Paytm Share Price: पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस (One97 Communications) ने जून 2026 तिमाही में शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए। कंपनी का मुनाफा, राजस्व और ऑपरेटिंग प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा। इसके बावजूद मंगलवार को शेयर में करीब 2% की गिरावट देखने को मिली और यह इंट्राडे कारोबार में ₹1,320 तक फिसल गया। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि जब कंपनी के नतीजे मजबूत रहे तो आखिर शेयर क्यों गिरा? आइए विस्तार से समझते हैं।
मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद क्यों टूटा Paytm का शेयर?
पेटीएम के शेयर में आई कमजोरी के पीछे दो प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं।
पहली वजह कंपनी के बोर्ड द्वारा बोनस शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देना रही। बाजार में बोनस इश्यू को लेकर उम्मीदें थीं, लेकिन बोर्ड के फैसले ने निवेशकों को निराश किया।
दूसरी बड़ी वजह ग्लोबल ब्रोकरेज CLSA की सतर्क टिप्पणी रही। ब्रोकरेज ने कंपनी पर अपनी ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखते हुए कहा कि हाल के महीनों में शेयर में आई तेज रैली के बाद मौजूदा वैल्यूएशन काफी महंगा दिखाई देता है और आगे बढ़त की गुंजाइश सीमित है।
जून तिमाही में Paytm का शानदार प्रदर्शन
कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।
- नेट प्रॉफिट: ₹220 करोड़ (एक साल पहले ₹123 करोड़)
- सालाना आधार पर मुनाफे में बढ़ोतरी: 79%
- PIDF इंसेंटिव के बिना PAT: ₹212 करोड़ (पिछले साल ₹69 करोड़)
- PAT में वृद्धि: 207%
ऑपरेशन से मिलने वाला राजस्व भी मजबूत रहा।
- Revenue: ₹2,448 करोड़
- पिछले वर्ष समान तिमाही में राजस्व ₹1,918 करोड़ था।
- तिमाही आधार पर भी रेवेन्यू में लगभग 8% की वृद्धि दर्ज की गई।
कारोबार के प्रमुख आंकड़े भी रहे मजबूत
कंपनी के डिजिटल पेमेंट और मर्चेंट बिजनेस में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली।
- Merchant GMV: 31% बढ़कर ₹7.1 लाख करोड़
- Customer UPI GTV: 45% बढ़कर ₹5.9 लाख करोड़
- Monthly Transacting Users: बढ़कर 8 करोड़
- Subscription Merchants: बढ़कर 1.57 करोड़
ये आंकड़े बताते हैं कि कंपनी का बिजनेस लगातार मजबूत हो रहा है और ग्राहकों के साथ-साथ व्यापारियों की संख्या भी बढ़ रही है।
CLSA ने क्यों रखा सतर्क रुख?
हालांकि CLSA ने माना कि कंपनी का ₹200 करोड़ EBITDA उसके अनुमान ₹190 करोड़ से बेहतर रहा, लेकिन उसने शेयर पर ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी।
ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,050 तय किया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 22% की संभावित गिरावट का संकेत देता है।
CLSA के अनुसार—
- EBITDA बेहतर रहा क्योंकि फिक्स्ड कॉस्ट कम रही।
- कंट्रीब्यूशन मार्जिन स्थिर रहा।
- FY27 से FY29 के EBITDA अनुमान 2-3% घटाए गए हैं।
- डाउटफुल डेट प्रोविजन आगे बढ़ सकता है, जिससे लागत पर दबाव आ सकता है।
- UPI पर MDR लागू होने की उम्मीद पहले से ही शेयर की कीमत में शामिल हो चुकी है।
ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया तेजी के बाद स्टॉक में फिलहाल सीमित अपसाइड बची है।
Citi ने दिखाई तेजी की उम्मीद
दूसरी ओर, Citi का नजरिया काफी सकारात्मक बना हुआ है।
ब्रोकरेज ने अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,560 कर दिया है। यह मौजूदा स्तर से लगभग 16% तक की संभावित तेजी का संकेत देता है।
Citi के अनुसार—
- कंपनी का EBITDA अनुमान से लगभग 16% बेहतर रहा।
- क्लाउड कॉस्ट में कमी आई।
- मर्चेंट लोन डिस्ट्रीब्यूशन मजबूत रहा।
- बड़े UPI मर्चेंट पर यदि 5-7 बेसिस पॉइंट MDR लागू होता है तो नेट पेमेंट मार्जिन में सुधार होगा।
- इससे FY28 के EBITDA अनुमान में 8-10% तक की बढ़ोतरी संभव है।
Paytm Share Performance
हालिया महीनों में Paytm के शेयर ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है।
| अवधि | रिटर्न |
|---|---|
| 1 महीना | लगभग 24% |
| 3 महीने | लगभग 16% |
| 6 महीने | 9% से अधिक |
| 1 वर्ष | लगभग 33% |
- 52-सप्ताह का उच्च स्तर: ₹1,407 (15 जुलाई 2026)
- 52-सप्ताह का निचला स्तर: ₹947.10 (मार्च 2026)
क्या अब Paytm में निवेश करना चाहिए?
पेटीएम के तिमाही नतीजे यह संकेत देते हैं कि कंपनी का कारोबार लगातार मजबूत हो रहा है। राजस्व, मुनाफा, UPI ट्रांजैक्शन और मर्चेंट बेस सभी में अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। हालांकि, हाल की तेज रैली के बाद शेयर का वैल्यूएशन निवेशकों के लिए अहम फैक्टर बन गया है।
जहां Citi को आगे भी अच्छी तेजी की उम्मीद है, वहीं CLSA का मानना है कि मौजूदा कीमत पर जोखिम-रिटर्न अनुपात बहुत आकर्षक नहीं है। ऐसे में जिन निवेशकों का लंबी अवधि का नजरिया है, वे कंपनी के फंडामेंटल्स, आगामी तिमाहियों के प्रदर्शन और वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर ही निवेश का फैसला लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


