नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब जनरल टिकट या प्लेटफॉर्म टिकट लेकर स्लीपर या एसी कोच में सफर करना पहले से कहीं ज्यादा महंगा पड़ सकता है। केंद्र सरकार के जन विश्वास (संशोधन प्रावधान) अधिनियम 2026 के तहत रेलवे ने बेटिकट और अनधिकृत यात्रा पर लगने वाले जुर्माने को दोगुना कर दिया है।
रेलवे बोर्ड ने 20 जून 2026 से इस नए प्रावधान को पूरे देश में लागू कर दिया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि बिना वैध टिकट यात्रा करने पर लगने वाला न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा अन्य कई रेलवे अपराधों पर भी भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
जनरल टिकट लेकर स्लीपर में यात्रा करना पड़ेगा महंगा
देश के लाखों यात्री कन्फर्म टिकट नहीं मिलने की स्थिति में जनरल टिकट लेकर स्लीपर कोच में चढ़ जाते हैं और बाद में टीटीई से जुर्माना देकर टिकट बनवा लेते हैं। अब ऐसी व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक महंगी हो जाएगी।
यदि कोई यात्री जनरल टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट या किसी अन्य श्रेणी का टिकट लेकर स्लीपर, थर्ड एसी, सेकेंड एसी या किसी उच्च श्रेणी के कोच में यात्रा करता है, तो उसे अतिरिक्त किराये के साथ कम से कम 500 रुपये का जुर्माना देना होगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस कदम का उद्देश्य अवैध यात्रा को रोकना और आरक्षित यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।
चुपचाप लागू हुआ नया कानून
केंद्र सरकार ने इसी वर्ष संसद में जन विश्वास (Amendment of Provisions) Bill, 2026 पारित कराया था। इस कानून में रेलवे सहित कई विभागों से जुड़े दंडात्मक प्रावधानों में बदलाव किए गए थे।
रेलवे बोर्ड ने 20 जून 2026 से इन संशोधित नियमों को लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। हालांकि इसके लिए कोई बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस या सार्वजनिक अभियान नहीं चलाया गया, इसलिए बड़ी संख्या में यात्रियों को अभी तक इसकी जानकारी नहीं है।
यात्रियों के लिए क्या-क्या बदला?
नए नियम लागू होने के बाद रेलवे यात्रियों के लिए निम्नलिखित बदलाव प्रभावी हो गए हैं:
- बेटिकट यात्रा पर न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो गया है।
- जनरल या प्लेटफॉर्म टिकट लेकर स्लीपर एवं एसी कोच में यात्रा करने पर अधिक जुर्माना देना होगा।
- रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में भीख मांगना प्रतिबंधित किया गया है।
- बिना अनुमति सामान बेचने या फेरी लगाने पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- महिला कोच में अनधिकृत रूप से यात्रा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
- प्रतिबंधित या खतरनाक सामान ले जाने पर भारी आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
रेलवे जुर्माने की नई दरें
| अपराध | पहले जुर्माना | नया जुर्माना | अतिरिक्त कार्रवाई |
|---|---|---|---|
| बेटिकट यात्रा | ₹250 | ₹500 (न्यूनतम) + किराया | भुगतान न करने पर कोर्ट केस |
| दूसरे के टिकट पर सफर | ₹250 | ₹500 (न्यूनतम) + किराया | टिकट जब्त हो सकता है |
| अवैध फेरी या भीख मांगना | नहीं | ₹2,000 | दोबारा पकड़े जाने पर जेल |
| ट्रेन या स्टेशन पर उपद्रव | नहीं | ₹1,000 | ट्रेन से उतारा जा सकता है |
| महिला कोच में पुरुष यात्री | नहीं | ₹2,500 | तत्काल कार्रवाई |
| खतरनाक सामान ले जाना | नहीं | ₹10,000 (न्यूनतम) | कानूनी कार्रवाई |
| प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश | नहीं | ₹500 | रेलवे स्टाफ हटाएगा |
हर तीन साल में अपने आप बढ़ेगा जुर्माना
जन विश्वास कानून की एक खास व्यवस्था यह भी है कि जुर्माने की राशि समय के साथ स्वतः बढ़ती रहेगी। कानून के अनुसार निर्धारित दंड हर तीन वर्ष में 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।
यदि रेलवे या केंद्र सरकार इससे अधिक या कम बदलाव करना चाहती है तो उसके लिए अलग से संशोधन प्रक्रिया अपनानी होगी।
रेलवे ने क्यों बढ़ाया जुर्माना?
रेलवे के सामने लंबे समय से बेटिकट यात्रा, गलत श्रेणी में सफर और अनधिकृत गतिविधियों की समस्या बनी हुई है। इससे न केवल रेलवे को राजस्व का नुकसान होता है बल्कि आरक्षित टिकट वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जुर्माने में बढ़ोतरी से यात्रियों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अवैध यात्रा के मामलों में कमी आ सकती है।
यात्रियों के लिए सलाह
यदि आप ट्रेन से यात्रा करने वाले हैं तो हमेशा उसी श्रेणी का वैध टिकट लेकर सफर करें। जनरल टिकट लेकर स्लीपर या एसी कोच में चढ़ना अब पहले की तुलना में अधिक महंगा साबित हो सकता है। यात्रा शुरू करने से पहले टिकट की श्रेणी और कोच की जानकारी अवश्य जांच लें ताकि भारी जुर्माने से बचा जा सके।


