पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी माहौल तेज हो गया है। Narendra Modi ने कूचबिहार में अपनी पहली चुनावी रैली से सीधा संदेश दिया—यह चुनाव “भय (Fear)” और “भरोसा (Trust)” के बीच की लड़ाई है।
उन्होंने सत्तारूढ़ Trinamool Congress सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए राज्य में “महा जंगलराज” होने का दावा किया।
“मालदा घटना ने देश को हिला दिया”
प्रधानमंत्री ने मालदा की हालिया घटना को मुद्दा बनाते हुए कहा कि:
- न्यायिक अधिकारियों को घंटों बंधक बनाया गया
- कानून और संवैधानिक व्यवस्था सुरक्षित नहीं है
- ऐसी सरकार जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर सकती है?
यह घटना कालीचक-II ब्लॉक ऑफिस में हुई थी, जहां भीड़ ने न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया था।
“भय बनाम भरोसा” — चुनावी नैरेटिव
Narendra Modi ने अपने भाषण में साफ कहा:
- एक तरफ TMC का “भय”, कट मनी और भ्रष्टाचार
- दूसरी तरफ BJP का “भरोसा” और विकास
उनका दावा था कि भाजपा राज्य में कानून व्यवस्था और विकास दोनों को मजबूत करेगी।
घुसपैठ और जनसांख्यिकी बदलाव का मुद्दा
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि:
- बांग्लादेश से घुसपैठ बढ़ी है
- सीमा क्षेत्रों की जनसांख्यिकी बदल रही है
- यह सब राजनीतिक संरक्षण में हो रहा है
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर इस पर सख्त कार्रवाई होगी।
CAA और वोटर लिस्ट विवाद
Narendra Modi ने कहा कि:
- TMC नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध कर रही है
- वजह यह है कि वह “घुसपैठियों” को बचाना चाहती है
- वहीं भाजपा “हिंदू शरणार्थियों” को नागरिकता देने के पक्ष में है
महिलाओं की सुरक्षा और संदेशखाली मुद्दा
प्रधानमंत्री ने संदेशखाली का जिक्र करते हुए कहा:
- महिलाओं के साथ अत्याचार हुए
- राज्य सरकार ने सही कार्रवाई नहीं की
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाजपा:
- महिलाओं की सुरक्षा
- सम्मान और सशक्तिकरण सुनिश्चित करेगी
“4 मई के बाद होगी कार्रवाई”
प्रधानमंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि:
- चुनाव नतीजों (4 मई) के बाद
- भ्रष्टाचार और हिंसा के मामलों की जांच होगी
- कानून अपना काम करेगा
निष्कर्ष
Narendra Modi की इस रैली ने साफ कर दिया है कि भाजपा इस बार बंगाल चुनाव को “भय बनाम भरोसा” के नैरेटिव पर लड़ रही है।
दूसरी ओर Trinamool Congress भी अपने मुद्दों और जवाबी रणनीति के साथ मैदान में है।
अब देखना होगा कि बंगाल की जनता इस राजनीतिक मुकाबले में किसे चुनती है।
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