NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    lng-supply-india-first-tanker-from-hormuz-after-3-months
    LNG Supply India: 3 महीने बाद भारत के लिए होर्मुज से निकला पहला LNG टैंकर, खाड़ी देशों की गुप्त रणनीति से मिली बड़ी राहत
    24 मई 2026
    fertilizer-crisis-human-urine-demand-rises-amid-iran-us-tension
    Fertilizer Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच इंसानी पेशाब तक की बढ़ी मांग, खाद संकट ने किसानों को मजबूर किया नए प्रयोगों पर
    24 मई 2026
    indian-rupee-falling-against-dollar-share-market-fpi-fdi-crisis
    Swaminomics: पत्थर की तरह क्यों गिर रहा है भारतीय रुपया? शेयर बाजार की चमक ने बढ़ाई टेंशन, समझिए पूरा खेल
    24 मई 2026
    itr-filing-before-15-june-income-tax-notice-refund-delay-warning
    ITR भरने में ना दिखाएं जल्दबाजी! 15 जून से पहले रिटर्न फाइल किया तो आ सकता है Income Tax नोटिस, अटक सकता है रिफंड
    24 मई 2026
    petrol-diesel-price-hike-bpcl-official-warning-ethanol-blending-india
    क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? BPCL अधिकारी की चेतावनी, इथेनॉल और ग्रीन एनर्जी पर बड़ा बयान
    24 मई 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    diesel-price-today-india-24-may-2026
    Diesel Price Today: देश में डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी, जानें मुंबई से दिल्ली तक ताजा रेट और महंगाई पर असर
    24 मई 2026
    petrol-price-today-india-24-may-2026
    Petrol Price Today: देश में पेट्रोल की कीमतें स्थिर, जानिए दिल्ली-मुंबई समेत बड़े शहरों में क्या है ताजा रेट
    24 मई 2026
    silver-price-today-23-may-2026-india-silver-rate-per-kg
    Silver Price Today: चांदी ₹2.85 लाख प्रति किलो पहुंची, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी; जानिए आगे महंगी होगी या सस्ती?
    23 मई 2026
    gold-price-in-india-23-may-2026-today-gold-rate
    Gold Price in India Today: सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट गोल्ड ₹15,906 प्रति ग्राम; जानें आपके शहर का ताजा रेट
    23 मई 2026
    png-price-today-india-metro-city-rates-may-2026
    PNG Price Today: मुंबई में PNG की कीमत ₹50 प्रति SCM पर स्थिर, जानिए देश के बड़े शहरों के ताजा रेट
    23 मई 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    5-stocks-gave-up-to-47-percent-return-in-5-days-smallcap-rally
    5 दिन में मालामाल! इन 5 शेयरों ने बाजार की सुस्ती में भी दिया 47% तक रिटर्न, ₹5 से कम वाला स्टॉक भी शामिल
    24 मई 2026
    adani-energy-solutions-qatar-holding-sold-stake-birla-mf-bought-shares
    Adani Share News: अदाणी की 4732% रिटर्न देने वाली कंपनी में कतर ने क्यों बेची हिस्सेदारी? बिड़ला MF ने खरीदे ₹643 करोड़ के शेयर
    24 मई 2026
    upcoming-ipo-next-week-yaashvi-jewellers-rajnandini-fashion-india-smr-jewels-gmp
    Upcoming IPO: अगले हफ्ते खुलेंगे 3 नए आईपीओ, सोमवार से मिलेगा निवेश का मौका; जानें किसका GMP सबसे ज्यादा
    24 मई 2026
    adani-group-stocks-adani-enterprises-adani-ports-big-return-market-fall
    ₹1.33 लाख करोड़ की दौलत बनाने वाले अदाणी ग्रुप के 2 शेयर! गिरते बाजार में भी निवेशकों को दिया जोरदार रिटर्न
    24 मई 2026
    multibagger-microcap-stocks-knr-construction-kirloskar-chemtech-industrial-valves
    अगले 5 साल में मल्टीबैगर बन सकते हैं ये 3 माइक्रोकैप स्टॉक्स, एक का मार्केट कैप सिर्फ ₹148 करोड़
    23 मई 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: Petrol Diesel Price: क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? अब राज्यों पर VAT घटाने का बढ़ा दबाव, जानिए कैसे मिल सकती है राहत
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

Petrol Diesel Price: क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? अब राज्यों पर VAT घटाने का बढ़ा दबाव, जानिए कैसे मिल सकती है राहत

Namam Sharma
Last updated: 2026/05/24 at 1:22 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
petrol-diesel-price-vat-cut-pressure-on-states-fuel-price-relief
SHARE

देशभर में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस महीने अब तक तीन बार ईंधन के दाम बढ़ चुके हैं और इसके बावजूद सरकारी तेल कंपनियों का घाटा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में अब केंद्र सरकार के बाद राज्य सरकारों पर दबाव बढ़ रहा है कि वे पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला वैट (VAT) कम करें ताकि आम जनता और तेल कंपनियों दोनों को राहत मिल सके।

Contents
पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों हो रहा है?अब राज्यों पर क्यों बढ़ा दबाव?किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगा है पेट्रोल-डीजल?पेट्रोल-डीजल पर टैक्स का पूरा गणित क्या है?क्या पेट्रोल-डीजल GST के दायरे में आ सकते हैं?केंद्र और राज्यों के बीच क्यों बढ़ती रहती है खींचतान?आम जनता पर कितना असर पड़ रहा है?क्या आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर राज्यों ने वैट में कटौती नहीं की, तो आने वाले महीनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें और ज्यादा बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर महंगाई, ट्रांसपोर्टेशन और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ेगा।

पेट्रोल-डीजल महंगा क्यों हो रहा है?

पिछले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, सप्लाई को लेकर चिंता और डॉलर की मजबूती ने भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

भारत अपनी जरूरत का लगभग 85 फीसदी कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में जब वैश्विक बाजार में तेल महंगा होता है और डॉलर मजबूत होता है, तो उसका सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ता है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में करीब 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियां भारी अंडर-रिकवरी झेल रही हैं। टैक्स हटाकर देखें तो कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 38 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान हो रहा है। यही वजह है कि अब राज्यों से भी टैक्स घटाने की मांग तेज हो गई है।

अब राज्यों पर क्यों बढ़ा दबाव?

केंद्र सरकार पहले ही एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर चुकी है। इससे उसे हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। दूसरी तरफ आम जनता भी लगातार महंगे ईंधन का बोझ उठा रही है।

ऐसे में अब यह तर्क दिया जा रहा है कि राज्य सरकारें भी अपने हिस्से का भार उठाएं और वैट कम करें। इससे दो बड़े फायदे हो सकते हैं: पेट्रोल–डीजल की कीमतों में कुछ राहत मिलेगी, तेल कंपनियों का घाटा कम होगा

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि उपभोक्ता राज्यों में रहते हैं, इसलिए केवल केंद्र सरकार पर बोझ डालना सही नहीं होगा। राज्यों को भी राजस्व में कुछ समझौता करना पड़ेगा।

किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगा है पेट्रोल-डीजल?

देश में पेट्रोल और डीजल पर लगने वाला VAT हर राज्य में अलग-अलग है। कुछ राज्यों में यह 20% के आसपास है, जबकि कई जगहों पर अतिरिक्त सेस और इंफ्रास्ट्रक्चर टैक्स जोड़ने के बाद यह 30% से भी ऊपर पहुंच जाता है।

मौजूदा समय में तेलंगाना, केरल, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें सबसे ज्यादा हैं। इन राज्यों में उच्च वैट के कारण आम उपभोक्ताओं को ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है।

हालांकि, अतीत में कुछ NDA शासित राज्यों ने वैट घटाकर राहत देने की कोशिश की थी, लेकिन कई राज्यों में टैक्स अब भी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा बना हुआ है।

पेट्रोल-डीजल पर टैक्स का पूरा गणित क्या है?

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल से तय नहीं होतीं। इसमें कई तरह के टैक्स शामिल होते हैं। एक लीटर पेट्रोल की कीमत में शामिल होते हैं कच्चे तेल की लागत, रिफाइनिंग खर्च, ट्रांसपोर्टेशन, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकार का VAT, डीलर कमीशन दिलचस्प बात यह है कि कई राज्यों में VAT प्रतिशत के आधार पर लगाया जाता है। यानी अगर बेस प्राइस बढ़ती है तो राज्य सरकार का टैक्स कलेक्शन भी अपने आप बढ़ जाता है।

इसी वजह से जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होता है, तो राज्यों की कमाई भी बढ़ जाती है।

क्या पेट्रोल-डीजल GST के दायरे में आ सकते हैं?

पेट्रोल और डीजल को GST के तहत लाने की चर्चा कई सालों से हो रही है। अगर ऐसा होता है तो कीमतों में बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन राज्य सरकारें इसका लगातार विरोध करती रही हैं।

इसके पीछे सबसे बड़ी वजह राजस्व है। राज्यों के लिए शराब पर एक्साइज ड्यूटी, पेट्रोल-डीजल पर VAT कमाई के सबसे बड़े स्वतंत्र स्रोत हैं। अगर ईंधन GST में चला जाता है तो राज्यों की टैक्स लगाने की स्वतंत्रता काफी हद तक खत्म हो जाएगी। यही कारण है कि अलग-अलग राजनीतिक दलों की राज्य सरकारें भी इस मुद्दे पर लगभग एक जैसी राय रखती हैं।

केंद्र और राज्यों के बीच क्यों बढ़ती रहती है खींचतान?

राज्यों का कहना है कि उन्हें जीएसटी कलेक्शन में हिस्सेदारी जरूर मिलती है, लेकिन केंद्र सरकार सेस और सरचार्ज के जरिए बड़ी रकम अपने पास रखती है। राज्यों को केंद्रीय करों में लगभग 41% हिस्सा मिलता है, लेकिन रोड सेस, इंफ्रास्ट्रक्चर सेस, विशेष सरचार्ज जैसी रकम राज्यों के साथ साझा नहीं की जाती।

इसी वजह से कई राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर VAT कम करने से बचती हैं, क्योंकि उन्हें अपने खर्च चलाने के लिए स्थायी आय की जरूरत होती है।

आम जनता पर कितना असर पड़ रहा है?

पेट्रोल-डीजल महंगा होने का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। इसका असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन खर्च बढ़ता है, फल-सब्जियों के दाम बढ़ते हैं, ऑनलाइन डिलीवरी महंगी होती है, बस और टैक्सी किराया बढ़ता है, निर्माण सामग्री महंगी होती है, महंगाई दर पर दबाव बढ़ता है यानी ईंधन कीमतें बढ़ने का असर हर घर तक पहुंचता है।

क्या आने वाले दिनों में राहत मिल सकती है?

विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट नहीं आती, तो केवल केंद्र सरकार के भरोसे राहत संभव नहीं होगी। ऐसे में तीन विकल्प सामने हैं:

  1. राज्य सरकारें VAT कम करें
  2. केंद्र फिर एक्साइज ड्यूटी घटाए
  3. तेल कंपनियां कुछ नुकसान खुद सहें

हालांकि तीनों विकल्पों का असर सरकारी वित्तीय स्थिति पर पड़ेगा। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर राज्यों के फैसलों पर है। अगर कुछ बड़े राज्य VAT में कटौती करते हैं तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में थोड़ी राहत देखने को मिल सकती है।

Also Read:

  • Fertilizer Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच इंसानी पेशाब तक की बढ़ी मांग, खाद संकट ने किसानों को मजबूर किया नए प्रयोगों पर
  • Swaminomics: पत्थर की तरह क्यों गिर रहा है भारतीय रुपया? शेयर बाजार की चमक ने बढ़ाई टेंशन, समझिए पूरा खेल

You Might Also Like

LNG Supply India: 3 महीने बाद भारत के लिए होर्मुज से निकला पहला LNG टैंकर, खाड़ी देशों की गुप्त रणनीति से मिली बड़ी राहत

Fertilizer Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच इंसानी पेशाब तक की बढ़ी मांग, खाद संकट ने किसानों को मजबूर किया नए प्रयोगों पर

Swaminomics: पत्थर की तरह क्यों गिर रहा है भारतीय रुपया? शेयर बाजार की चमक ने बढ़ाई टेंशन, समझिए पूरा खेल

ITR भरने में ना दिखाएं जल्दबाजी! 15 जून से पहले रिटर्न फाइल किया तो आ सकता है Income Tax नोटिस, अटक सकता है रिफंड

क्या फिर बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? BPCL अधिकारी की चेतावनी, इथेनॉल और ग्रीन एनर्जी पर बड़ा बयान

TAGGED: Crude Oil, Fuel Inflation, fuel price hike, GST on Fuel, hindi business news, Oil Companies, petrol diesel news, Petrol Diesel Price, State Tax, VAT on Fuel
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article fertilizer-crisis-human-urine-demand-rises-amid-iran-us-tension Fertilizer Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच इंसानी पेशाब तक की बढ़ी मांग, खाद संकट ने किसानों को मजबूर किया नए प्रयोगों पर
Next Article lng-supply-india-first-tanker-from-hormuz-after-3-months LNG Supply India: 3 महीने बाद भारत के लिए होर्मुज से निकला पहला LNG टैंकर, खाड़ी देशों की गुप्त रणनीति से मिली बड़ी राहत

Recent Posts

  • 5 दिन में मालामाल! इन 5 शेयरों ने बाजार की सुस्ती में भी दिया 47% तक रिटर्न, ₹5 से कम वाला स्टॉक भी शामिल
  • LNG Supply India: 3 महीने बाद भारत के लिए होर्मुज से निकला पहला LNG टैंकर, खाड़ी देशों की गुप्त रणनीति से मिली बड़ी राहत
  • Petrol Diesel Price: क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? अब राज्यों पर VAT घटाने का बढ़ा दबाव, जानिए कैसे मिल सकती है राहत
  • Fertilizer Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच इंसानी पेशाब तक की बढ़ी मांग, खाद संकट ने किसानों को मजबूर किया नए प्रयोगों पर
  • Swaminomics: पत्थर की तरह क्यों गिर रहा है भारतीय रुपया? शेयर बाजार की चमक ने बढ़ाई टेंशन, समझिए पूरा खेल

Recent Comments

  1. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Namam Sharma
  2. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Namam Sharma
  3. Vaishnavi Singh aka Vanshi (@chawal.to.choorma) – Bold, Confident और Trendy Instagram Star पर Supriya Singh
  4. Rhy 🌷 (@__rhythem17) – हिमाचल की Tech + Travel स्टार, जिनका कंटेंट हर फॉलोअर्स को आकर्षित करता है पर Chaman Singh
  5. Saba (@thewordmuse_) Profile: 1.2M+ Followers वाली Urdu Poetry & Voice Artist Influencer की पूरी कहानी पर Namam Sharma

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • प्रॉपर्टी इन सोहना
  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

Latest News

5-stocks-gave-up-to-47-percent-return-in-5-days-smallcap-rally
5 दिन में मालामाल! इन 5 शेयरों ने बाजार की सुस्ती में भी दिया 47% तक रिटर्न, ₹5 से कम वाला स्टॉक भी शामिल
शेयर बाज़ार 24 मई 2026
lng-supply-india-first-tanker-from-hormuz-after-3-months
LNG Supply India: 3 महीने बाद भारत के लिए होर्मुज से निकला पहला LNG टैंकर, खाड़ी देशों की गुप्त रणनीति से मिली बड़ी राहत
बिजनेस न्यूज़ 24 मई 2026
fertilizer-crisis-human-urine-demand-rises-amid-iran-us-tension
Fertilizer Crisis: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच इंसानी पेशाब तक की बढ़ी मांग, खाद संकट ने किसानों को मजबूर किया नए प्रयोगों पर
बिजनेस न्यूज़ 24 मई 2026
indian-rupee-falling-against-dollar-share-market-fpi-fdi-crisis
Swaminomics: पत्थर की तरह क्यों गिर रहा है भारतीय रुपया? शेयर बाजार की चमक ने बढ़ाई टेंशन, समझिए पूरा खेल
बिजनेस न्यूज़ 24 मई 2026
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?