नई दिल्ली: नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) अगले दो महीनों में ‘NPS Swasthya’ नाम से एक नई योजना शुरू करने की तैयारी में है। इस योजना का उद्देश्य सिर्फ रिटायरमेंट के लिए बचत कराना नहीं, बल्कि गंभीर बीमारियों के इलाज के दौरान भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है।
नई व्यवस्था के तहत NPS निवेशकों को अपनी जेब से अलग से हेल्थ सेविंग्स करने की जरूरत नहीं होगी। उनकी पेंशन बचत का एक हिस्सा स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। इससे रिटायरमेंट प्लानिंग और हेल्थ सिक्योरिटी दोनों एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो सकेंगी।
Highlights
- PFRDA अगले 60-70 दिनों में लॉन्च कर सकता है NPS Swasthya।
- पेंशन बचत के साथ मिलेगा हेल्थ प्रोटेक्शन।
- गंभीर बीमारी के इलाज के लिए मिलेगा आर्थिक सहारा।
- ग्रुप टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस से कम प्रीमियम में बेहतर कवरेज।
- अलग से हेल्थ सेविंग्स करने की जरूरत नहीं होगी।
क्या है NPS Swasthya योजना?
NPS Swasthya एक ऐसी नई पहल है, जिसमें रिटायरमेंट बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा को एक साथ जोड़ा जाएगा। PFRDA के अनुसार इस योजना का प्रारंभिक ढांचा तैयार हो चुका है और इसे मंजूरी भी मिल चुकी है। शुरुआती चरण में आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस के साथ इसका प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट तैयार किया गया है।
हालांकि योजना के औपचारिक लॉन्च के बाद अन्य सरकारी और निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा, ताकि NPS ग्राहकों को अधिक विकल्प मिल सकें।
कैसे काम करेगी यह योजना?
इस योजना के तहत NPS में जमा होने वाले योगदान का उपयोग दो हिस्सों में किया जाएगा।
पहला हिस्सा हेल्थ सेविंग्स अकाउंट में जाएगा, जबकि दूसरा हिस्सा ग्रुप टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस का प्रीमियम भरने में इस्तेमाल होगा।
यदि भविष्य में किसी निवेशक को गंभीर बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, तो सबसे पहले हेल्थ सेविंग्स अकाउंट में जमा राशि खर्च होगी। यदि इलाज का खर्च उससे अधिक होता है, तो ग्रुप टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस अतिरिक्त खर्च को कवर करेगा।
इस तरह निवेशक को अचानक आने वाले बड़े मेडिकल खर्च से राहत मिल सकेगी।
अलग से हेल्थ इंश्योरेंस लेने की जरूरत कम होगी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि NPS निवेशकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए अलग से बचत करने की आवश्यकता नहीं होगी।
चूंकि यह ग्रुप इंश्योरेंस मॉडल पर आधारित होगा, इसलिए व्यक्तिगत हेल्थ इंश्योरेंस की तुलना में इसका प्रीमियम कम रहने की संभावना है। बड़े समूह के कारण बीमा कंपनियां बेहतर दरों पर कवरेज उपलब्ध करा सकती हैं।
किन लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
यह योजना विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है—
- निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी।
- स्वयं का व्यवसाय करने वाले लोग।
- NPS में नियमित निवेश करने वाले नागरिक।
- वे लोग जो आयुष्मान भारत जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के दायरे में नहीं आते।
- ऐसे परिवार जो रिटायरमेंट और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों की योजना साथ-साथ बनाना चाहते हैं।
कब तक लॉन्च हो सकती है योजना?
PFRDA के मुताबिक NPS Swasthya को लागू होने में लगभग 60 से 70 दिन का समय लग सकता है। योजना का विस्तृत ढांचा और पात्रता संबंधी नियम लॉन्च के समय जारी किए जाएंगे।
इसके बाद NPS खाताधारकों को रिटायरमेंट फंड के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा का भी लाभ मिलने लगेगा।
क्या बदल जाएगा NPS निवेशकों के लिए?
अब तक NPS का मुख्य उद्देश्य केवल रिटायरमेंट के बाद नियमित आय सुनिश्चित करना था। लेकिन NPS Swasthya के आने के बाद यह योजना स्वास्थ्य सुरक्षा से भी जुड़ जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते मेडिकल खर्च और गंभीर बीमारियों के इलाज की ऊंची लागत को देखते हुए यह पहल NPS निवेशकों के लिए लंबी अवधि में काफी लाभदायक साबित हो सकती है। इससे रिटायरमेंट की बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों का बेहतर संतुलन बन सकेगा।


