HDFC Bank AGM: देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा है कि HDFC लिमिटेड के मर्जर का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है और आने वाली तिमाहियों में बैंक के CASA रेशियो (Current Account Savings Account) और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि मजबूत डिपॉजिट ग्रोथ, क्रॉस-सेलिंग और कंजम्प्शन आधारित बिजनेस बैंक की भविष्य की ग्रोथ को नई मजबूती देंगे।
Highlights
- HDFC बैंक के चेयरमैन राजीव कुमार ने CASA और NIM में सुधार का भरोसा जताया।
- HDFC लिमिटेड के मर्जर से बैलेंस शीट स्ट्रक्चर में आया था बदलाव।
- अगले 2-3 वर्षों में प्रदर्शन बेहतर होने की उम्मीद।
- FY26 में बैंक के डिपॉजिट 14.4% बढ़े।
- 95% से ज्यादा नए होम लोन ग्राहक सेविंग अकाउंट भी खोल रहे हैं।
- बुधवार को HDFC बैंक का शेयर 734.65 रुपये पर बंद हुआ।
मर्जर का असर धीरे-धीरे होगा खत्म
HDFC बैंक की 32वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में अपने पहले संबोधन के दौरान पार्ट-टाइम चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा कि HDFC लिमिटेड के बैंक में विलय के बाद बैलेंस शीट का ढांचा बदल गया था। इसका असर खास तौर पर CASA रेशियो और नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर पड़ा।
उन्होंने कहा कि बैंक लगातार अपनी डिपॉजिट मार्केट हिस्सेदारी बढ़ा रहा है और उपभोक्ता आधारित (Consumption-led) कारोबार पर फोकस कर रहा है। इसी वजह से आने वाले कुछ क्वार्टर और अगले 2-3 वर्षों में दोनों प्रमुख संकेतकों में सुधार देखने को मिल सकता है।
कॉरपोरेट गवर्नेंस को और मजबूत किया जाएगा
राजीव कुमार ने कहा कि HDFC बैंक की कार्यसंस्कृति, आंतरिक नियंत्रण प्रणाली और कॉरपोरेट गवर्नेंस पहले से मजबूत है। बैंक आने वाले समय में इसे और बेहतर बनाने पर काम करेगा।
उन्होंने कहा कि बैंक अपने शेयरधारकों, ग्राहकों, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के भरोसे को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और पारदर्शिता के साथ काम करता रहेगा।
अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद आया अहम बयान
राजीव कुमार का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि मार्च 2026 में तत्कालीन पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने नैतिक मतभेदों का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था।
इसके बाद बैंक की ओर से स्वतंत्र कानूनी जांच कराई गई थी। जून 2026 में आई रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की गवर्नेंस या नैतिक अनियमितता के सबूत नहीं मिले थे। AGM में राजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि बैंक की गवर्नेंस प्रणाली मजबूत बनी हुई है।
बोर्ड नियुक्तियां मेरिट के आधार पर होंगी
चेयरमैन ने कहा कि भविष्य में बोर्ड स्तर पर सभी नियुक्तियां केवल योग्यता, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता के आधार पर की जाएंगी।
हालांकि, HDFC बैंक के MD एवं CEO शशिधर जगदीशन के तीसरे कार्यकाल को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
डिपॉजिट ग्रोथ ने दिखाई मजबूती
राजीव कुमार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में HDFC बैंक के कुल डिपॉजिट में 14.4% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे बैंकिंग सिस्टम में यह वृद्धि 11.5% रही।
इसी अवधि में बैंक के कुल एडवांस (Loan Book) में 12.1% की बढ़ोतरी हुई।
उन्होंने यह भी बताया कि HDFC बैंक से पहली बार होम लोन लेने वाले 95% से अधिक ग्राहक बैंक में सेविंग अकाउंट भी खोल रहे हैं, जिससे मर्जर के बाद क्रॉस-सेलिंग के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
HDFC बैंक शेयर का प्रदर्शन
बुधवार को HDFC बैंक का शेयर 0.99% की गिरावट के साथ 734.65 रुपये पर बंद हुआ।
शेयर के प्रदर्शन पर नजर डालें तो—
- पिछले 1 महीने में करीब 11.47% की गिरावट
- पिछले 1 साल में लगभग 25.70% की कमजोरी
- पिछले 5 वर्षों का रिटर्न भी करीब 1.56% निगेटिव
- बैंक का कुल मार्केट कैप करीब 5.65 लाख करोड़ रुपये
हालांकि, बैंक प्रबंधन का मानना है कि मर्जर के बाद बिजनेस मॉडल मजबूत हो रहा है और CASA, NIM तथा क्रॉस-सेलिंग में सुधार से आने वाले वर्षों में वित्तीय प्रदर्शन बेहतर हो सकता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।


