नई दिल्ली: भारत में देर रात खाना ऑर्डर करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। पहले जहां फूड डिलीवरी का पीक टाइम लंच और डिनर तक सीमित रहता था, वहीं अब रात 11 बजे से सुबह 3 बजे और कई जगहों पर सुबह 6 बजे तक भी ऑर्डर लगातार आ रहे हैं। इंडस्ट्री के अधिकारियों के मुताबिक पिछले दो हफ्तों में क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR), फूड डिलीवरी कंपनियों और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लेट नाइट और अर्ली मॉर्निंग ऑर्डर में 12-15% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप का आयोजन माना जा रहा है। इस बार टूर्नामेंट नॉर्थ अमेरिका में हो रहा है, जिसके मैच भारत में देर रात और तड़के प्रसारित हो रहे हैं। मैच देखते हुए लोग बड़ी संख्या में ऑनलाइन खाना मंगा रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल वर्ल्ड कप का असर नहीं है। पिछले एक साल से भी युवाओं की बदलती लाइफस्टाइल के कारण रात में खाने की आदत तेजी से बढ़ रही है।
युवाओं की बदलती लाइफस्टाइल ने बदला बाजार
मैकडॉनल्ड्स इंडिया (नॉर्थ और ईस्ट) के चेयरमैन संजीव अग्रवाल के अनुसार अब बड़ी संख्या में युवा रात 2 से 3 बजे तक जागते हैं। पहले जहां रात 9 बजे डिनर करना आम बात थी, अब लोग देर रात खाना पसंद कर रहे हैं। इसका सीधा असर फूड डिलीवरी कंपनियों और रेस्टोरेंट्स के कारोबार पर दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ और जयपुर जैसे शहरों में कंपनी के करीब 20% स्टोर रात 3 बजे तक खुले रहते हैं। कुछ स्टोर सुबह 6 बजे तक भी ग्राहकों को सेवा देते हैं, जबकि हाईवे पर स्थित कई आउटलेट 24 घंटे संचालित किए जा रहे हैं।
सबसे ज्यादा क्या मंगा रहे हैं लोग?
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के आंकड़ों के अनुसार 11 जून से 24 जून के बीच रात 11 बजे से सुबह 3 बजे तक सबसे ज्यादा ऑर्डर पिज्जा और बर्गर के रहे। इसके अलावा फ्रेंच फ्राइज, रोल्स, फ्राइड चिकन, कोल्ड ड्रिंक्स और डेजर्ट्स की भी अच्छी मांग रही।
मेट्रो शहरों में बेंगलुरु, हैदराबाद और मुंबई सबसे आगे रहे, जबकि उभरते बाजारों में सूरत, तिरुवनंतपुरम और पटना ने सबसे ज्यादा लेट नाइट ऑर्डर दर्ज किए। इस दौरान चंडीगढ़ के एक ग्राहक ने ₹16,444 का ऑर्डर देकर सबसे बड़ा बिल बनाया।
डोमिनोज और दूसरे ब्रांड भी बढ़ा रहे हैं समय
देश की सबसे बड़ी पिज्जा चेन डोमिनोज के कई स्टोर अब सुबह 3 बजे तक ऑर्डर स्वीकार कर रहे हैं। कंपनी की फ्रेंचाइजी चलाने वाली जुबिलेंट फूडवर्क्स के पास मार्च के अंत तक 2,455 स्टोर थे। हालांकि कंपनियों का कहना है कि दिन के मुकाबले रात के ऑर्डर अभी भी कम हैं, लेकिन इनकी ग्रोथ लगातार मजबूत बनी हुई है।
फीफा वर्ल्ड कप बना बड़ा ट्रिगर
अमूल के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता का कहना है कि मैच के दिनों में सामान्य दिनों की तुलना में मांग 30-40% तक बढ़ जाती है। कई डिलीवरी प्लेटफॉर्म इसे “फीफा स्पाइक” नाम दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ क्विक कॉमर्स ऑपरेटरों के करीब 80% डार्क स्टोर 24 घंटे चालू रहते हैं। इनमें रात 2 या 3 बजे तक डिलीवरी होती है और सुबह 5 बजे से फिर सेवाएं शुरू हो जाती हैं।
क्विक कॉमर्स को भी मिला फायदा
ब्लिंकिट, बिगबास्केट और जेप्टो जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी देर रात ऑर्डर में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई है। खासकर मेट्रो और दक्षिण भारत के शहरों में आइसक्रीम, फ्रोजन स्नैक्स, चॉकलेट, कोल्ड ड्रिंक्स और रेडी-टू-कुक फूड की मांग काफी बढ़ी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में 24×7 फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स का दायरा और तेजी से बढ़ सकता है। बदलती जीवनशैली, हाइब्रिड वर्क कल्चर, ऑनलाइन मनोरंजन और बड़े स्पोर्ट्स इवेंट्स इस ट्रेंड को लगातार मजबूती दे रहे हैं।
क्यों बढ़ रही है रात की फूड डिलीवरी?
- फीफा वर्ल्ड कप के देर रात प्रसारित होने वाले मैच।
- युवाओं के सोने और खाने के समय में बदलाव।
- 24×7 खुले रहने वाले रेस्टोरेंट और डार्क स्टोर।
- क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का तेजी से विस्तार।
- घर बैठे कुछ ही मिनटों में डिलीवरी की सुविधा।
आगे क्या?
इंडस्ट्री का मानना है कि लेट नाइट फूड डिलीवरी अब केवल एक अस्थायी ट्रेंड नहीं रही। आने वाले समय में कंपनियां रात के ग्राहकों के लिए अलग मेन्यू, विशेष ऑफर और अधिक डिलीवरी पार्टनर्स तैनात कर सकती हैं। इससे फूड डिलीवरी बाजार को नई ग्रोथ मिलने की उम्मीद है।


