देश के लाखों युवाओं के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS) एक बड़ा अवसर बनकर सामने आई है। नौकरी से पहले इंडस्ट्री एक्सपीरियंस और स्किल डेवलपमेंट की बढ़ती जरूरत को देखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है, जिसके तहत युवाओं को देश की टॉप कंपनियों में इंटर्नशिप करने का मौका दिया जा रहा है। खास बात यह है कि इंटर्नशिप के दौरान युवाओं को हर महीने ₹9,000 का स्टाइपेंड और ₹6,000 का वन-टाइम जॉइनिंग ग्रांट भी मिलेगा।
सरकार का उद्देश्य सिर्फ इंटर्नशिप देना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना है। आज बड़ी संख्या में छात्र डिग्री पूरी करने के बाद भी इंडस्ट्री एक्सपीरियंस की कमी के कारण नौकरी पाने में संघर्ष करते हैं। PMIS योजना इसी गैप को भरने की कोशिश मानी जा रही है।
देश की टॉप 500 कंपनियों में मिलेगा मौका
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत युवाओं को देश की बड़ी कंपनियों में 12 महीने तक काम करने का अवसर मिलेगा। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, बैंकिंग, आईटी, रिटेल, एनर्जी और सर्विस सेक्टर की कई बड़ी कंपनियां शामिल हो सकती हैं। सरकार का दावा है कि इस योजना से युवाओं को रियल वर्क एनवायरमेंट में काम सीखने का मौका मिलेगा।
हालांकि अलग-अलग कंपनियों और रोल के हिसाब से इंटर्नशिप की अवधि अलग हो सकती है, लेकिन अधिकतर अवसर 12 महीने तक के बताए गए हैं। इस दौरान छात्रों को ट्रेनिंग, स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री एक्सपोजर दिया जाएगा।
कितना मिलेगा स्टाइपेंड?
PMIS योजना के तहत चयनित युवाओं को हर महीने कुल ₹9,000 का स्टाइपेंड मिलेगा। इसमें ₹8,100 केंद्र सरकार देगी, ₹900 संबंधित कंपनी की ओर से दिए जाएंगे
इसके अलावा इंटर्नशिप शुरू करने पर ₹6,000 का एकमुश्त जॉइनिंग ग्रांट भी मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी बड़े शहरों और कंपनियों में काम सीखने का अवसर मिल सकेगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए उम्मीदवार की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम योग्यता 12वीं पास रखी गई है। इसके अलावा ITI सर्टिफिकेट धारक, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा छात्र, ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट छात्र भी आवेदन कर सकते हैं।
सरकार ने इस योजना को खासतौर पर उन युवाओं के लिए डिजाइन किया है जो नौकरी शुरू करने से पहले इंडस्ट्री स्किल सीखना चाहते हैं।
कौन नहीं कर सकता आवेदन?
सरकार ने कुछ श्रेणियों को योजना से बाहर रखा है। इनमें 18 वर्ष से कम या 25 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, फुल-टाइम नौकरी कर रहे उम्मीदवार जिनके परिवार की सालाना आय ₹12 लाख से ज्यादा है CA, CS, CMA, MBBS या PhD धारक शामिल हैं।
सरकार का उद्देश्य योजना का लाभ मुख्य रूप से ऐसे युवाओं तक पहुंचाना है जिन्हें करियर की शुरुआत में सपोर्ट की जरूरत है।
आवेदन कैसे करें?
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। उम्मीदवार PM Internship Portal पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया
सबसे पहले पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए लॉग-इन करना होगा। उम्मीदवारों को अपनी प्रोफाइल बनानी होगी, जिसमें शैक्षणिक योग्यता और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होगी।
इसके बाद छात्र अपनी पसंद के Internship Role चुन सकते हैं। उम्मीदवार एक से अधिक रोल के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद कंपनियों की ओर से शॉर्टलिस्टिंग की जाएगी और चयन होने पर ईमेल या मैसेज के जरिए सूचना भेजी जाएगी।
31 मई 2026 है आवेदन की आखिरी तारीख
सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक PMIS पोर्टल 31 मई 2026 तक खुला रहेगा। ऐसे में पात्र उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना जल्द आवेदन करें।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को ज्यादा प्राथमिकता देंगी जिनके पास पहले से इंडस्ट्री एक्सपीरियंस होगा। ऐसे में PM Internship Scheme युवाओं के लिए करियर की मजबूत शुरुआत साबित हो सकती है।
युवाओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?
भारत में हर साल लाखों छात्र ग्रेजुएशन और डिप्लोमा पूरा करते हैं, लेकिन उनमें से बड़ी संख्या को नौकरी मिलने में समय लगता है। इसकी एक बड़ी वजह practical experience की कमी होती है। PMIS जैसी योजनाएं छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री की जरूरतों को समझने का मौका देती हैं।
इसके अलावा बड़ी कंपनियों में काम करने का अनुभव आगे नौकरी पाने में भी मदद करता है। कई बार कंपनियां अच्छा प्रदर्शन करने वाले इंटर्न को भविष्य में नौकरी का ऑफर भी दे देती हैं। यही वजह है कि इस योजना को युवाओं के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है।
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