भारतीय शेयर बाजार में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्मों और एनालिस्ट्स का भरोसा बना हुआ है। सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद ज्यादातर बाजार विशेषज्ञों ने बैंक के शेयर पर सकारात्मक रुख अपनाया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में SBI के शेयर में मौजूदा स्तर से करीब 40 फीसदी तक की तेजी देखने को मिल सकती है।
BSE पर SBI का शेयर 0.77 फीसदी की बढ़त के साथ 977 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस भाव के आधार पर शेयर में तेजी की संभावनाओं को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। हालांकि, शेयर का वास्तविक प्रदर्शन बैंक के आगामी कारोबारी नतीजों, लोन ग्रोथ, डिपॉजिट और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
SBI शेयर पर एनालिस्ट्स का कितना भरोसा?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को कवर करने वाले कुल 49 एनालिस्ट्स की राय पर नजर डालें तो ज्यादातर विशेषज्ञ इस शेयर को लेकर सकारात्मक हैं। इनमें से 42 एनालिस्ट्स ने SBI के शेयर को खरीदने यानी Buy की रेटिंग दी है। वहीं, सात विश्लेषकों ने Hold की सलाह दी है।
खास बात यह है कि इन 49 विश्लेषकों में से किसी ने भी शेयर को Sell रेटिंग नहीं दी है। इससे पता चलता है कि बाजार विशेषज्ञ फिलहाल बैंक के कारोबार और भविष्य की संभावनाओं को लेकर आशावादी हैं।
हालांकि, केवल एनालिस्ट्स की रेटिंग के आधार पर निवेश का फैसला करना सही नहीं है। निवेशकों को बैंक की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन और शेयर बाजार के जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
Macquarie ने दिया ₹1,220 का टारगेट
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने SBI के शेयर पर अपनी Outperform रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए 1,220 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है।
Macquarie के मुताबिक, SBI की लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी बेहतर बनी हुई है। बैंक के मजबूत मार्जिन को भी इसकी कारोबारी स्थिति के लिए सकारात्मक माना गया है।
बैंकिंग सेक्टर में लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी किसी भी बैंक की वित्तीय सेहत के महत्वपूर्ण संकेतक होते हैं। यदि बैंक अपने कर्ज की गुणवत्ता बनाए रखते हुए लोन वितरण बढ़ाने में सफल रहता है, तो इससे उसकी कमाई को लंबी अवधि में सहारा मिल सकता है।
CLSA को ₹1,325 तक पहुंचने की उम्मीद
ब्रोकरेज फर्म CLSA SBI के शेयर को लेकर सबसे ज्यादा आशावादी नजर आ रही है। फर्म ने बैंक के शेयर पर Outperform रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,325 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
CLSA ने SBI की लोन ग्रोथ को व्यापक और डिपॉजिट ग्रोथ को बेहतरीन बताया है। बैंक के कारोबार में लोन और डिपॉजिट दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मजबूत डिपॉजिट ग्रोथ से बैंक को कर्ज देने के लिए जरूरी फंड उपलब्ध होता है, जबकि लोन ग्रोथ से ब्याज आय बढ़ाने में मदद मिलती है।
977 रुपये के संदर्भ भाव के मुकाबले 1,325 रुपये का टारगेट करीब 35.6 फीसदी की संभावित तेजी दर्शाता है। यह ब्रोकरेज का अनुमान है, शेयर के भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं।
HSBC ने घटाया टारगेट, लेकिन Buy रेटिंग बरकरार
HSBC ने SBI पर अपनी Buy रेटिंग को बरकरार रखा है, लेकिन शेयर का टारगेट प्राइस 1,310 रुपये से घटाकर 1,220 रुपये कर दिया है।
ब्रोकरेज ने टारगेट में कटौती के पीछे लोन ग्रोथ में संभावित सुस्ती और कुछ सब्सिडियरी कंपनियों के लिए कम वैल्यूएशन मल्टीपल को वजह बताया है।
हालांकि, HSBC ने वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2029 के लिए SBI के प्रति शेयर मुनाफे यानी Earnings Per Share (EPS) के अनुमान में 4 से 8 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है।
EPS किसी कंपनी के कुल मुनाफे को उसके कुल शेयरों की संख्या से भाग देकर निकाला जाता है। इसमें बढ़ोतरी का अनुमान बैंक की भविष्य की कमाई को लेकर सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
Citi और Bernstein की क्या है राय?
Citi ने भी SBI के शेयर पर अपना सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने शेयर को Buy रेटिंग देते हुए 1,300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
दूसरी ओर, Bernstein ने SBI पर Market-Perform रेटिंग दी है और शेयर के लिए 1,300 रुपये का टारगेट तय किया है। Market-Perform का मतलब है कि ब्रोकरेज को शेयर से व्यापक बाजार के आसपास प्रदर्शन की उम्मीद है।
बैंक की बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी के पीछे कम क्रेडिट कॉस्ट और कुछ हिस्सेदारी बेचने से हुई आय जैसे कारकों को भी अहम माना गया है।
SBI शेयर के टारगेट प्राइस पर एक नजर
अलग-अलग ब्रोकरेज फर्मों के टारगेट प्राइस को देखें तो ज्यादातर विशेषज्ञ SBI के शेयर में आगे बढ़त की संभावना देख रहे हैं।
| ब्रोकरेज फर्म | रेटिंग | टारगेट प्राइस |
|---|---|---|
| Macquarie | Outperform | ₹1,220 |
| CLSA | Outperform | ₹1,325 |
| HSBC | Buy | ₹1,220 |
| Citi | Buy | ₹1,300 |
| Bernstein | Market-Perform | ₹1,300 |
इन टारगेट्स से साफ है कि SBI को लेकर ब्रोकरेज फर्मों का रुख मुख्य रूप से सकारात्मक है। हालांकि, अलग-अलग फर्मों के अनुमानों में अंतर भी है।
निवेशकों को किन बातों पर रखनी चाहिए नजर?
SBI के शेयर में आगे की तेजी काफी हद तक बैंक की लोन ग्रोथ, डिपॉजिट में बढ़ोतरी, एसेट क्वालिटी और नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर निर्भर करेगी। इसके अलावा क्रेडिट कॉस्ट और बैंक की सब्सिडियरी कंपनियों का प्रदर्शन भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
बैंकिंग सेक्टर में ब्याज दरों में बदलाव, कर्ज की मांग और जमा राशि जुटाने की लागत का असर सीधे बैंकों की कमाई पर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को केवल टारगेट प्राइस देखकर फैसला लेने के बजाय बैंक के वित्तीय नतीजों और वैल्यूएशन का भी आकलन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शेयर बाजार से जुड़ी जानकारी और ब्रोकरेज फर्मों के विश्लेषण दिए गए हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है। NewsJagran किसी भी शेयर में खरीदारी या बिक्री की सिफारिश नहीं करता। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।


