Reliance Share Price Target: रिफाइनिंग, पेट्रोकेमिकल्स और न्यू एनर्जी बिजनेस बनेंगे ग्रोथ इंजन
नई दिल्ली। भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल Reliance Industries के शेयर को लेकर वैश्विक ब्रोकरेज फर्म JPMorgan ने बड़ा भरोसा जताया है। ब्रोकरेज हाउस ने कंपनी पर अपनी ‘Overweight’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹1,660 प्रति शेयर का टार्गेट प्राइस दिया है। मौजूदा बाजार भाव के मुकाबले यह करीब 25 फीसदी तक की संभावित तेजी का संकेत देता है।
मंगलवार को कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। निवेशकों की नजर अब कंपनी के आगामी प्रदर्शन, न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स और रिफाइनिंग कारोबार से मिलने वाली कमाई पर टिकी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कच्चे तेल और पेट्रोकेमिकल बाजार की मौजूदा परिस्थितियां बनी रहती हैं तो रिलायंस आने वाले महीनों में मजबूत रिटर्न देने वाले शेयरों में शामिल हो सकता है।
JPMorgan क्यों है रिलायंस पर बुलिश?
JPMorgan की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक Reliance Industries के लिए कई सकारात्मक फैक्टर एक साथ काम कर रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार में सुधार है। कंपनी एशिया की सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनियों में शामिल है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मार्जिन मजबूत रहने से इसका सीधा फायदा रिलायंस को मिल सकता है।
इसके अलावा भारतीय रुपये की कमजोरी भी कंपनी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। रिलायंस की कमाई का बड़ा हिस्सा ऐसे कारोबारों से आता है जिनका सीधा संबंध वैश्विक बाजार से है। ऐसे में डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से कंपनी की आय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
ब्रोकरेज का मानना है कि रिलायंस के न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स भी अब धीरे-धीरे व्यावसायिक चरण की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे अगले कुछ वर्षों में कंपनी के लिए एक नया ग्रोथ इंजन तैयार हो सकता है।
न्यू एनर्जी बिजनेस पर टिकी हैं निवेशकों की उम्मीदें
मुकेश अंबानी लंबे समय से रिलायंस को पारंपरिक तेल और गैस कारोबार से आगे ले जाकर ग्रीन एनर्जी सेक्टर में मजबूत खिलाड़ी बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
कंपनी गुजरात के जामनगर में विशाल न्यू एनर्जी कॉम्प्लेक्स विकसित कर रही है, जहां सोलर मॉड्यूल, बैटरी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे ये प्रोजेक्ट्स व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन शुरू करेंगे, रिलायंस की वैल्यूएशन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यही कारण है कि कई ब्रोकरेज फर्में कंपनी के शेयर को लंबी अवधि के लिए आकर्षक निवेश मान रही हैं।
FY26 में बढ़ा कैपेक्स, विस्तार पर जोर
रिलायंस की ताजा वार्षिक रिपोर्ट के विश्लेषण में JPMorgan ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी का कुल पूंजीगत व्यय (Capex) लगभग 10 प्रतिशत बढ़कर ₹1.4 लाख करोड़ तक पहुंच गया।
हालांकि कैश फ्लो स्टेटमेंट के अनुसार वास्तविक कैपेक्स लगभग ₹1.2 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में कुछ कम है। ब्रोकरेज के अनुसार इसका कारण भुगतान के समय में अंतर और विदेशी मुद्रा विनिमय हानि का पूंजीकरण है।
यह संकेत देता है कि कंपनी अभी भी विस्तार और भविष्य की परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। आमतौर पर बड़े कैपेक्स को भविष्य की ग्रोथ का संकेत माना जाता है।
किन कारोबारों में हुआ सबसे ज्यादा निवेश?
रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस ने विभिन्न बिजनेस सेगमेंट में निवेश की प्राथमिकताओं को बदला है।
ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) सेगमेंट में कंपनी का निवेश बढ़कर ₹32,400 करोड़ पहुंच गया। यह कंपनी के पारंपरिक और सबसे मजबूत कारोबारों में से एक है।
वहीं रिटेल बिजनेस में पूंजीगत खर्च घटकर ₹21,100 करोड़ रह गया। इसके विपरीत अन-एलोकेटेड सेगमेंट में निवेश तेजी से बढ़ा है। यहां खर्च पिछले वर्ष के ₹31,200 करोड़ से बढ़कर ₹55,900 करोड़ पहुंच गया।
विश्लेषकों का मानना है कि इसी श्रेणी में न्यू एनर्जी और भविष्य की रणनीतिक परियोजनाओं से जुड़ा बड़ा निवेश शामिल हो सकता है।
रिलायंस के तीन बड़े ग्रोथ इंजन
रिलायंस इंडस्ट्रीज की सबसे बड़ी ताकत इसका विविध कारोबार मॉडल माना जाता है।
पहला, कंपनी का रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल बिजनेस है जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी है।
दूसरा, Jio प्लेटफॉर्म्स है जिसने भारत के टेलीकॉम सेक्टर में बड़ा बदलाव किया और करोड़ों ग्राहकों का विशाल नेटवर्क तैयार किया।
तीसरा, रिलायंस रिटेल है जो देश की सबसे बड़ी रिटेल कंपनियों में शामिल है।
अब चौथे ग्रोथ इंजन के रूप में न्यू एनर्जी बिजनेस को देखा जा रहा है, जो आने वाले दशक में कंपनी की दिशा बदल सकता है।
क्या कहते हैं बाकी एनालिस्ट?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज को कवर करने वाले 33 विश्लेषकों में से 32 ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग दी हुई है।
इतनी बड़ी संख्या में खरीदारी की सलाह मिलना इस बात का संकेत है कि संस्थागत निवेशकों और ब्रोकरेज हाउसों का भरोसा कंपनी पर मजबूत बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बैलेंस शीट, विविध कारोबार, लगातार निवेश और नए क्षेत्रों में विस्तार रिलायंस को भारतीय बाजार की सबसे मजबूत कंपनियों में बनाए रखते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
रिलायंस इंडस्ट्रीज भारतीय शेयर बाजार का एक ब्लूचिप स्टॉक माना जाता है। कंपनी का कारोबार ऊर्जा, टेलीकॉम, रिटेल और डिजिटल सेवाओं जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।
JPMorgan द्वारा दिया गया ₹1,660 का टार्गेट इस बात का संकेत है कि बाजार के बड़े संस्थागत खिलाड़ी अभी भी इस शेयर में अच्छी संभावनाएं देख रहे हैं। हालांकि निवेशकों को किसी भी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लेनी चाहिए और कंपनी के जोखिम कारकों का भी आकलन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


