नई दिल्ली: केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को कृषि और विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र को मजबूती देने वाले कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है। सूत्रों के मुताबिक, यूरिया सेक्टर से जुड़े तीन बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जबकि मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग के लिए PLI 2.0 (Production Linked Incentive) स्कीम को भी हरी झंडी मिल गई है। इन फैसलों का औपचारिक ऐलान सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया जाएगा।
इन निर्णयों का उद्देश्य देश में उर्वरक उत्पादन बढ़ाना, ऊर्जा दक्षता में सुधार करना, मोबाइल निर्माण को प्रोत्साहन देना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
यूरिया सेक्टर के लिए कैबिनेट के तीन बड़े फैसले
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय कैबिनेट ने यूरिया उद्योग को बढ़ावा देने के लिए तीन महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है।
1. यूरिया निवेश नीति को मंजूरी
सरकार ने नई यूरिया इन्वेस्टमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत 2031 तक नए यूरिया प्लांट स्थापित करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहन (इंसेंटिव) दिया जाएगा। इससे देश में घरेलू उत्पादन बढ़ने और आयात पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।
2. यूरिया सब्सिडी योजना को आगे बढ़ाने की मंजूरी
कैबिनेट ने यूरिया सब्सिडी स्कीम को जारी रखने के प्रस्ताव पर भी सहमति दे दी है। इससे किसानों को नियंत्रित कीमत पर यूरिया उपलब्ध कराने की सरकार की नीति जारी रहेगी।
3. नए एनर्जी नॉर्म्स लागू होंगे
सरकार ने 23 मौजूदा यूरिया प्लांट और 3 अन्य प्लांट्स के लिए नई ऊर्जा दक्षता (Energy Norms) को मंजूरी दी है। इसके अलावा नाफ्था आधारित तीन यूरिया संयंत्रों को गैस आधारित तकनीक में बदलने के लिए भी नए मानकों को मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है।
इस कदम से उत्पादन लागत कम होने, ऊर्जा की बचत और पर्यावरणीय प्रभाव घटाने में मदद मिलने की संभावना है।
मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा बड़ा बूस्ट
कैबिनेट ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग के लिए PLI 2.0 स्कीम को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य भारत को वैश्विक मोबाइल निर्माण केंद्र के रूप में और मजबूत बनाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई PLI स्कीम से:
- देश में नए निवेश बढ़ सकते हैं।
- मोबाइल निर्माण क्षमता में विस्तार होगा।
- इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।
सेमीकंडक्टर मिशन पर भी नजर
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में India Semiconductor Mission 2.0 से जुड़ा प्रस्ताव भी चर्चा में रहा। हालांकि इस पर आधिकारिक घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान होने की संभावना है। यदि इस मिशन को मंजूरी मिलती है तो भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बड़ा समर्थन मिलेगा।
शेयर बाजार में इन कंपनियों पर रहेगी नजर
कैबिनेट के इन फैसलों के बाद उर्वरक और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल रही है। बाजार की नजर खास तौर पर इन कंपनियों पर रहेगी:
- RCF (Rashtriya Chemicals & Fertilizers)
- NFL (National Fertilizers)
- FACT (Fertilizers and Chemicals Travancore)
- Chambal Fertilisers & Chemicals
- Dixon Technologies
- Amber Enterprises
यदि सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा में इन योजनाओं का विस्तृत रोडमैप सामने आता है, तो इन सेक्टरों में निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ सकती है।
किसानों और उद्योग दोनों को होगा फायदा
यूरिया सेक्टर में निवेश बढ़ाने, ऊर्जा दक्षता सुधारने और सब्सिडी व्यवस्था जारी रखने से किसानों को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। वहीं मोबाइल PLI 2.0 से भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी, जिससे “मेक इन इंडिया” अभियान को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
नोट: फिलहाल यह जानकारी सरकारी सूत्रों के आधार पर सामने आई है। सभी फैसलों का अंतिम विवरण और शर्तें सरकार की आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस तथा अधिसूचना जारी होने के बाद स्पष्ट होंगी।


