Quick Commerce News: महाराष्ट्र में क्विक कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस और डार्क स्टोर्स पर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने 10 मिनट में सामान पहुंचाने वाले कारोबार की साफ-सफाई और फूड सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के फूड सेफ्टी चीफ तुकाराम मुंडे के नेतृत्व में की गई जांच के दौरान कई जगहों पर कॉकरोच, गंदगी, खराब स्टोरेज और स्वच्छता से जुड़ी खामियां सामने आईं। इसके बाद Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart से जुड़े कुल 12 वेयरहाउस के परमिट सस्पेंड कर दिए गए।
महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इस अभियान के दौरान 86 जगहों का निरीक्षण किया। विभाग की ओर से 60 सुधार नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों की स्टोरेज और हैंडलिंग में किसी भी तरह की लापरवाही लोगों की सेहत के लिए जोखिम पैदा कर सकती है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।
12 वेयरहाउस के परमिट सस्पेंड
FDA की कार्रवाई में Blinkit के पांच, Zepto के पांच और Swiggy Instamart के दो वेयरहाउस शामिल हैं। इन स्थानों पर निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़े कई मानकों में कमी पाई गई।
विभाग द्वारा साझा की गई तस्वीरों में गंदे और जंग लगे स्टोरेज रैक दिखाई दिए। कुछ जगहों पर खाद्य पदार्थों के आसपास कॉकरोच और कीड़े-मकोड़ों की मौजूदगी भी सामने आई। ऐसी परिस्थितियां खाद्य उत्पादों को दूषित कर सकती हैं और उपभोक्ताओं के लिए स्वास्थ्य संबंधी खतरा पैदा कर सकती हैं।
क्विक कॉमर्स कंपनियां आमतौर पर ग्राहकों को कुछ ही मिनटों में किराना, फल-सब्जियां, पैकेज्ड फूड और रोजमर्रा की दूसरी चीजें पहुंचाने का दावा करती हैं। इस मॉडल में शहरों के अलग-अलग इलाकों में छोटे वेयरहाउस या डार्क स्टोर बनाए जाते हैं, जहां बड़ी मात्रा में सामान रखा जाता है। इसलिए इन जगहों की सफाई, तापमान नियंत्रण, पेस्ट कंट्रोल और खाद्य पदार्थों की सही स्टोरेज व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
Blinkit के स्टोरेज सेंटर में मिले कॉकरोच और सड़ी सब्जियां
फूड सेफ्टी अधिकारियों के मुताबिक, Blinkit के एक फूड स्टोरेज सेंटर में निरीक्षण के दौरान कॉकरोच और सड़ी-गली सब्जियां मिलीं। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानों पर कीड़े-मकोड़ों की गंदगी और साफ-सफाई की कमी भी सामने आई।
खाद्य पदार्थों के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टोरेज एरिया में कीटों की मौजूदगी को गंभीर उल्लंघन माना जाता है। अगर पेस्ट कंट्रोल प्रभावी तरीके से न किया जाए तो कीड़े खाद्य उत्पादों, पैकेजिंग और स्टोरेज सतहों को दूषित कर सकते हैं।
एक अन्य Blinkit स्टोर पर अधिकारियों ने देखा कि सफाई और पेस्ट कंट्रोल का काम चल रहा था। हालांकि, स्टोर के बाहर रखे कूड़ेदान पूरी तरह भरे हुए थे। यह स्थिति भी स्वच्छता प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े करती है।
Zepto के वेयरहाउस में जूतों को लेकर सवाल
नासिक में Zepto के एक वेयरहाउस के निरीक्षण के दौरान भी अधिकारियों को ऐसी स्थिति मिली, जिसे फूड सेफ्टी के लिहाज से गंभीर माना गया। रिपोर्ट के मुताबिक, डिलीवरी स्टाफ बाहर पहने जाने वाले जूतों के साथ स्टोरेज एरिया में प्रवेश कर रहा था।
खाद्य पदार्थों वाले क्षेत्र में बाहर के जूतों के इस्तेमाल से मिट्टी, धूल और दूसरे प्रदूषक अंदर पहुंच सकते हैं। इससे क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ सकता है। फूड स्टोरेज एरिया में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए स्वच्छता संबंधी प्रोटोकॉल का पालन इसलिए जरूरी होता है।
यह मामला बताता है कि फूड सेफ्टी सिर्फ उत्पाद की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है। जिस जगह सामान रखा जाता है, वहां कर्मचारियों की आवाजाही, सफाई, कचरा प्रबंधन और पेस्ट कंट्रोल भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
Domino’s के आउटलेट पर भी कार्रवाई
महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी विभाग की कार्रवाई सिर्फ क्विक कॉमर्स कंपनियों तक सीमित नहीं रही। इसी अभियान के दौरान Domino’s के चार आउटलेट भी बंद करवाए गए।
इससे संकेत मिलता है कि राज्य का खाद्य सुरक्षा विभाग अब रेस्तरां, फूड आउटलेट और डिलीवरी आधारित कारोबारों में स्वच्छता मानकों को लेकर ज्यादा सख्त रुख अपना रहा है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि ग्राहकों को बेचे जाने वाले खाद्य पदार्थ सुरक्षित परिस्थितियों में तैयार, स्टोर और हैंडल किए जाएं।
फूड बिजनेस के लिए यह कार्रवाई एक तरह की चेतावनी भी है कि केवल लोकप्रिय ब्रांड होना पर्याप्त नहीं है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हर आउटलेट और स्टोरेज सेंटर में जरूरी है।
13 अरब डॉलर का है क्विक कॉमर्स सेक्टर
भारत में क्विक कॉमर्स पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है। Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसे प्लेटफॉर्म शहरों में किराना और रोजमर्रा के सामान की तेज डिलीवरी के लिए बड़े नेटवर्क का संचालन करते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Swiggy और Zepto के करीब 1,100-1,100 डिलीवरी आउटलेट हैं, जबकि Blinkit का नेटवर्क लगभग 2,200 आउटलेट तक पहुंच चुका है। इस बड़े नेटवर्क की वजह से हजारों स्टोरेज और डिलीवरी पॉइंट्स पर खाद्य सुरक्षा मानकों को बनाए रखना कंपनियों के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन जाता है।
भारत का क्विक कॉमर्स सेक्टर करीब 13 अरब डॉलर का बताया जाता है। इस क्षेत्र में बड़ी मात्रा में निवेश हुआ है और कंपनियां रोजाना लाखों ऑर्डर पूरा करती हैं। ऐसे में किसी एक स्टोर पर फूड सेफ्टी की गंभीर लापरवाही सामने आना पूरे सेक्टर के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
10 मिनट की डिलीवरी से ज्यादा जरूरी है सुरक्षित सामान
क्विक कॉमर्स का सबसे बड़ा आकर्षण उसकी स्पीड है। ग्राहक कुछ ही मिनटों में दूध, ब्रेड, फल, सब्जियां, स्नैक्स और दूसरी जरूरी चीजें घर पर मंगाना चाहते हैं। कंपनियां इसी सुविधा को अपनी प्रतिस्पर्धा का सबसे बड़ा आधार बनाती हैं।
लेकिन तेज डिलीवरी के साथ फूड सेफ्टी से समझौता नहीं किया जा सकता। किसी ग्राहक के लिए 10 मिनट में सामान पहुंचना तभी उपयोगी है, जब वह सामान सुरक्षित और स्वच्छ परिस्थितियों में रखा गया हो।
खासकर फल-सब्जियों, डेयरी उत्पादों, पैकेज्ड फूड और अन्य खाद्य वस्तुओं के मामले में स्टोरेज की स्थिति बेहद महत्वपूर्ण होती है। अगर वेयरहाउस में गंदगी, कीड़े, सड़ा हुआ सामान या अनुचित हैंडलिंग की समस्या है, तो डिलीवरी की स्पीड ग्राहक की सुरक्षा की भरपाई नहीं कर सकती।
तुकाराम मुंडे ने दी सख्त चेतावनी
महाराष्ट्र के फूड सेफ्टी चीफ तुकाराम मुंडे ने साफ संदेश दिया है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में असुरक्षित तरीके से खाना तैयार करने और बिना उचित साफ-सफाई के खाद्य पदार्थों को स्टोर करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मुंडे के नेतृत्व में पहले भी मुंबई के कई चर्चित रेस्टोरेंट के खिलाफ साफ-सफाई से जुड़े मामलों में कार्रवाई की गई है। अब क्विक कॉमर्स वेयरहाउस की जांच के बाद उनका अभियान और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
FDA की ओर से जारी आंकड़ों से भी पता चलता है कि यह केवल कुछ चुनिंदा प्रतिष्ठानों की जांच नहीं थी। 86 स्थानों का निरीक्षण और 60 सुधार नोटिस जारी किया जाना दर्शाता है कि विभाग खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर व्यापक अभियान चला रहा है।
ग्राहकों को भी रहना होगा सतर्क
इस कार्रवाई के बाद ग्राहकों के लिए भी यह जरूरी है कि वे क्विक कॉमर्स से मिलने वाले खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता पर ध्यान दें। अगर किसी पैकेट की पैकेजिंग खराब हो, सामान से असामान्य गंध आए, फल-सब्जियां सड़ी हुई हों या उत्पाद की एक्सपायरी डेट निकल चुकी हो, तो उसे इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।
किसी उत्पाद में समस्या मिलने पर ग्राहक संबंधित कंपनी के कस्टमर सपोर्ट पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। गंभीर खाद्य सुरक्षा समस्या होने पर संबंधित सरकारी विभाग में भी शिकायत की जा सकती है।
निष्कर्ष
महाराष्ट्र में Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart के 12 वेयरहाउस के परमिट सस्पेंड होने की कार्रवाई ने क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री की उस चुनौती को सामने ला दिया है, जिसमें तेज डिलीवरी के साथ खाद्य सुरक्षा बनाए रखना जरूरी है। कॉकरोच, सड़ी सब्जियां, गंदे स्टोरेज रैक, भरे हुए कूड़ेदान और क्रॉस-कंटैमिनेशन जैसी खामियां किसी भी फूड सप्लाई चेन के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
क्विक कॉमर्स कंपनियों के लिए अब चुनौती सिर्फ कुछ मिनटों में सामान पहुंचाने की नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि ग्राहक तक पहुंचने वाला हर खाद्य उत्पाद सुरक्षित, स्वच्छ और उचित तरीके से स्टोर किया गया हो। महाराष्ट्र FDA की सख्ती से आने वाले समय में इस पूरे सेक्टर में फूड सेफ्टी मानकों को लेकर निगरानी और बढ़ सकती है।


