Sheikh Hasina Hails PM Modi: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि भारत हमेशा मुश्किल समय में बांग्लादेश के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। सत्ता से हटने के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने दिसंबर में हर हाल में बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी या मौत की सजा का खतरा भी उन्हें अपने देश लौटने से नहीं रोक सकता।
भारत और पीएम मोदी की तारीफ में क्या बोलीं शेख हसीना?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने मंगलवार (5 अगस्त) को दिल्ली से आयोजित एक वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भारत बांग्लादेश का सबसे करीबी और भरोसेमंद मित्र रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि नई दिल्ली ने हर कठिन दौर में ढाका का साथ दिया है और भविष्य में भी ऐसा ही करेगी।
यह 2024 में सत्ता से हटाए जाने और भारत आने के बाद मीडिया के साथ उनकी पहली सार्वजनिक बातचीत थी। डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकार केवल उनकी आवाज सुन सके, जबकि वह कैमरे पर दिखाई नहीं दीं।
दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का किया ऐलान
शेख हसीना ने स्पष्ट कहा कि वह दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
उन्होंने कहा,
“मुझे पता है कि मुझे जेल भेजा जा सकता है या मेरी जान भी ली जा सकती है, लेकिन मैं अपने लोगों के बीच वापस जरूर जाऊंगी।”
हसीना ने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और समृद्धि के रास्ते पर वापस लाना है।
‘मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं’
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उनकी वापसी का मकसद राजनीतिक पद हासिल करना नहीं है।
उन्होंने कहा,
“मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं है, बल्कि बांग्लादेश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और समृद्धि के रास्ते पर वापस लाने के लिए है।”
उन्होंने आगे कहा कि जब उनके देश के लोग कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, तब वह उनसे दूर नहीं रह सकतीं।
‘मुझे अपने भविष्य की नहीं, बांग्लादेश के भविष्य की चिंता’
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने भविष्य की कोई चिंता नहीं है।
उन्होंने कहा,
“मुझे हिरासत में लिया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है और झूठे मामले लगाए जा सकते हैं, लेकिन डर मेरे लोगों के प्रति मेरी जिम्मेदारी तय नहीं कर सकता।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा सरकार या बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के साथ किसी तरह की पर्दे के पीछे बातचीत नहीं चल रही है।
छात्र आंदोलन पर लगाए गंभीर आरोप
शेख हसीना ने दावा किया कि जुलाई-अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए प्रदर्शन केवल शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं थे।
उनका आरोप था कि संगठित समूहों ने इस आंदोलन को हिंसक राजनीतिक अभियान में बदल दिया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी सरकार सत्ता से बाहर हो गई।
बेटे सजीब वाजिद जॉय का बड़ा दावा
हसीना के बेटे सजीब वाजिद जॉय ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक हत्याओं को बढ़ावा मिला है और देश की कानून-व्यवस्था कमजोर हो चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत की पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश की स्थिति पाकिस्तान जैसी होती जा रही है।
बांग्लादेश सरकार की तीखी प्रतिक्रिया
शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कड़ी नाराजगी जताई।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत को पहले ही इस कार्यक्रम के संभावित कूटनीतिक प्रभावों से अवगत कराया गया था, इसके बावजूद प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित होने दी गई। मंत्रालय ने इसे बांग्लादेश की संप्रभुता के प्रति अनादर बताया।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ ऐसे संबंध चाहता है जो संप्रभु समानता, आपसी सम्मान, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और राष्ट्रीय सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित हों।
भारत में रह रही हैं शेख हसीना
78 वर्षीय शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को ढाका छोड़कर भारत आई थीं और तब से यहीं रह रही हैं। पिछले वर्ष नवंबर में ढाका के एक विशेष न्यायाधिकरण ने 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान उनकी सरकार की कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में उनकी अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद बांग्लादेश सरकार लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है।
निष्कर्ष
करीब दो वर्षों के बाद पहली सार्वजनिक मीडिया बातचीत में शेख हसीना ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर प्रशंसा की तथा दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें जेल जाना पड़े या जान का खतरा हो, वह अपने देश और लोगों के बीच वापस जाकर बांग्लादेश को विकास और स्थिरता की राह पर लाने का प्रयास करेंगी। वहीं, उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बांग्लादेश सरकार ने भारत के प्रति कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।


