Gift Nifty Indicator: वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार, 6 अगस्त को सकारात्मक शुरुआत कर सकता है। सुबह GIFT Nifty हरे निशान में कारोबार करता दिखा, जिससे संकेत मिल रहा है कि सेंसेक्स और निफ्टी पिछले कारोबारी सत्र के बंद स्तर से ऊपर खुल सकते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद और मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे बाजार की धारणा को सहारा दे रहे हैं। हालांकि एशियाई टेक शेयरों में बिकवाली निवेशकों की सतर्कता भी बढ़ा रही है।
GIFT Nifty ने दिए मजबूत शुरुआत के संकेत
सुबह करीब 7:45 बजे GIFT Nifty 58.5 अंक (0.24%) की बढ़त के साथ 24,693 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इससे संकेत मिल रहा है कि Nifty 50 बुधवार के 24,624.65 के क्लोजिंग स्तर से ऊपर खुल सकता है।
बुधवार को भारतीय बाजार RBI की मौद्रिक नीति के बाद मजबूती के साथ बंद हुए थे।
- Sensex: 152.05 अंक (0.19%) बढ़कर 78,581.00
- Nifty 50: 9.75 अंक (0.04%) बढ़कर 24,624.65
क्लोजिंग ऑक्शन के बाद निफ्टी 24,600 के अहम स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रहा।
एशियाई बाजारों में दिखी कमजोरी
बुधवार की तेजी के बाद गुरुवार को एशियाई बाजारों में दबाव देखने को मिला। टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली के कारण अधिकांश बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
मुख्य एशियाई बाजारों का हाल:
- MSCI Asia Pacific (जापान छोड़कर): -0.69%
- जापान का Nikkei 225: -1.57%
- दक्षिण कोरिया का Kospi: -3.64%
बड़ी टेक कंपनियों में भी कमजोरी देखने को मिली।
- Samsung Electronics: -2.44%
- SK Hynix: लगभग -7%
अमेरिकी बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन
बुधवार रात अमेरिकी शेयर बाजारों में मिश्रित कारोबार देखने को मिला। टेक शेयरों में दबाव के बावजूद Dow Jones नई रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ।
- Dow Jones: +0.49%
- S&P 500: -0.17%
- Nasdaq Composite: -0.83%
AMD और SpaceX से जुड़े शेयरों में कमजोरी के कारण टेक सेक्टर पर दबाव बना रहा, जबकि अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीद के चलते कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई।
- Brent Crude: 79.31 डॉलर प्रति बैरल (-0.18%)
- WTI Crude: 74.96 डॉलर प्रति बैरल (-0.35%)
यदि मध्य पूर्व में तनाव कम होता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई सामान्य रहती है, तो इसका फायदा भारत जैसे तेल आयातक देशों को मिल सकता है।
अब निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों पर
RBI की मौद्रिक नीति के बाद अब बाजार का पूरा फोकस कंपनियों के अप्रैल-जून तिमाही नतीजों पर रहेगा। बेहतर कॉर्पोरेट आय, मैनेजमेंट की कमेंट्री और सेक्टर आधारित अपडेट आने वाले दिनों में शेयरों की चाल तय कर सकते हैं।
इसके अलावा निवेशक मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर बनाए रखेंगे।
FII ने बेचे शेयर, DII ने दिया बाजार को सहारा
बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार छह कारोबारी सत्रों की खरीदारी का सिलसिला तोड़ते हुए 943 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,883 करोड़ रुपये की खरीदारी कर विदेशी बिकवाली का असर काफी हद तक संतुलित किया।
Nifty और Bank Nifty के लिए अहम लेवल
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के अनुसार, निफ्टी अपने ब्रेकआउट जोन 24,300-24,400 की ओर पुलबैक कर रहा है। यह स्तर अब मजबूत सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है।
महत्वपूर्ण स्तर
- तत्काल रेजिस्टेंस: 24,800
- मजबूत सपोर्ट: 24,300–24,400
उनका मानना है कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक बना हुआ है और यदि निफ्टी सपोर्ट जोन पर टिकता है तो यहां से नई तेजी देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
ग्लोबल बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय बाजार के लिए शुरुआती संकेत सकारात्मक हैं। GIFT Nifty की बढ़त, कच्चे तेल की नरम कीमतें, मजबूत कॉर्पोरेट नतीजे और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बाजार को सहारा दे रही है। हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली, एशियाई टेक शेयरों में कमजोरी और वैश्विक घटनाक्रम दिनभर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।


