Deepa Jewellers IPO: त्योहारी सीजन से पहले ज्वैलरी सेक्टर में निवेश का मौका
Deepa Jewellers IPO: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ज्वैलरी सेक्टर की एक और कंपनी शेयर बाजार में दस्तक देने जा रही है। हैदराबाद स्थित दीपा ज्वेलर्स ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड तय कर दिया है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए करीब ₹459.7 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। आईपीओ के लिए शेयर का प्राइस बैंड ₹168 से ₹177 तय किया गया है।
कंपनी 22-कैरेट हॉलमार्क गोल्ड ज्वैलरी को प्रोसेस करने और सप्लाई करने के कारोबार में है। खास बात यह है कि वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी के मुनाफे में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
₹460 करोड़ के आईपीओ में फ्रेश इश्यू और OFS
दीपा ज्वेलर्स के आईपीओ का कुल साइज करीब ₹459.7 करोड़ है। इसमें कंपनी करीब ₹250 करोड़ के नए शेयर (Fresh Issue) जारी करेगी। इसके अलावा प्रमोटर्स Offer for Sale यानी OFS के जरिए करीब 1.18 करोड़ इक्विटी शेयर बेचेंगे, जिनकी कीमत लगभग ₹209.7 करोड़ होगी।
आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड ₹177 के आधार पर कंपनी का अनुमानित मार्केट कैप करीब ₹1,701.4 करोड़ बैठता है।
Deepa Jewellers IPO की प्रमुख तारीखें
- प्राइस बैंड: ₹168-177 प्रति शेयर
- एंकर बुक: 31 अगस्त 2026
- IPO ओपन: 1 सितंबर 2026
- IPO क्लोज: 3 सितंबर 2026
- अलॉटमेंट: 4 सितंबर 2026
- लिस्टिंग: 8 सितंबर 2026
- न्यूनतम निवेश: करीब ₹14,868
न्यूनतम निवेश की गणना ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर की गई है।
क्या करती है Deepa Jewellers?
दीपा ज्वेलर्स मुख्य रूप से B2B बिजनेस मॉडल पर काम करती है। कंपनी 22-कैरेट हॉलमार्क गोल्ड ज्वैलरी के डिजाइन, प्रोसेसिंग और सप्लाई का काम करती है।
कंपनी खुद बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग करने के बजाय करीब 41 कारीगरों के नेटवर्क वाले आउटसोर्स मैन्युफैक्चरिंग मॉडल का इस्तेमाल करती है। इसके जरिए तैयार ज्वैलरी को दक्षिण भारत के अलग-अलग बाजारों में मौजूद रिटेल चेन और स्टोर्स तक पहुंचाया जाता है।
कंपनी की सप्लाई मुख्य रूप से तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में है। दक्षिण भारत में ज्वैलरी की मजबूत मांग कंपनी के कारोबार के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार अवसर हो सकती है।
IPO से मिलने वाले पैसों का क्या होगा इस्तेमाल?
फ्रेश इश्यू से कंपनी को करीब ₹250 करोड़ मिलने की उम्मीद है। इसमें से लगभग ₹215 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और इन्वेंट्री बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे।
बाकी रकम का इस्तेमाल कंपनी के सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। ज्वैलरी कारोबार में इन्वेंट्री और वर्किंग कैपिटल की जरूरत काफी महत्वपूर्ण होती है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली राशि कंपनी के कारोबारी विस्तार और संचालन में मदद कर सकती है।
मुनाफे में 158% की जोरदार बढ़ोतरी
दीपा ज्वेलर्स के वित्तीय आंकड़े भी इस आईपीओ को चर्चा में ला रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 158.2% बढ़कर ₹104.8 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब ₹40.6 करोड़ था।
यानी एक साल में कंपनी के मुनाफे में काफी तेज बढ़ोतरी हुई है।
वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय 37.9% बढ़कर ₹1,926.7 करोड़ हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह करीब ₹1,397 करोड़ थी।
| वित्तीय आंकड़े | FY25 | FY26 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कुल आय | ₹1,397 करोड़ | ₹1,926.7 करोड़ | 37.9% |
| नेट प्रॉफिट | ₹40.6 करोड़ | ₹104.8 करोड़ | 158.2% |
इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में आय के साथ-साथ मुनाफे में भी मजबूत ग्रोथ दर्ज की है।
निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है?
Deepa Jewellers IPO ऐसे समय आ रहा है जब त्योहारी सीजन के दौरान भारत में सोने और ज्वैलरी की मांग पर बाजार की नजर रहती है। कंपनी का दक्षिण भारत में B2B नेटवर्क और हालिया वित्तीय प्रदर्शन इसके सकारात्मक पहलू हैं।
हालांकि, सिर्फ मुनाफे में तेज बढ़ोतरी किसी आईपीओ में निवेश का आधार नहीं होनी चाहिए। निवेशकों को कंपनी की वैल्यूएशन, कर्ज, कैश फ्लो, प्रमोटर हिस्सेदारी, आईपीओ से जुटाई जाने वाली राशि के इस्तेमाल और ज्वैलरी सेक्टर से जुड़े जोखिमों को भी देखना चाहिए।
खास तौर पर गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव, इन्वेंट्री की लागत और ज्वैलरी डिमांड में बदलाव जैसे कारक कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं।
Deepa Jewellers IPO: निवेश से पहले इन बातों पर दें ध्यान
आईपीओ में पैसा लगाने से पहले निवेशकों को कंपनी के DRHP/RHP और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। साथ ही यह भी देखना जरूरी है कि ₹168-177 के प्राइस बैंड पर कंपनी की वैल्यूएशन उसके वित्तीय प्रदर्शन और सेक्टर की दूसरी कंपनियों की तुलना में कैसी है।
कंपनी का FY26 प्रदर्शन मजबूत रहा है, लेकिन शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बाजार की स्थिति, कंपनी के नतीजों और निवेशकों की धारणा के आधार पर ऊपर-नीचे हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों और वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन करें तथा जरूरत पड़ने पर सेबी-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी शेयर या आईपीओ में निवेश करने की सलाह नहीं देता।


