भारत के दो सबसे नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स के बीच शुरू हुई डायरेक्ट हवाई सेवा महज दो हफ्तों में ही ठप हो गई है। Akasa Air ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच अपनी नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। यह वही एयरलाइन थी जिसने इन दोनों एयरपोर्ट्स के बीच पहली सीधी उड़ान शुरू की थी। हालांकि कंपनी का कहना है कि यह फैसला स्थायी नहीं है और अक्टूबर से सेवा दोबारा शुरू करने की योजना बनाई गई है।
दो हफ्ते बाद ही बंद हुई नॉन-स्टॉप फ्लाइट
Akasa Air ने 16 जून 2026 को QP 2017 फ्लाइट के जरिए नोएडा और नवी मुंबई के बीच रोजाना नॉन-स्टॉप सेवा शुरू की थी। लेकिन यह सेवा जून के अंत तक ही चल सकी। एयरलाइन ने 1 जुलाई 2026 से इस रूट पर परिचालन अस्थायी रूप से रोक दिया।
इस फैसले के साथ Akasa Air भारत के इन दोनों नए एयरपोर्ट्स के बीच ऑपरेशन बंद करने वाली पहली एयरलाइन बन गई है।
क्यों बंद करनी पड़ी सेवा?
एयरलाइन के मुताबिक, यह फैसला कई परिचालन कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। प्रमुख वजहें हैं—
- यात्रियों की अपेक्षा से कम संख्या
- नेटवर्क ऑप्टिमाइजेशन
- मौसम संबंधी चुनौतियां
- एयरपोर्ट तक कमजोर सड़क और सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी
- परिचालन लागत और रूट की व्यवहारिकता
कंपनी का कहना है कि यदि परिस्थितियां बेहतर रहीं तो 1 अक्टूबर 2026 से यह सेवा दोबारा शुरू की जाएगी।
मुंबई-नोएडा रूट पर बढ़ाईं उड़ानें
दिलचस्प बात यह है कि नवी मुंबई-नोएडा सेवा बंद करने के साथ ही Akasa Air ने मुंबई-नोएडा रूट पर दो अतिरिक्त दैनिक उड़ानें शुरू कर दी हैं। इसके अलावा बेंगलुरु-नोएडा नॉन-स्टॉप सेवा भी 1 जुलाई से अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
इससे साफ है कि एयरलाइन फिलहाल उन रूट्स पर अधिक ध्यान दे रही है जहां यात्रियों की मांग बेहतर है।
नए एयरपोर्ट्स के सामने बड़ी चुनौती
एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के बावजूद नए एयरपोर्ट्स को अभी भी कनेक्टिविटी से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य समस्याएं हैं—
- एयरपोर्ट तक सीमित सड़क और रेल संपर्क
- मेट्रो और रैपिड रेल नेटवर्क का अभाव
- महंगे टैक्सी किराए
- अपेक्षाकृत अधिक एयरपोर्ट शुल्क
- शुरुआती दौर में कम यात्री संख्या
यही कारण है कि एयरलाइंस के लिए ऐसे नए रूट्स को व्यावसायिक रूप से सफल बनाना आसान नहीं हो रहा।
पहले भी उठ चुकी हैं चिंताएं
एयरलाइंस पहले भी Airports Economic Regulatory Authority (AERA) के सामने नोएडा एयरपोर्ट की ऊंची यूजर फीस और कमजोर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर चिंता जता चुकी हैं। उनका कहना रहा है कि बेहतर कनेक्टिविटी और उचित शुल्क के बिना यात्रियों को आकर्षित करना मुश्किल होगा।
IndiGo तेजी से बढ़ा रहा है नेटवर्क
जहां Akasa Air ने कुछ रूट्स पर अस्थायी रोक लगाई है, वहीं IndiGo ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अपने नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया है।
- 1 जुलाई 2026 से 31 नई दैनिक उड़ानें शुरू की गईं।
- अब एयरलाइन का नेटवर्क 15 शहरों तक पहुंच चुका है।
- 16 जून को कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने के समय नोएडा एयरपोर्ट से कुल 12 दैनिक उड़ानें संचालित हो रही थीं।
- इनमें IndiGo की 8 और Akasa Air की 4 उड़ानें शामिल थीं।
यात्रियों पर क्या होगा असर?
नोएडा और नवी मुंबई के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को फिलहाल सीधी उड़ान का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। उन्हें अब कनेक्टिंग फ्लाइट्स या मुंबई के अन्य एयरपोर्ट्स के जरिए यात्रा करनी पड़ सकती है। हालांकि Akasa Air का कहना है कि यदि मांग और परिचालन स्थितियां अनुकूल रहीं तो 1 अक्टूबर 2026 से इस रूट पर नॉन-स्टॉप सेवा दोबारा शुरू कर दी जाएगी।


