Skyways Air Services IPO: स्काईवेज एयर सर्विसेज के आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। 27 अगस्त को सुबह 10:25 बजे तक यह इश्यू करीब 7 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। कंपनी का आईपीओ आज यानी 27 अगस्त को बंद हो रहा है। इश्यू का प्राइस बैंड 131-138 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। वहीं, ग्रे मार्केट में शेयर का प्रीमियम 42 रुपये तक पहुंच गया है, जिससे मजबूत लिस्टिंग गेन के संकेत मिल रहे हैं।
आज खत्म हो रहा Skyways Air Services IPO
स्काईवेज एयर सर्विसेज का आईपीओ 24 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और इसमें निवेश करने का आज आखिरी मौका है। कंपनी ने आईपीओ के लिए 131-138 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 582.8 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।
इश्यू में कंपनी 2.88 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जबकि करीब 1.33 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचे जाएंगे। 27 अगस्त की सुबह तक एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक इश्यू करीब 7 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।
NII कैटेगरी में सबसे ज्यादा डिमांड
Skyways Air Services IPO को अलग-अलग निवेशक कैटेगरी में अच्छी मांग मिली है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) कैटेगरी में सबसे मजबूत सब्सक्रिप्शन देखने को मिला है।
इससे संकेत मिलता है कि आईपीओ को बड़े व्यक्तिगत निवेशकों और अन्य गैर-संस्थागत निवेशकों की ओर से भी अच्छी दिलचस्पी मिल रही है। हालांकि, अंतिम सब्सक्रिप्शन आंकड़े बाजार बंद होने के बाद और अधिक बदल सकते हैं।
GMP से 30% से ज्यादा लिस्टिंग गेन के संकेत
स्काईवेज एयर सर्विसेज के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) भी निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 27 अगस्त को GMP करीब 42 रुपये था।
अगर 138 रुपये के अपर प्राइस बैंड में 42 रुपये का GMP जोड़ा जाए, तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब 180 रुपये बैठती है। इस हिसाब से निवेशकों को लगभग 30.43 फीसदी का संभावित लिस्टिंग गेन मिल सकता है।
हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि GMP आधिकारिक लिस्टिंग प्राइस नहीं है। ग्रे मार्केट का प्रीमियम बाजार की धारणा के आधार पर बदलता रहता है और वास्तविक लिस्टिंग इससे काफी अलग भी हो सकती है।
एंकर निवेशकों से जुटाए 174.5 करोड़ रुपये
आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने एंकर निवेशकों से भी अच्छी रकम जुटाई है। कंपनी ने एंकर बुक के जरिए 174.5 करोड़ रुपये जुटाए हैं और 17 एंकर निवेशकों को 138 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर शेयर आवंटित किए हैं।
एंकर निवेशकों में नोमुरा सिंगापुर, सिटीग्रुप, एलसी फरोस मल्टी स्ट्रेटेजी फंड और होलानी वेंचर कैपिटल फंड जैसे नाम शामिल हैं। घरेलू म्यूचुअल फंड कंपनियों ने भी एंकर बुक में हिस्सा लिया है।
एंकर निवेशकों की भागीदारी को आमतौर पर आईपीओ के प्रति संस्थागत निवेशकों की शुरुआती दिलचस्पी के संकेत के तौर पर देखा जाता है, हालांकि इससे लिस्टिंग या शेयर के प्रदर्शन की गारंटी नहीं मिलती।
कर्ज चुकाने में इस्तेमाल होगा IPO का पैसा
कंपनी ने आईपीओ से मिलने वाली रकम के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल कर्ज घटाने के लिए करने की योजना बनाई है। कंपनी के मुताबिक करीब 216.8 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान में किया जाएगा।
जून 2026 तक कंपनी पर कुल करीब 586.2 करोड़ रुपये का कर्ज था। इसके अलावा कंपनी करीब 130 करोड़ रुपये का इस्तेमाल अपनी वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी।
कर्ज में कमी आने से कंपनी की वित्तीय स्थिति पर ब्याज लागत का दबाव कम हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को कंपनी के कर्ज, कैश फ्लो और भविष्य की ग्रोथ को भी ध्यान में रखना चाहिए।
FY26 में मुनाफा 32% बढ़ा
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY26 में स्काईवेज एयर सर्विसेज ने अच्छी ग्रोथ दर्ज की। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रॉफिट सालाना आधार पर 32 फीसदी बढ़कर 63.5 करोड़ रुपये हो गया।
इसी अवधि में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू करीब 25.1 फीसदी बढ़कर 2,812.9 करोड़ रुपये रहा। यानी कंपनी ने रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में मजबूत वृद्धि दर्ज की है।
हालांकि, आईपीओ में निवेश करने से पहले केवल मुनाफे की ग्रोथ देखना पर्याप्त नहीं है। निवेशकों को कंपनी की मार्जिन, कर्ज, कैश फ्लो, वैल्यूएशन और इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा जैसे पहलुओं का भी आकलन करना चाहिए।
क्या कारोबार करती है Skyways Air Services?
स्काईवेज एयर सर्विसेज लॉजिस्टिक्स और फ्रेट फॉरवर्डिंग कारोबार से जुड़ी कंपनी है। कंपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सप्लाई चेन तथा ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराती है।
इसके कारोबार में फ्रेट फॉरवर्डिंग, ओशन फ्रेट फॉरवर्डिंग, रोड ट्रांसपोर्टेशन, वेयरहाउसिंग और कस्टम ब्रोकरेज जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी टेक्नोलॉजी आधारित एक्सप्रेस कार्गो और पार्सल डिलीवरी सेवाएं भी प्रदान करती है।
ई-कॉमर्स, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट और संगठित लॉजिस्टिक्स की बढ़ती मांग कंपनी के कारोबार के लिए अवसर पैदा कर सकती है। वहीं, लॉजिस्टिक्स सेक्टर में प्रतिस्पर्धा, लागत और आर्थिक गतिविधियों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियां भी मौजूद रहती हैं।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
Skyways Air Services IPO को सब्सक्रिप्शन के लिहाज से मजबूत रिस्पॉन्स मिला है और GMP भी प्राइस बैंड के मुकाबले करीब 30 फीसदी से ज्यादा संभावित लिस्टिंग गेन का संकेत दे रहा है। कंपनी के FY26 के वित्तीय आंकड़े भी रेवेन्यू और प्रॉफिट में अच्छी वृद्धि दिखाते हैं।
लेकिन सिर्फ GMP के आधार पर आईपीओ में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। GMP अनौपचारिक और अस्थिर संकेतक है। वास्तविक लिस्टिंग कीमत बाजार की स्थिति, डिमांड-सप्लाई और लिस्टिंग के समय निवेशकों की धारणा पर निर्भर करेगी।
निवेशकों को कंपनी का IPO दस्तावेज, वैल्यूएशन, कर्ज, वित्तीय प्रदर्शन और अपने जोखिम प्रोफाइल को ध्यान में रखकर ही फैसला लेना चाहिए।


