Ram Gopal Varma on Sridevi: बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने उनके साथ अपनी पहली मुलाकात और उनकी असाधारण प्रतिभा को याद किया। हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने श्रीदेवी की जयंती पर उनकी कोई फिल्म देखी या उन्हें याद किया, तो उनका जवाब काफी अलग और चौंकाने वाला था। राम गोपाल वर्मा ने कहा कि वह मरे हुए लोगों के बारे में नहीं सोचते और उनके जाने के बाद उनका ध्यान अपनी जिंदगी पर रहता है।
श्रीदेवी को लेकर राम गोपाल वर्मा ने क्या कहा?
राम गोपाल वर्मा ने श्रीदेवी को भारतीय सिनेमा की सबसे शानदार अभिनेत्रियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि आज भी वह यह समझ नहीं पाते कि श्रीदेवी कैमरे के सामने आखिर इतना असाधारण काम कैसे कर लेती थीं।
फिल्ममेकर ने खास तौर पर ‘मिस्टर इंडिया’ के उस मशहूर सीन का जिक्र किया, जिसमें श्रीदेवी ने चार्ली चैपलिन से प्रेरित अंदाज में अभिनय किया था। उनके मुताबिक, श्रीदेवी के अभिनय के पीछे की कला को पूरी तरह समझ पाना आसान नहीं है।
राम गोपाल वर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में जिन कलाकारों के साथ काम किया, उनमें श्रीदेवी सबसे जबरदस्त कलाकार थीं। उन्होंने माना कि उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और अभिनय की क्षमता ऐसी थी, जिसे दोहराना बेहद मुश्किल है।
‘मैं मरे हुए लोगों के बारे में बिल्कुल नहीं सोचता’
जब राम गोपाल वर्मा से पूछा गया कि श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी पर उन्होंने कुछ खास किया या उनकी फिल्में दोबारा देखीं, तो उन्होंने बेहद सीधे अंदाज में जवाब दिया।
उन्होंने कहा, “मैं मरे हुए लोगों के बारे में बिल्कुल नहीं सोचता। एक बार जब वे चले जाते हैं, तो वे मेरी जिंदगी से बाहर हो जाते हैं।”
राम गोपाल वर्मा ने आगे कहा कि किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में सोचते रहने के बजाय, जो अब इस दुनिया में नहीं है, वह अपनी जिंदगी और मौजूदा काम पर ध्यान देना पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि इस समय वह अभिनेता हर्षवर्धन राणे के साथ अपनी फिल्म ‘पुलिस कंपनी’ की शूटिंग में व्यस्त हैं।
उनका यह बयान सुनने में भले ही काफी कठोर लगे, लेकिन इसी बातचीत में उन्होंने श्रीदेवी की प्रतिभा और उनके प्रति अपनी गहरी प्रशंसा भी जाहिर की।
श्रीदेवी को दोबारा धरती पर देखना चाहते हैं राम गोपाल वर्मा
श्रीदेवी के साथ अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए राम गोपाल वर्मा ने एक दिलचस्प किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वह श्रीदेवी को अपनी फिल्म के लिए साइन करने के सिलसिले में चेन्नई स्थित उनके घर गए थे।
उस दौरान वह उनकी मां के साथ लिविंग रूम में बैठे हुए थे। वहीं श्रीदेवी फ्लाइट पकड़ने के लिए अपना सामान पैक कर रही थीं और बीच-बीच में कमरे में आ-जा रही थीं।
राम गोपाल वर्मा ने बताया कि जब भी श्रीदेवी कमरे में आती थीं, तो उन्हें ऐसा महसूस होता था जैसे अचानक कमरे में ताजी और स्फूर्तिदायक हवा का झोंका आ गया हो।
उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि श्रीदेवी सिर्फ एक बार फिर धरती पर वापस आएं, ताकि पूरी दुनिया को यह पता चल सके कि वह वास्तव में कैसी असाधारण शख्सियत थीं।
यह बात श्रीदेवी के प्रति उनके सम्मान और उनकी असाधारण उपस्थिति को लेकर राम गोपाल वर्मा की सोच को जाहिर करती है।
श्रीदेवी की बायोग्राफी ‘द एम्प्रेस’ में लिखा चैप्टर
राम गोपाल वर्मा ने श्रीदेवी की जिंदगी पर आधारित बायोग्राफी ‘द एम्प्रेस’ (The Empress) के बारे में भी बातचीत की। इस किताब को धीरज यू. कुमार ने लिखा है और श्रीदेवी की बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर इसकी घोषणा की गई थी।
फिल्ममेकर ने बताया कि उन्होंने इस किताब के लिए एक चैप्टर लिखा है। उन्हें बताया गया है कि किताब में उनका लिखा हुआ चैप्टर सबसे अच्छा है। हालांकि, राम गोपाल वर्मा ने अपने चिर-परिचित अंदाज में इस तारीफ को लेकर भी मजाकिया टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि हो सकता है कि किताब में योगदान देने वाले हर व्यक्ति से यही कहा गया हो कि उसका चैप्टर सबसे अच्छा है।
‘स्क्रीन क्वीन’ नाम को ज्यादा पसंद करते
जब श्रीदेवी की बायोग्राफी के नाम ‘द एम्प्रेस’ के बारे में राम गोपाल वर्मा से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें पहले पता ही नहीं था कि किताब का नाम ‘द एम्प्रेस’ रखा गया है।
उन्होंने माना कि श्रीदेवी के लिए ‘एम्प्रेस’ यानी महारानी शब्द उपयुक्त हो सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह उन्हें ‘स्क्रीन क्वीन’ कहना ज्यादा पसंद करते।
राम गोपाल वर्मा के मुताबिक, श्रीदेवी वास्तव में स्क्रीन की क्वीन थीं और उनके बाद आने वाली कई अभिनेत्रियों ने उनके प्रभाव से कुछ न कुछ सीखा।
श्रीदेवी की मौत ने बॉलीवुड को दिया था बड़ा झटका
श्रीदेवी भारतीय सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में शामिल थीं, जिन्होंने हिंदी फिल्मों के साथ-साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने लंबे करियर में कई यादगार किरदार निभाए।
‘मिस्टर इंडिया’, ‘चांदनी’, ‘हिम्मतवाला’ समेत कई फिल्मों में उनके अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। उनकी कॉमिक टाइमिंग, भावनात्मक अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस को आज भी याद किया जाता है।
श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को दुबई में हुआ था। उस समय वह अपने रिश्तेदार और अभिनेता मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने के लिए दुबई गई थीं। होटल में उनकी अचानक मौत की खबर सामने आने के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई थी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, होटल के कमरे में बेहोश पाए जाने के बाद उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
आज भी याद किया जाता है श्रीदेवी का अभिनय
श्रीदेवी को दुनिया से गए कई साल हो चुके हैं, लेकिन उनकी फिल्मों और अभिनय का प्रभाव आज भी कायम है। खासकर ‘मिस्टर इंडिया’ जैसे प्रोजेक्ट्स में उनके अभिनय ने यह साबित किया कि वह सिर्फ एक स्टार नहीं, बल्कि बेहद प्रतिभाशाली परफॉर्मर थीं।
राम गोपाल वर्मा का कहना है कि आज भी वह यह समझ नहीं पाते कि श्रीदेवी स्क्रीन पर ऐसे अभिनय को कैसे अंजाम देती थीं। यही वजह है कि उनके मुताबिक श्रीदेवी को सिर्फ एक अभिनेत्री के तौर पर नहीं, बल्कि एक असाधारण कलाकार के तौर पर याद किया जाना चाहिए।
राम गोपाल वर्मा का बयान भले ही अपनी बेबाकी के लिए चर्चा में आया हो, लेकिन उनकी पूरी बातचीत में श्रीदेवी के प्रति सम्मान साफ नजर आता है। एक तरफ उन्होंने कहा कि वह मरे हुए लोगों के बारे में नहीं सोचते, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने यह भी माना कि श्रीदेवी जैसी कलाकार को समझना और उनके अभिनय की बराबरी करना बेहद मुश्किल है।
श्रीदेवी आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन ‘चांदनी’ से लेकर ‘मिस्टर इंडिया’ तक उनके निभाए किरदार और उनका अभिनय भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा याद किए जाते रहेंगे।


