Market Trend: भारतीय शेयर बाजार में 23 जुलाई को कारोबार कमजोरी के साथ हो रहा है। ग्लोबल संकेत मिले-जुले रहने और आईटी, फार्मा समेत अधिकांश सेक्टरों में बिकवाली के चलते निफ्टी 23,900 के आसपास कारोबार कर रहा है। इस बीच बाजार विशेषज्ञ अरुण कुमार मंत्री (Mantri FinMart) का मानना है कि आने वाले कुछ कारोबारी सत्र निफ्टी के लिए बेहद अहम रहेंगे। उनके मुताबिक यदि निफ्टी 23,800 के नीचे बंद होता है, तो बाजार में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है और इंडेक्स 23,400 तक फिसल सकता है। हालांकि मौजूदा माहौल में भी उन्होंने दो ऐसे शेयर बताए हैं जिनमें शॉर्ट टर्म में अच्छी कमाई की संभावना दिखाई दे रही है।
कमजोर शुरुआत के साथ कारोबार कर रहा बाजार
गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत दबाव के साथ हुई। मेटल सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी पर एटरनल, टाटा कंज्यूमर, ONGC, बजाज ऑटो और कोल इंडिया जैसे शेयरों में बढ़त रही, जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, टाटा स्टील और सिप्ला दबाव में कारोबार करते नजर आए।
इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी कमजोरी दर्ज की गई, जिससे बाजार की व्यापक धारणा कमजोर बनी हुई है।
23,800 का स्तर निफ्टी के लिए बेहद अहम
मार्केट ट्रेंड पर अपनी राय रखते हुए अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है। शुरुआती गिरावट में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर अपेक्षाकृत मजबूत थे, लेकिन अब इन शेयरों में भी बिकवाली बढ़ने लगी है।
उन्होंने कहा कि इस समय निवेशकों को 23,800 के स्तर पर विशेष नजर रखनी चाहिए।
- जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक घबराकर पोजीशन से बाहर निकलने की जरूरत नहीं है।
- यदि यह स्तर टूट जाता है, तो बाजार का ट्रेंड स्पष्ट रूप से नकारात्मक हो सकता है।
- ऐसी स्थिति में निफ्टी 23,400 तक फिसलने की आशंका है।
- दूसरी ओर, ऊपर की तरफ 24,250 से 24,300 का दायरा मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।
एक्सपर्ट का अनुमान है कि अगले कुछ सत्रों में निफ्टी 23,800 से 24,300 की रेंज में कारोबार कर सकता है।
क्यों बढ़ा बाजार पर दबाव?
अरुण कुमार मंत्री के अनुसार मौजूदा कमजोरी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं।
- कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तेजी
- वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता
- अमेरिका की टैरिफ नीति को लेकर बढ़ती चिंताएं
- विदेशी निवेशकों की सतर्क रणनीति
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बढ़ती बिकवाली
इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार का सेंटीमेंट कमजोर किया है।
बैंक निफ्टी पर भी सतर्क रहने की सलाह
बैंक निफ्टी को लेकर भी अरुण कुमार मंत्री ने सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि बैंकिंग इंडेक्स फिलहाल निफ्टी से अधिक कमजोर दिखाई दे रहा है और इसमें HDFC Bank की कमजोरी का बड़ा योगदान है।
उनके अनुसार:
- 56,700 बैंक निफ्टी का अहम सपोर्ट लेवल है।
- यदि यह स्तर टूटता है तो बैंक निफ्टी में और बड़ी गिरावट आ सकती है।
- लॉन्ग पोजीशन रखने वाले निवेशकों को 56,700 का स्टॉप लॉस जरूर रखना चाहिए।
- यदि निफ्टी और बैंक निफ्टी में किसी एक इंडेक्स में खरीदारी करनी हो, तो फिलहाल निफ्टी बेहतर विकल्प माना जा सकता है।
कमजोर बाजार में भी इन 2 शेयरों पर एक्सपर्ट बुलिश
1. Nestle India
अरुण कुमार मंत्री के मुताबिक नेस्ले इंडिया के तिमाही नतीजों के बाद शेयर में मजबूत तकनीकी ब्रेकआउट देखने को मिला है। डेली चार्ट पर Cup and Handle Pattern बनने के बाद तेजी के संकेत मिल रहे हैं।
ट्रेडिंग रणनीति
- खरीदारी स्तर: ₹1,497
- स्टॉप लॉस: ₹1,472
- लक्ष्य: ₹1,555
- अवधि: 2 से 3 दिन
2. Bosch
दूसरा पसंदीदा शेयर Bosch है। एक्सपर्ट का मानना है कि इस शेयर में भी मजबूत मोमेंटम बना हुआ है और शॉर्ट टर्म में बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
ट्रेडिंग रणनीति
- खरीदारी स्तर: ₹41,550
- स्टॉप लॉस: ₹41,020
- लक्ष्य: ₹42,300
- अवधि: 2 से 3 दिन
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
मौजूदा बाजार में विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक बिना स्टॉप लॉस के नई पोजीशन बनाने से बचें। निफ्टी का 23,800 स्तर निकट भविष्य की दिशा तय कर सकता है। यदि यह स्तर बना रहता है तो बाजार में रिकवरी की संभावना रहेगी, जबकि इसके नीचे जाने पर गिरावट तेज हो सकती है। ऐसे माहौल में केवल मजबूत तकनीकी सेटअप वाले शेयरों में सीमित अवधि के लिए ट्रेडिंग करना बेहतर माना जा रहा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए शेयरों और बाजार संबंधी विचार एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह नहीं देता। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या प्रमाणित निवेश विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।


