Mumbai Local Train Update: मुंबई की लोकल ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। मुंबई को आने वाले वर्षों में 238 नई वंदे मेट्रो एसी लोकल ट्रेनें मिलने वाली हैं। इन ट्रेनों में कुल 2,856 कोच होंगे। खास बात यह है कि अब इन एसी लोकल ट्रेनों का निर्माण भारत में ही रेलवे की तीन प्रमुख उत्पादन इकाइयों में किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि पहली नई एसी लोकल ट्रेन 2027 में मुंबई को मिल जाए, जबकि पूरी 238 ट्रेनों की फ्लीट 2030 तक तैयार कर दी जाए।
मुंबई की लोकल ट्रेन सेवा को शहर की लाइफलाइन कहा जाता है। रोजाना बड़ी संख्या में यात्री काम, कारोबार, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए लोकल ट्रेनों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में नई एसी लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को न केवल बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं, बल्कि मुंबई के बढ़ते यात्री दबाव को संभालने में भी रेलवे को मदद मिलेगी।
238 वंदे मेट्रो एसी लोकल ट्रेनों का होगा निर्माण
मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन यानी MRVC के मुताबिक, मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट यानी MUTP-3 के तहत 238 वंदे मेट्रो उपनगरीय ट्रेनों की खरीद की जा रही है। इन ट्रेनों में कुल 2,856 कोच होंगे और प्रत्येक ट्रेन 12 कोच की होगी।
इन ट्रेनों के रोलिंग स्टॉक की अनुमानित लागत करीब 19,293 करोड़ रुपये बताई गई है। पहले इन ट्रेनों की खरीद के लिए निजी और विदेशी कंपनियों को शामिल करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय टेंडर प्रक्रिया में अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद सरकार ने पूरी रणनीति बदल दी है।
अब इन ट्रेनों का निर्माण भारतीय रेलवे की अपनी उत्पादन इकाइयों में किया जाएगा। इससे निर्माण प्रक्रिया पर रेलवे का सीधा नियंत्रण रहेगा और पहली ट्रेन को पहले की तुलना में जल्दी तैयार करने की कोशिश की जा सकेगी।
ICF, RCF और MCF में बनेंगी नई AC लोकल ट्रेनें
नई वंदे मेट्रो एसी लोकल ट्रेनों का निर्माण भारतीय रेलवे की तीन प्रमुख उत्पादन इकाइयों में किया जाएगा। इनमें शामिल हैं:
- इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई
- रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला
- मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF), रायबरेली
रेलवे इन तीनों उत्पादन इकाइयों का इस्तेमाल करके 238 ट्रेनों के निर्माण का काम आगे बढ़ाएगा। सरकार का प्रयास है कि उत्पादन क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करते हुए पहली ट्रेन 2027 तक तैयार हो जाए और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से बाकी ट्रेनों का निर्माण किया जाए।
पहली AC लोकल ट्रेन 2027 में मिलने की उम्मीद
MRVC के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक विलास वाडेकर के मुताबिक, रेलवे की तीन उत्पादन इकाइयों में बनने वाली पहली 12-कोच वाली एसी लोकल ट्रेन 2027 में उपलब्ध हो जाएगी। इसके बाद उत्पादन में तेजी लाकर पूरी 238 ट्रेनों की फ्लीट को 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
यह समयसीमा पहले की योजना की तुलना में काफी महत्वपूर्ण है। पुरानी खरीद प्रक्रिया के तहत पहली ट्रेन मिलने में ही ज्यादा समय लगने की संभावना थी और पूरी फ्लीट का निर्माण 2034 तक खिंच सकता था। नई योजना के जरिए रेलवे ने इस समय को कम करने की कोशिश की है।
अंतरराष्ट्रीय टेंडर में क्यों हुआ बदलाव?
238 एसी लोकल ट्रेनों की खरीद के लिए MRVC ने जून 2023 में अंतरराष्ट्रीय बोलियां आमंत्रित की थीं। इस प्रक्रिया में ट्रेनों के निर्माण के साथ लंबे समय तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी सफल बोलीदाता को दी जानी थी।
योजना के तहत करीब दो साल में प्रोटोटाइप ट्रेन तैयार करने और उसके बाद औसतन 50 ट्रेनों का निर्माण हर साल करने का लक्ष्य था। सफल बोलीदाता को पालघर जिले के वणगांव और रायगढ़ जिले के भिवपुरी में नए मेंटेनेंस डिपो स्थापित करने तथा मौजूदा सुविधाओं को अपग्रेड करने की जिम्मेदारी भी दी जानी थी।
इसके अलावा ट्रेनों के 35 वर्षों तक रखरखाव की शर्त भी प्रस्तावित थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय टेंडर में अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में दिक्कतें आईं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया नया प्लान
प्रक्रिया में बदलाव के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पुरानी खरीद प्रक्रिया में कई तरह की समस्याएं सामने आ रही थीं। इसी वजह से केंद्र सरकार ने इन ट्रेनों का निर्माण भारतीय रेलवे की अपनी उत्पादन इकाइयों में कराने का फैसला किया है।
रेल मंत्री के मुताबिक, पुरानी प्रक्रिया के तहत खरीद पूरी होने में काफी समय लग सकता था। सरकार अब इस देरी को स्वीकार करने के बजाय देश की मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का इस्तेमाल करना चाहती है। इसी रणनीति के तहत ICF, RCF और MCF को नई एसी लोकल ट्रेनों के निर्माण की जिम्मेदारी दी जा रही है।
सरकार का लक्ष्य है कि 2027 तक पहली नई एसी लोकल ट्रेन मुंबई की पटरियों पर उतार दी जाए।
मुंबई रेल नेटवर्क के विस्तार पर भी बड़ा निवेश
नई एसी लोकल ट्रेनों के साथ मुंबई के रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। MRVC के मुताबिक, नेटवर्क के विस्तार और क्षमता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न कार्यों पर करीब 22,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।
इसमें नए कॉरिडोर का निर्माण, अतिरिक्त रेलवे लाइनें बिछाना, मौजूदा बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और 15-कोच वाली ट्रेनों के संचालन के लिए प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने जैसे काम शामिल हैं।
इसके अलावा यार्ड के पुनर्गठन और दूसरे जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम किया जा रहा है। रेलवे का उद्देश्य है कि ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ नेटवर्क की क्षमता भी बढ़ाई जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर और अधिक सुविधाजनक सफर मिल सके।
यात्रियों को क्या फायदा होगा?
मुंबई में एसी लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को कई स्तर पर फायदा मिलने की उम्मीद है। गर्मी और उमस के मौसम में एयर कंडीशनिंग की सुविधा यात्रियों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। इसके अलावा आधुनिक ट्रेनें यात्रियों को अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव देने में मदद कर सकती हैं।
हालांकि नई ट्रेनों का वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि इन्हें किन रूटों पर और कितनी आवृत्ति से संचालित किया जाता है। मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क पर लगातार बढ़ रहे यात्री दबाव को देखते हुए नई ट्रेनों के साथ ट्रैक, प्लेटफॉर्म, सिग्नलिंग और मेंटेनेंस सुविधाओं का विस्तार भी महत्वपूर्ण होगा।
2030 तक मुंबई की लोकल सेवा में बड़ा बदलाव संभव
238 नई वंदे मेट्रो एसी लोकल ट्रेनों का निर्माण मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अगर तय कार्यक्रम के अनुसार पहली ट्रेन 2027 में और पूरी फ्लीट 2030 तक तैयार हो जाती है, तो आने वाले वर्षों में मुंबई लोकल सेवा की क्षमता और यात्री सुविधाओं में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
फिलहाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय खरीद प्रक्रिया से हटकर घरेलू उत्पादन को प्राथमिकता दी है। तीन रेलवे उत्पादन इकाइयों में निर्माण शुरू होने के बाद अब सबसे बड़ा फोकस समय पर पहली ट्रेन तैयार करने और उसके बाद बड़े पैमाने पर उत्पादन को गति देने पर रहेगा। मुंबईकरों के लिए यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि शहर की बढ़ती आबादी और यात्री संख्या के बीच तेज, आरामदायक और आधुनिक लोकल ट्रेन सेवा की जरूरत लगातार बढ़ रही है।


