Bittu Tabahi: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के रहने वाले 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘बिट्टू तबाही’ के नाम से जाना जाता है, इन दिनों देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी चर्चा में हैं। अजनार नदी को कचरे और प्लास्टिक से मुक्त करने के लिए सुरेंद्र ने अकेले सफाई अभियान शुरू किया था। महीनों की मेहनत के बाद उनकी कहानी सोशल मीडिया के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई।
सुरेंद्र के काम से प्रभावित होकर नीदरलैंड की पर्यावरण संस्था The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट ने उन्हें सोशल मीडिया पर अपने साथ काम करने का ऑफर दिया है। बॉयन स्लैट ने सुरेंद्र के काम से जुड़ी एक पोस्ट पर सिर्फ इतना लिखा- “Come work for us.” इसके बाद सोशल मीडिया पर सुरेंद्र को बधाइयां मिलने लगीं और लोग इसे उनकी जिंदगी का बड़ा मौका बता रहे हैं।
कौन हैं ‘बिट्टू तबाही’ यानी सुरेंद्र सिंह चौधरी?
सुरेंद्र सिंह चौधरी मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा के रहने वाले हैं। सोशल मीडिया पर वह ‘Bittu Tabahi’ नाम से अपनी गतिविधियों के वीडियो शेयर करते हैं। उनके वीडियो में उन्हें अजनार नदी से प्लास्टिक, कचरा, गंदगी और जमा हुआ मलबा निकालते हुए देखा जा सकता है।
बताया जाता है कि सुरेंद्र ने इस सफाई अभियान की शुरुआत जनवरी में की थी। नदी की हालत देखकर उन्होंने सफाई की जिम्मेदारी खुद उठाई और लगातार कई महीनों तक काम करते रहे। उनकी इस मुहिम के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरों ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
खास बात यह है कि इस अभियान में सुरेंद्र ने सिर्फ अपना समय और मेहनत ही नहीं लगाई, बल्कि अपनी जेब से भी पैसे खर्च किए।
अपनी जेब से करीब 30 हजार रुपये किए खर्च
एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के मुताबिक, सुरेंद्र अब तक अजनार नदी की सफाई के अभियान पर करीब 30,000 रुपये खर्च कर चुके हैं। यानी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिलने से पहले ही वह इस काम को लगातार अपने स्तर पर करते रहे।
कचरे से भरी नदी को साफ करने के दौरान उन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अभियान को बीच में नहीं छोड़ा। धीरे-धीरे उनके काम के वीडियो लोगों तक पहुंचने लगे और उनकी मेहनत की चर्चा सोशल मीडिया पर होने लगी।
एक पोस्ट ने पहुंचाया अंतरराष्ट्रीय मंच तक
सुरेंद्र की जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया, जब उनके काम से जुड़ी एक पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर की गई। पोस्ट में अजनार नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें थीं।
यह पोस्ट The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO बॉयन स्लैट तक पहुंच गई। सुरेंद्र के काम को देखने के बाद उन्होंने पोस्ट पर सीधे लिखा- “Come work for us.”
बॉययन स्लैट का यह छोटा-सा जवाब देखते ही सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। लोगों ने इसे सुरेंद्र की मेहनत की बड़ी अंतरराष्ट्रीय पहचान बताया।
यूजर्स ने कहा- ‘ऑफर ऑफ ए लाइफटाइम’
बॉययन स्लैट की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने सुरेंद्र को बधाई देना शुरू कर दिया। कई लोगों ने कहा कि सुरेंद्र को इस मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।
एक यूजर ने उम्मीद जताई कि यह ऑफर गंभीर है और सुरेंद्र को वास्तव में The Ocean Cleanup के साथ काम करने का अवसर मिलना चाहिए। वहीं, एक अन्य यूजर ने इस मौके को ‘Offer of a Lifetime’ यानी जिंदगी का बेहद खास अवसर बताया।
सुरेंद्र के लिए यह इसलिए भी खास है क्योंकि जिस काम की शुरुआत उन्होंने अपने स्तर पर एक नदी की सफाई से की थी, उसी काम ने उन्हें दुनिया के प्रमुख पर्यावरण अभियानों में से एक से जोड़ दिया है।
आनंद महिंद्रा भी कर चुके हैं सुरेंद्र की तारीफ
सुरेंद्र सिंह चौधरी का काम इससे पहले भी बड़े नामों का ध्यान खींच चुका है। उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने मार्च में सोशल मीडिया पर उनकी मेहनत की तारीफ की थी।
आनंद महिंद्रा ने सुरेंद्र को अपनी #MondayMotivation पोस्ट में शामिल करते हुए उनके काम की सराहना की थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर मिलने वाले ‘लाइक्स’ को किसी अच्छे काम की प्रेरणा बनने से जोड़ते हुए सुरेंद्र की पहल को सकारात्मक उदाहरण बताया था।
उस समय भी सुरेंद्र की नदी सफाई की मुहिम को सोशल मीडिया पर काफी सराहना मिली थी।
कौन हैं बॉयन स्लैट और The Ocean Cleanup?
बॉययन स्लैट नीदरलैंड के इनोवेटर और उद्यमी हैं। वह The Ocean Cleanup के संस्थापक और CEO हैं। यह संस्था समुद्रों और नदियों में जमा प्लास्टिक कचरे को हटाने के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करती है।
The Ocean Cleanup का फोकस समुद्रों में मौजूद प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ उन नदियों से प्लास्टिक हटाने पर भी है, जो समुद्र तक बड़ी मात्रा में कचरा पहुंचाती हैं।
संस्था ने 2040 तक समुद्र में मौजूद तैरते प्लास्टिक का लगभग 90 फीसदी हिस्सा हटाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में अजनार नदी की सफाई में जुटे एक युवा भारतीय को संस्था के CEO की ओर से काम का ऑफर मिलना सुरेंद्र के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
छोटी शुरुआत से अंतरराष्ट्रीय पहचान तक पहुंची कहानी
सुरेंद्र की कहानी इस बात का उदाहरण है कि किसी बड़े बदलाव की शुरुआत हमेशा बड़े संसाधनों से ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। उन्होंने अजनार नदी की सफाई के लिए न तो किसी बड़ी संस्था का इंतजार किया और न ही किसी बड़े अभियान का हिस्सा बनने की कोशिश की। उन्होंने अपने स्तर पर काम शुरू किया।
उनकी मेहनत को सोशल मीडिया ने लोगों तक पहुंचाया और अब वही काम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। बॉयन स्लैट का ऑफर इस बात का संकेत है कि सुरेंद्र की पहल ने पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले वैश्विक संगठनों का भी ध्यान आकर्षित किया है।
हालांकि, सोशल मीडिया पर मिले इस ऑफर के बाद सुरेंद्र और The Ocean Cleanup के बीच आगे क्या बातचीत होती है और वह वास्तव में संस्था के साथ काम शुरू करते हैं या नहीं, यह आगे देखने वाली बात होगी। फिलहाल 20 साल के सुरेंद्र की कहानी सोशल मीडिया पर युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।


