिकी बाजार के सबसे बड़े इंडेक्स S&P 500 की कुल मार्केट वैल्यू में टेक सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी तक पहुंच गई है।
HighLights
- S&P 500 में टेक सेक्टर की हिस्सेदारी पहली बार 50% के करीब पहुंची
- AI और सेमीकंडक्टर कंपनियों ने अमेरिकी बाजार को नई ऊंचाई दी
- डॉट-कॉम बबल के बाद पहली बार टेक कंपनियों का इतना दबदबा
- दुनिया की टॉप 10 कंपनियों में 8 अमेरिकी, ज्यादातर टेक सेक्टर से
यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि आज अमेरिकी अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक टेक कंपनियां तय कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि AI क्रांति ने टेक कंपनियों की कमाई और वैल्यूएशन दोनों को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।
S&P 500 में टेक सेक्टर का रिकॉर्ड दबदबा
अमेरिकी बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स S&P 500 में केवल आईटी कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 39 फीसदी हो चुकी है। यदि इसमें Amazon जैसी ई-कॉमर्स दिग्गज और Netflix जैसे डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी शामिल कर लिया जाए तो टेक इकोसिस्टम का कुल योगदान करीब 50 फीसदी तक पहुंच जाता है।
यह अमेरिका के शेयर बाजार के इतिहास में किसी भी एक सेक्टर का सबसे बड़ा प्रभाव माना जा रहा है।
महामारी के बाद दोगुनी से ज्यादा हुई हिस्सेदारी
कोरोना महामारी के बाद डिजिटल सेवाओं, क्लाउड टेक्नोलॉजी, ऑनलाइन बिजनेस और AI आधारित समाधान तेजी से बढ़े। इसका सबसे बड़ा फायदा टेक कंपनियों को मिला।
साल 2020 के बाद से S&P 500 में आईटी सेक्टर की हिस्सेदारी दोगुनी से भी अधिक बढ़ चुकी है। निवेशकों का भरोसा लगातार टेक कंपनियों की ओर बढ़ा है, जिससे इनके शेयरों में रिकॉर्ड तेजी देखने को मिली।
डॉट-कॉम बबल का रिकॉर्ड भी पीछे छूटा
साल 2000 के डॉट-कॉम बबल के दौरान टेक सेक्टर की हिस्सेदारी करीब 29 फीसदी थी। उस समय इंटरनेट कंपनियों में भारी निवेश हुआ था, लेकिन बाद में बुलबुला फूट गया।
आज की स्थिति उससे काफी अलग मानी जा रही है क्योंकि मौजूदा टेक कंपनियां केवल भविष्य की उम्मीदों पर नहीं बल्कि मजबूत मुनाफे, नकदी प्रवाह और वैश्विक कारोबार के दम पर आगे बढ़ रही हैं।
वहीं 1980 के दशक में एनर्जी सेक्टर की हिस्सेदारी S&P 500 में लगभग 31 फीसदी थी, जो उस समय सबसे अधिक मानी जाती थी। अब टेक सेक्टर ने उस रिकॉर्ड को भी काफी पीछे छोड़ दिया है।
AI और सेमीकंडक्टर कंपनियां बनीं सबसे बड़ी ताकत
हाल के महीनों में सेमीकंडक्टर कंपनियों ने अमेरिकी बाजार को नई ऊंचाई तक पहुंचाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई है।
इनमें प्रमुख कंपनियां हैं—
- Nvidia
- Micron Technology
- Intel
- Advanced Micro Devices (AMD)
AI चिप्स की बढ़ती मांग, डेटा सेंटर निवेश और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के कारण इन कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है।
दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों पर टेक का कब्जा
वैश्विक बाजार पूंजीकरण की बात करें तो दुनिया की टॉप 10 कंपनियों में से 8 अमेरिकी कंपनियां हैं और इनमें अधिकांश टेक सेक्टर से जुड़ी हुई हैं।
इनमें शामिल हैं—
- Nvidia
- Apple
- Alphabet (Google)
- Microsoft
- Amazon
- Meta Platforms
- Micron Technology
- SpaceX
इनमें Nvidia, Apple और Alphabet का मार्केट कैप 4 ट्रिलियन डॉलर से अधिक बताया जा रहा है। वहीं Microsoft, Amazon और SpaceX 2 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच चुके हैं। Meta Platforms और Micron Technology भी 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की मार्केट वैल्यू हासिल कर चुकी हैं।
क्या निवेशकों के लिए यह संकेत है?
विशेषज्ञों का कहना है कि टेक सेक्टर का इतना बड़ा दबदबा जहां निवेशकों के लिए अवसर लेकर आता है, वहीं जोखिम भी बढ़ाता है। यदि किसी कारण से टेक शेयरों में बड़ी गिरावट आती है तो उसका असर पूरे अमेरिकी शेयर बाजार पर दिखाई दे सकता है।
हालांकि AI, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ते निवेश को देखते हुए फिलहाल टेक सेक्टर की लंबी अवधि की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं।
निष्कर्ष
अमेरिकी शेयर बाजार में टेक कंपनियों का दबदबा अब ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुका है। AI क्रांति, सेमीकंडक्टर उद्योग की तेजी और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार ने टेक शेयरों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। यही वजह है कि आज S&P 500 में टेक सेक्टर की हिस्सेदारी इतिहास में सबसे अधिक है और फिलहाल इसके मुकाबले कोई दूसरा सेक्टर नजर नहीं आता।


