देश के कई बड़े शहरों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG अब तेजी से घरेलू ईंधन का प्रमुख विकल्प बनती जा रही है। LPG सिलेंडर की झंझट से बचने और मीटर आधारित बिलिंग सिस्टम की वजह से लोग PNG कनेक्शन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
14 मई 2026 को मुंबई में PNG की कीमत ₹50 प्रति SCM (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) दर्ज की गई। पिछले महीने की तुलना में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। खास बात यह है कि मुंबई में PNG की कीमत अक्टूबर 2025 से लगातार स्थिर बनी हुई है।
हालांकि पिछले 12 महीनों में PNG की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिली है। जून 2025 से मई 2026 के बीच कीमतों में लगभग ₹1 प्रति SCM की वृद्धि दर्ज की गई। सितंबर 2025 में सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई थी, जब दाम ₹0.50 तक बढ़े थे।
क्या है PNG और क्यों बढ़ रही है इसकी मांग?
Piped Natural Gas यानी PNG एक ऐसी गैस सेवा है जिसमें प्राकृतिक गैस सीधे पाइपलाइन के जरिए घरों, होटल, रेस्तरां और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचाई जाती है।
इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं, गैस खत्म होने का डर नहीं, मीटर के हिसाब से बिलिंग, कम प्रदूषण, ज्यादा सुरक्षित सप्लाई सिस्टम इसी वजह से दिल्ली, मुंबई, नोएडा, गुरुग्राम और बेंगलुरु जैसे शहरों में PNG कनेक्शन तेजी से बढ़ रहे हैं।
PNG की कीमत कैसे तय होती है?
भारत में PNG की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं: अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस की कीमतें, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात लागत, पाइपलाइन ट्रांसपोर्ट खर्च, स्थानीय वितरण कंपनियों की लागत भारत अपनी प्राकृतिक गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में वैश्विक गैस बाजार में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू PNG कीमतों पर भी पड़ता है।
LPG से कितना अलग है PNG?
PNG और LPG दोनों खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होते हैं, लेकिन दोनों की सप्लाई और बिलिंग सिस्टम अलग है।
| PNG | LPG |
|---|---|
| पाइपलाइन से सप्लाई | सिलेंडर आधारित |
| मीटर के हिसाब से बिल | सिलेंडर रिफिल |
| लगातार गैस सप्लाई | सिलेंडर खत्म होने का जोखिम |
| कम मेंटेनेंस | रेगुलर बुकिंग जरूरत |
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में शहरी इलाकों में PNG का इस्तेमाल और तेजी से बढ़ सकता है।
सरकार क्यों बढ़ा रही है गैस नेटवर्क?
केंद्र सरकार “वन नेशन वन गैस ग्रिड” मॉडल पर तेजी से काम कर रही है। इसका उद्देश्य:
- स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना
- प्रदूषण कम करना
- LNG और प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल बढ़ाना
- आयातित तेल पर निर्भरता घटाना
है।
इसी वजह से शहर गैस वितरण (CGD) नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
क्या आगे बढ़ सकती हैं PNG कीमतें?
ऊर्जा बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले महीनों में PNG कीमतों पर कई वैश्विक फैक्टर्स असर डाल सकते हैं:
1. वैश्विक गैस कीमतें
अगर अंतरराष्ट्रीय LNG कीमतों में तेजी आती है तो घरेलू गैस महंगी हो सकती है।
2. पश्चिम एशिया तनाव
ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ने से गैस बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।
3. डॉलर की मजबूती
रुपये में कमजोरी आयात लागत बढ़ा सकती है।
4. घरेलू मांग
भारत में तेजी से बढ़ती गैस खपत भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
देश के बड़े शहरों में आज का PNG रेट
| शहर | PNG कीमत |
|---|---|
| नई दिल्ली | ₹47.90 |
| कोलकाता | ₹50.00 |
| मुंबई | ₹50.00 |
| चेन्नई | ₹50.00 |
| गुरुग्राम | ₹49.90 |
| नोएडा | ₹47.76 |
| बेंगलुरु | ₹52.00 |
| भुवनेश्वर | ₹45.33 |
| चंडीगढ़ | ₹52.63 |
| हैदराबाद | ₹51.00 |
| जयपुर | ₹49.50 |
| लखनऊ | ₹56.50 |
| पटना | ₹49.44 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹51.00 |
Source: Good Returns
सबसे सस्ती और महंगी PNG कहां?
ताजा आंकड़ों के अनुसार: सबसे सस्ती PNG भुवनेश्वर में ₹45.33 प्रति SCM, सबसे महंगी PNG लखनऊ में ₹56.50 प्रति SCM मिल रही है।
निष्कर्ष
PNG फिलहाल भारत के शहरी इलाकों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। स्थिर कीमतों की वजह से उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत जरूर है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस बाजार में उतार-चढ़ाव आने वाले महीनों में घरेलू कीमतों को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छ ईंधन की बढ़ती मांग और सरकार की गैस इंफ्रास्ट्रक्चर नीति के चलते PNG सेक्टर आने वाले वर्षों में और तेजी से बढ़ सकता है।
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