Richest Indian in Spain: FIFA World Cup 2026 जीतने के बाद स्पेन एक बार फिर दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्पेन में रहने वाले सबसे अमीर भारतीय कौन हैं? यह सम्मान ग्लोबल निवेशक और कारोबारी हरीश फबियानी (Harish Fabiani) को जाता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई करने वाले हरीश फबियानी ने स्पेन में रहकर ऐसा कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया कि आज उनकी अनुमानित संपत्ति 1.5 अरब डॉलर (करीब ₹14,500 करोड़) से अधिक बताई जाती है।
Highlights
- स्पेन में सबसे अमीर भारतीय हैं हरीश फबियानी।
- अनुमानित नेटवर्थ 1.5 अरब डॉलर (करीब ₹14,500 करोड़)।
- दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
- Americorp Ventures और Indialand Group के चेयरमैन।
- भारत, स्पेन और UAE में रियल एस्टेट व टेक्नोलॉजी निवेश के लिए मशहूर।
कौन हैं हरीश फबियानी?
हरीश फबियानी एक भारतीय मूल के ग्लोबल उद्यमी और निवेशक हैं, जो कई वर्षों से स्पेन की राजधानी मैड्रिड में रह रहे हैं। उन्होंने निवेश, प्राइवेट इक्विटी और कमर्शियल रियल एस्टेट के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। आज वे Americorp Ventures के संस्थापक और चेयरमैन हैं और साथ ही Indialand Group की भी अगुवाई कर रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 1.5 अरब डॉलर से अधिक है। उन्होंने भारत, यूरोप और मध्य-पूर्व के कई बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश किया है, जिससे उनका कारोबारी नेटवर्क लगातार मजबूत होता गया।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ सफर
हरीश फबियानी की सफलता की कहानी भारत से शुरू होती है। उन्होंने 1981 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद वर्ष 1983 में वे स्पेन चले गए और वहां प्रतिष्ठित बिजनेस स्कूल IESE Madrid से 1988 में फाइनेंस और कॉर्पोरेट मैनेजमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की। इसी दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेश और प्राइवेट इक्विटी की दुनिया में कदम रखा।
भाई के साथ शुरू किया इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार
स्पेन पहुंचने के बाद हरीश फबियानी ने अपने बड़े भाई कमल फबियानी के साथ मिलकर इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के आयात का कारोबार शुरू किया। समय के साथ यह बिजनेस तेजी से बढ़ा और स्पेन के प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क में शामिल हो गया।
यहीं से उन्होंने निवेश और प्राइवेट इक्विटी की ओर रुख किया और बाद में कई सफल कंपनियों में शुरुआती निवेश कर बड़ा मुनाफा कमाया।
Americorp Ventures के जरिए बनाई पहचान
हरीश फबियानी की कंपनी Americorp Ventures एक प्रमुख निवेश प्लेटफॉर्म है, जिसने भारत की कई सफल कंपनियों में शुरुआती दौर में निवेश किया।
इस प्लेटफॉर्म ने समय-समय पर Indiabulls, Edelweiss, Avendus और Phoenix Mills जैसी कंपनियों को पूंजी और रणनीतिक सहयोग प्रदान किया। इसके अलावा कंपनी का निवेश टेक्नोलॉजी, प्राइवेट इक्विटी, कमर्शियल रियल एस्टेट और पब्लिक मार्केट जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है।
Indialand Group के जरिए भारत में मजबूत पकड़
हरीश फबियानी Indialand Group के चेयरमैन भी हैं। यह समूह भारत में ग्रेड-A कमर्शियल ऑफिस, इंडस्ट्रियल पार्क और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए जाना जाता है।
कंपनी अब तक 70 लाख वर्गफुट (7 मिलियन स्क्वायर फीट) से अधिक कमर्शियल और इंडस्ट्रियल स्पेस विकसित कर चुकी है। इसके प्रोजेक्ट्स में कई फॉर्च्यून 500 कंपनियां, वैश्विक टेक कंपनियां और बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां कार्यरत हैं।
UAE में भी फैला कारोबार
हरीश फबियानी का कारोबार केवल भारत और स्पेन तक सीमित नहीं है। उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के प्रीमियम रियल एस्टेट सेक्टर में भी मजबूत निवेश किया है।
उनकी कंपनी के पोर्टफोलियो में Dubai Media City का Thuraya Tower और DIFC स्थित Burj Daman जैसे प्रीमियम ऑफिस प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन निवेशों के जरिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना बिजनेस नेटवर्क और मजबूत किया है।
कैसे बने अरबपति?
हरीश फबियानी की सफलता के पीछे लंबी अवधि का निवेश, सही समय पर अवसरों की पहचान और अलग-अलग सेक्टरों में विविध निवेश रणनीति को प्रमुख कारण माना जाता है।
उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार से शुरुआत की, फिर प्राइवेट इक्विटी, टेक्नोलॉजी, कमर्शियल रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाया। इसी रणनीति ने उन्हें स्पेन में रहने वाले सबसे अमीर भारतीयों की सूची में शीर्ष स्थान दिलाया।
निष्कर्ष
स्पेन में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए हरीश फबियानी एक प्रेरणादायक नाम हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले इस भारतीय कारोबारी ने वैश्विक निवेश, रियल एस्टेट और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अपनी दूरदर्शी रणनीति के दम पर अरबों डॉलर का साम्राज्य खड़ा किया। भारत, स्पेन और UAE में फैला उनका कारोबार यह दिखाता है कि सही दृष्टि और दीर्घकालिक निवेश सोच के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।


