भारत में CNG यानी Compressed Natural Gas अब सिर्फ एक वैकल्पिक ईंधन नहीं रह गई है, बल्कि तेजी से लाखों वाहन चालकों की पहली पसंद बनती जा रही है। पेट्रोल और डीजल की ऊंची कीमतों के बीच CNG को सस्ता और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर विकल्प माना जाता है। 14 मई 2026 को मुंबई में CNG की कीमत ₹81 प्रति किलो दर्ज की गई है। पिछले महीने की तुलना में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन बीते 12 महीनों में कीमतों में कुल ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी देखी गई है।
दिलचस्प बात यह है कि सितंबर 2025 में CNG कीमतों में सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी ₹0.50 प्रति किलो दर्ज की गई थी। हालांकि अभी कई शहरों में दाम स्थिर हैं, लेकिन वैश्विक प्राकृतिक गैस बाजार में उतार-चढ़ाव आने वाले महीनों में भारतीय बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।
भारत में CNG की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में CNG की कीमतें पूरी तरह घरेलू स्तर पर तय नहीं होतीं। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयातित प्राकृतिक गैस के जरिए पूरा करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG और प्राकृतिक गैस की कीमतों का सीधा असर भारत में CNG रेट पर पड़ता है।
अगर वैश्विक बाजार में गैस महंगी होती है, तो घरेलू कंपनियों की लागत बढ़ती है और इसका असर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचता है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, परिवहन लागत, टैक्स और स्थानीय वितरण नेटवर्क भी CNG की कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई से जुड़े जोखिम आने वाले समय में गैस बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय गैस कीमतों में तेजी जारी रहती है, तो भारत में भी CNG महंगी हो सकती है।
क्यों बढ़ रही है CNG वाहनों की मांग?
भारत में पिछले कुछ वर्षों में CNG वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ी है। इसकी सबसे बड़ी वजह पेट्रोल और डीजल की तुलना में कम परिचालन लागत है। टैक्सी, ऑटो, कमर्शियल वाहन और निजी कार मालिक बड़ी संख्या में CNG विकल्प चुन रहे हैं।
इसके पीछे कुछ बड़े कारण हैं:
- पेट्रोल और डीजल के मुकाबले कम खर्च
- कम प्रदूषण
- बेहतर माइलेज
- सरकार की हरित ऊर्जा नीति
- कई शहरों में तेजी से बढ़ता CNG स्टेशन नेटवर्क
दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, पुणे, अहमदाबाद और लखनऊ जैसे शहरों में CNG नेटवर्क मजबूत होने से इसकी लोकप्रियता और बढ़ी है।
महानगरों और राज्य की राजधानियों में आज के CNG रेट
नीचे देश के प्रमुख शहरों में 14 मई 2026 के ताजा CNG रेट दिए गए हैं:
| शहर | CNG कीमत (₹/Kg) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹77.09 | 0.00 |
| मुंबई | ₹81.00 | 0.00 |
| चेन्नई | ₹91.50 | 0.00 |
| बेंगलुरु | ₹90.00 | 0.00 |
| हैदराबाद | ₹97.00 | 0.00 |
| भरतपुर | ₹92.50 | 0.00 |
| देवास | ₹96.00 | 0.00 |
| फिरोजाबाद | ₹93.85 | 0.00 |
| मथुरा | ₹93.00 | 0.00 |
| मेरठ | ₹86.05 | 0.00 |
| रेवाड़ी | ₹81.71 | 0.00 |
| सोनीपत | ₹86.60 | 0.00 |
| NCR | ₹77.09 | 0.00 |
Source: Good Returns
दिल्ली सबसे सस्ता, हैदराबाद सबसे महंगा क्यों?
दिल्ली-एनसीआर में CNG कीमतें देश के कई हिस्सों के मुकाबले कम हैं। इसकी मुख्य वजह यहां गैस वितरण नेटवर्क का पुराना और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है। इसके अलावा सरकारी नीतियां और अधिक मांग भी लागत को संतुलित रखने में मदद करती हैं।
वहीं हैदराबाद, देवास और दक्षिण भारत के कुछ शहरों में CNG अपेक्षाकृत महंगी है। लंबी सप्लाई चेन, ट्रांसपोर्ट लागत और क्षेत्रीय टैक्स इसका बड़ा कारण माने जाते हैं।
क्या आगे और महंगी हो सकती है CNG?
ऊर्जा बाजार पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वैश्विक प्राकृतिक गैस कीमतों में तेजी बनी रहती है तो भारत में CNG के दाम भी बढ़ सकते हैं। खासतौर पर:
- डॉलर मजबूत होने पर
- LNG आयात महंगा होने पर
- पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने पर
- शिपिंग लागत बढ़ने पर
भारतीय शहरों में CNG की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि सरकार फिलहाल आम उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ डालने से बचना चाहती है। इसी वजह से कई शहरों में पिछले कुछ महीनों से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
पर्यावरण के लिहाज से क्यों अहम है CNG?
CNG को पेट्रोल और डीजल की तुलना में ज्यादा स्वच्छ ईंधन माना जाता है। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है और वायु प्रदूषण नियंत्रित करने में मदद मिलती है। दिल्ली जैसे प्रदूषण प्रभावित शहरों में CNG आधारित सार्वजनिक परिवहन को लंबे समय से बढ़ावा दिया जा रहा है।
भारत सरकार भी गैस आधारित अर्थव्यवस्था (Gas-Based Economy) पर जोर दे रही है। इसी रणनीति के तहत आने वाले वर्षों में और अधिक CNG स्टेशन खोलने की योजना है।
क्या इलेक्ट्रिक वाहनों से मिलेगी चुनौती?
हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बाजार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन फिलहाल CNG कम लागत वाले ईंधन के रूप में मजबूत स्थिति में है। EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी देशभर में उतना मजबूत नहीं है जितना CNG नेटवर्क हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ वर्षों तक CNG और EV दोनों समानांतर रूप से बढ़ते रहेंगे, खासतौर पर कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर में।
निष्कर्ष
फिलहाल देश के अधिकांश शहरों में CNG कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता भविष्य में दामों को प्रभावित कर सकती है। मुंबई में ₹81 प्रति किलो और दिल्ली में ₹77.09 प्रति किलो के आसपास चल रही CNG आज भी पेट्रोल-डीजल की तुलना में सस्ता विकल्प बनी हुई है। बढ़ते प्रदूषण और ईंधन लागत के बीच भारत में CNG की मांग आने वाले समय में और बढ़ सकती है।
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