Market Insight: शेयर बाजार में इस समय घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच खींचतान देखने को मिल रही है। एक ओर ICICI Bank और Reliance Industries जैसे दिग्गजों के मजबूत तिमाही नतीजे बाजार को सहारा दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का मानना है कि फिलहाल बाजार का ट्रेंड सकारात्मक बना हुआ है, लेकिन निवेशकों को कुछ सेक्टरों में सतर्कता बरतने की जरूरत है।
लोकल संकेत मजबूत, लेकिन ग्लोबल माहौल चुनौतीपूर्ण
अनुज सिंघल के अनुसार इस समय बाजार की सबसे बड़ी लड़ाई लोकल बनाम ग्लोबल फैक्टर्स की है। भारत में बैंकिंग सेक्टर के मजबूत नतीजे, विदेशी निवेशकों (FIIs) की शॉर्ट कवरिंग और बैंक निफ्टी की अगुवाई में आई तेजी सकारात्मक संकेत हैं।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बाजार के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। यदि ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला जाता है, तो भारतीय बाजार की मौजूदा तेजी पर दबाव बन सकता है।
निफ्टी के लिए 24,250-24,300 का स्तर बेहद अहम
अनुज सिंघल का कहना है कि अब 24,250-24,300 का जोन निफ्टी के लिए मजबूत सपोर्ट का काम करेगा।
उनके मुताबिक—
- यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर बंद होता है तो हालिया ब्रेकआउट की पुष्टि मानी जाएगी।
- अगर इंडेक्स 24,500 के ऊपर निकलता है तो बाजार में नई तेजी की शुरुआत हो सकती है।
- वहीं यदि निफ्टी 24,180 के नीचे बंद होता है तो ब्रेकआउट फेल होने का खतरा बढ़ जाएगा।
फिलहाल रणनीति “गिरावट पर खरीदारी” की रहनी चाहिए, जब तक ब्रेकआउट पूरी तरह फेल होने का संकेत न मिले।
कच्चे तेल से जुड़े शेयरों में फिलहाल दूरी बनाएं
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी का असर कई सेक्टरों पर पड़ सकता है। ऐसे में अनुज सिंघल ने ट्रेडर्स को सलाह दी है कि फिलहाल ऑयल-लिंक्ड शेयरों में नई खरीदारी से बचें।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन निवेशकों की अच्छी कंपनियों में SIP (Systematic Investment Plan) चल रही है, उन्हें उसे बंद नहीं करना चाहिए।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि IndiGo, Asian Paints और Pidilite Industries जैसे गुणवत्ता वाले शेयरों में लंबी अवधि का निवेश जारी रखा जा सकता है।
IT सेक्टर अभी भी बाजार का मजबूत सहारा
अनुज सिंघल के अनुसार आईटी सेक्टर फिलहाल बाजार का सबसे मजबूत पिलर बना हुआ है। अच्छी तिमाही आय और सकारात्मक मैनेजमेंट कमेंट्री के कारण इस सेक्टर में मजबूती बनी हुई है।
हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि IT सेक्टर में पहले भी दो बार रैली अचानक कमजोर पड़ी है। इसलिए निवेशकों को इस सेक्टर में भी चयनात्मक निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।
निफ्टी के लिए ट्रेडिंग रणनीति
| स्तर | दायरा |
|---|---|
| पहला सपोर्ट | 24,250 – 24,300 |
| बड़ा सपोर्ट | 24,150 – 24,200 |
| खरीदारी का जोन | 24,200 – 24,250 |
| स्टॉप लॉस | 24,150 |
| पहला रेजिस्टेंस | 24,350 – 24,400 |
| बड़ा रेजिस्टेंस | 24,450 – 24,550 |
विशेषज्ञ का कहना है कि जब तक ब्रेकआउट फेल होने का स्पष्ट संकेत नहीं मिलता, तब तक बिकवाली की जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
बैंक निफ्टी के लिए रणनीति
| स्तर | दायरा |
|---|---|
| पहला सपोर्ट | 58,000 – 58,200 |
| बड़ा सपोर्ट | 57,500 – 57,800 |
| खरीदारी का जोन | 58,000 – 58,200 |
| स्टॉप लॉस | 57,800 |
| पहला रेजिस्टेंस | 58,700 – 58,900 |
| बड़ा रेजिस्टेंस | 59,000 – 59,200 |
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक निफ्टी फिलहाल बाजार की अगुवाई कर रहा है। यदि इसमें मजबूती बनी रहती है तो निफ्टी भी नए उच्च स्तर की ओर बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
बाजार की मौजूदा स्थिति में घबराने की बजाय अनुशासित निवेश रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा। अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद मजबूत कंपनियों में नियमित SIP जारी रखना लंबी अवधि में फायदेमंद हो सकता है। वहीं ट्रेडर्स को कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार बाजार विशेषज्ञ के निजी विचार हैं। NewsJagran.in या इसका प्रबंधन किसी भी निवेश निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


