Greater Noida West Metro Extension: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (गौर चौक) तक प्रस्तावित 8.4 किलोमीटर लंबे मेट्रो विस्तार प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। अब इस परियोजना को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो जाएगा।
करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह विस्तार ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ-साथ गौर चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव भी कम करेगा।
PIB की मंजूरी क्यों है अहम?
पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण समिति है, जो बड़े सरकारी निवेश वाले प्रोजेक्ट्स की वित्तीय और तकनीकी समीक्षा करती है। किसी भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को केंद्रीय कैबिनेट तक पहुंचने से पहले PIB की मंजूरी जरूरी मानी जाती है।
PIB परियोजना की कुल लागत, फंडिंग मॉडल, आर्थिक व्यवहार्यता, संभावित यात्रियों की संख्या और भविष्य में मिलने वाले लाभों का विस्तृत मूल्यांकन करता है। इसके बाद ही परियोजना को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट भेजा जाता है।
NMRC के जनरल मैनेजर (प्रोजेक्ट्स) प्रदीप यादव के अनुसार, PIB एक सप्ताह के भीतर बैठक का विवरण साझा करेगा, जिसके बाद प्रस्ताव को कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद क्या होगा?
यदि केंद्रीय कैबिनेट इस परियोजना को मंजूरी देती है तो:
- निर्माण एजेंसी के चयन के लिए टेंडर जारी होंगे।
- डेवलपर की नियुक्ति की जाएगी।
- निर्माण कार्य शुरू होगा।
- चार वर्षों में परियोजना पूरी करने का लक्ष्य रखा जाएगा।
इन 5 नए स्टेशनों का होगा निर्माण
8.4 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो कॉरिडोर पर कुल 5 नए स्टेशन प्रस्तावित हैं।
- सेक्टर-61
- सेक्टर-70
- सेक्टर-122
- सेक्टर-123
- ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (गौर चौक)
इन स्टेशनों के शुरू होने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
गौर चौक की ट्रैफिक समस्या से मिलेगी राहत
ग्रेटर नोएडा वेस्ट का गौर चौक क्षेत्र लंबे समय से भारी ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। यह नोएडा, सूरजपुर, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला प्रमुख जंक्शन है।
इस इलाके में करीब 5 लाख से अधिक लोग रहते हैं। सार्वजनिक परिवहन की सीमित सुविधाओं के कारण अधिकांश लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे पीक आवर्स में लंबा जाम लगता है।
मेट्रो विस्तार के बाद बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों की बजाय मेट्रो का उपयोग कर सकेंगे, जिससे सड़क पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों ने जताई खुशी
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों ने PIB की मंजूरी का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वर्षों से इस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था।
सुपरटेक इको विलेज के निवासी मनीष कुमार ने कहा कि पहले भी कई बार परियोजना जल्द शुरू होने का दावा किया गया था, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ सका। उनका मानना है कि PIB की मंजूरी सकारात्मक कदम है और अब सरकार को जल्द से जल्द अंतिम मंजूरी देकर निर्माण शुरू कराना चाहिए।
पहले 18 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का था प्रस्ताव
साल 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार ने लगभग 18 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर के शुरुआती अलाइनमेंट को मंजूरी दी थी।
यह प्रस्तावित रूट:
- सेक्टर-61 (दिल्ली मेट्रो ब्लू लाइन)
- सेक्टर-70
- सेक्टर-122
- सेक्टर-123
- ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4
- इकोटेक-12
- ग्रेटर नोएडा सेक्टर-2
- सेक्टर-3
- सेक्टर-10
- सेक्टर-12
- नॉलेज पार्क-5
तक जाने वाला था।
हालांकि, हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मंत्रालय (MoHUA) ने गाजियाबाद-जेवर रैपिड रेल कॉरिडोर पर निर्णय लंबित होने के कारण इस प्रस्ताव को रोक दिया था। बाद में NMRC ने डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) में बदलाव कर संशोधित प्रस्ताव तैयार किया।
इस साल मिल चुकी हैं दो और मेट्रो विस्तार परियोजनाओं को मंजूरी
फरवरी 2026 में केंद्र सरकार ने एक्वा लाइन के दो अन्य विस्तार प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी थी।
इनमें शामिल हैं:
- सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक मेट्रो विस्तार
- डिपो से बोराकी तक नया कॉरिडोर
NMRC इन दोनों परियोजनाओं के लिए भी डेवलपर नियुक्त करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
एक्वा लाइन पर रोजाना 60 हजार से अधिक यात्री
वर्तमान में नोएडा मेट्रो एक्वा लाइन सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा डिपो स्टेशन तक संचालित होती है। जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार इस लाइन पर प्रतिदिन औसतन 60,705 यात्री सफर करते हैं। नए विस्तार के बाद यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होने की संभावना है।
Greater Noida West Metro Extension से क्या होंगे फायदे?
- ग्रेटर नोएडा वेस्ट की दिल्ली और नोएडा से बेहतर कनेक्टिविटी।
- गौर चौक और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम में कमी।
- लाखों दैनिक यात्रियों का समय बचेगा।
- निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी।
- रियल एस्टेट और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।


