रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने महावीर चक्र से सम्मानित और 1999 के कारगिल युद्ध के वीर योद्धा कर्नल (सेवानिवृत्त) सोनम वांगचुक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद किया।
ऑपरेशन विजय के नायक को श्रद्धांजलि
कारगिल युद्ध के दौरान चलाए गए ऑपरेशन विजय में कर्नल सोनम वांगचुक का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि उनके साहसिक कार्य भारतीय सेना के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेंगे।
Operation Vijay के दौरान उनके अदम्य साहस ने न केवल युद्ध के मोर्चे पर बल्कि पूरे देश के मनोबल को भी मजबूत किया।
“साहस और एकता का प्रतीक थे कर्नल वांगचुक”
Rajnath Singh ने कहा कि कर्नल सोनम वांगचुक का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रीय एकता का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रेरित करती रहेगी।
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि कर्नल वांगचुक ने जिस क्षेत्र से आते हुए देश की सेवा की, वह उनकी दृढ़ता और समर्पण का प्रतीक है।
देश की एकता में योगदान
अपने संदेश में रक्षा मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि कर्नल वांगचुक भारतीय सशस्त्र बलों में “विविधता में एकता” की भावना का प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि उनका जीवन यह दर्शाता है कि भारत की ताकत उसकी विविधता और एकजुटता में निहित है।
देशभर में शोक की लहर
कर्नल सोनम वांगचुक के निधन की खबर के बाद सैन्य और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है। कई पूर्व सैनिकों और अधिकारियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है और उनके योगदान को याद किया है।
निष्कर्ष
कर्नल सोनम वांगचुक जैसे वीरों का जीवन भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा है। उनके साहस और बलिदान की कहानियाँ आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करती रहेंगी।
रक्षा मंत्री Rajnath Singh द्वारा दी गई श्रद्धांजलि इस बात का प्रमाण है कि देश अपने वीर सपूतों को कभी नहीं भूलता।
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