NewsjagranNewsjagranNewsjagran
  • बिजनेस न्यूज़
    बिजनेस न्यूज़Show More
    india-lpg-production-target-21-companies-reliance-18000-tonnes
    LPG Production Target: रसोई गैस को लेकर सरकार का बड़ा प्लान, 21 कंपनियों को मिला उत्पादन का टारगेट, रिलायंस को बड़ी जिम्मेदारी
    16 अगस्त 2026
    lek-ladki-yojana-1-lakh-1-thousand-online-apply-documents-reduced
    Lek Ladki Yojana: बेटी को मिलेंगे 1.01 लाख रुपये! आवेदन हुआ आसान, डॉक्युमेंट्स भी हुए कम
    16 अगस्त 2026
    https://newsjagran.in/nps-for-nris-nri-can-invest-in-nps-tax-benefits-rules/
    NPS for NRIs: एनपीएस में पैसे डाल सकते हैं विदेश में रहने वाले भारतीय? कितना अलग है नियम?
    16 अगस्त 2026
    ugc-net-answer-key-2026-84-subjects-18-august-objection
    UGC NET Answer Key 2026: 84 विषयों की आंसर की जारी, 18 अगस्त तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
    16 अगस्त 2026
    anthropic-ceo-wife-cami-clark-jeffrey-epstein-leaked-emails
    ‘फ्री लग्जरी पोर्न कंपनी…’ Anthropic CEO की पत्नी और जेफरी एपस्टीन के ईमेल्स लीक, AI जगत में मची हलचल
    16 अगस्त 2026
  • कमोडिटी
    कमोडिटीShow More
    gold-price-today-16-august-2026-weekly-gold-price-rise
    Gold Price Today: सोना एक हफ्ते में ₹3490 तक महंगा, वैश्विक कीमत 0.9% बढ़ी
    16 अगस्त 2026
    purani-jewellery-bechne-par-tax-50000-profit-tax-calculation
    स्वतंत्रता दिवस पर सोना हुआ सस्ता, 24 और 22 कैरेट गोल्ड के भाव में गिरावट; चांदी भी फिसली
    15 अगस्त 2026
    gold-price-today-14-august-2026-delhi-jaipur-lucknow-22-carat-gold-rate
    Gold Price Today: स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सोना फिसला; दिल्ली, जयपुर और लखनऊ में ₹1,40,940 पर आया 22 कैरेट
    14 अगस्त 2026
    gold-silver-price-13-august-2026-gold-rises-silver-falls
    Gold Silver Price: 2 महीने के हाई पर पहुंचने के बाद सोना हुआ और भी महंगा, चांदी फिसली
    13 अगस्त 2026
    gold-silver-price-13-august-2026-gold-rises-silver-falls
    Gold Price Today: दो दिनों में ₹10,100 चढ़ी चांदी, सोना भी महंगा, चेक करें 10 शहरों में 24 से 18 कैरट के लेटेस्ट भाव
    12 अगस्त 2026
  • शेयर बाज़ार
    शेयर बाज़ारShow More
    multibagger-stock-sjs-enterprises-share-double-return-low-debt-high-cash
    Multibagger Stock: कर्ज सिर्फ ₹9 करोड़, कैश ₹338 करोड़, 1 साल में पैसा दोगुना करने वाला यह शेयर मचा रहा धूम
    16 अगस्त 2026
    top-10-companies-market-cap-tcs-reliance-lic
    टॉप 10 कंपनियों में से 5 का M-Cap ₹1 लाख करोड़ घटा, TCS को सबसे ज्यादा नुकसान; LIC समेत 5 कंपनियों को फायदा
    16 अगस्त 2026
    how-to-read-company-result-profit-not-enough
    How to Read Company Result: मुनाफा बढ़ना रिजल्ट अच्छा होने की गारंटी नहीं, शेयर खरीदने से पहले ये बातें भी करें चेक
    16 अगस्त 2026
    fpi-buying-in-august-indian-stocks-16621-crore-investment
    FPI की भारतीय शेयरों में दिलचस्पी बरकरार, अगस्त में अब तक ₹16,621 करोड़ की खरीद
    16 अगस्त 2026
    sebi-sme-ipo-rules-2-lakh-investment-limit-paid-up-capital-100-crore
    अब SME लिस्टिंग होगी और भी आसान, SEBI खत्म कर सकता है ₹2 लाख की निवेश लिमिट; जानें क्या है तैयारी
    16 अगस्त 2026
Search
© 2026 News Jagran Digital Media. All Rights Reserved. | Udyam-HR-05-0178310
Reading: 100 साल से ज्यादा पुराना है ट्रैफिक लाइट का राज, जानें लाल-पीला-हरा ही क्यों है खास
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NewsjagranNewsjagran
Font ResizerAa
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Search
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Follow US
© 2026 News Jagran. All Rights Reserved.
बिजनेस न्यूज़

100 साल से ज्यादा पुराना है ट्रैफिक लाइट का राज, जानें लाल-पीला-हरा ही क्यों है खास

Namam Sharma
Last updated: 2026/08/16 at 12:45 अपराह्न
Namam Sharma - Senior Editor – Newsjagran
Share
8 Min Read
traffic-light-red-yellow-green-colors-history
SHARE

सड़क पर लाल, पीली और हरी बत्ती इतनी आम है कि हममें से ज्यादातर लोग इनके पीछे की कहानी पर कभी ध्यान ही नहीं देते। लाल बत्ती दिखते ही गाड़ी रोकना, हरी होते ही आगे बढ़ना और पीली बत्ती पर सावधान हो जाना हमारी रोजमर्रा की आदत बन चुकी है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रैफिक सिग्नल में सिर्फ इन्हीं तीन रंगों का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?

Contents
1868 में लंदन से हुई ट्रैफिक लाइट की शुरुआतसड़क पर बढ़ते वाहनों ने पैदा की नई चुनौतीWilliam Potts ने जोड़ा तीसरा रंगलाल रंग को ही Stop का संकेत क्यों बनाया गया?हरा रंग Go का संकेत कैसे बना?पीली बत्ती क्यों जरूरी है?पीला रंग ही Warning के लिए क्यों?ट्रैफिक सिग्नल के तीन रंगों का आसान मतलबसिर्फ तीन रंगों ने बदल दिया सड़क सुरक्षा का तरीका

इन रंगों का चुनाव महज संयोग नहीं था। इसके पीछे रेलवे सिग्नलिंग, सड़क सुरक्षा, दृश्यता और ड्राइवर को समय रहते चेतावनी देने जैसी कई वजहें जुड़ी हैं। ट्रैफिक लाइट की कहानी 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है और इसकी शुरुआत आधुनिक कारों के दौर से पहले ही हो चुकी थी।

1868 में लंदन से हुई ट्रैफिक लाइट की शुरुआत

दुनिया की पहली ट्रैफिक लाइट 1868 में लंदन में लगाई गई थी। उस समय शहरों में घोड़ागाड़ियां और पैदल यात्री बड़ी संख्या में सड़कों पर चलते थे। ट्रैफिक को नियंत्रित करना पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा था।

पहली ट्रैफिक लाइट का डिजाइन रेलवे सिग्नल से प्रभावित था। इसमें गैस से रोशन होने वाली व्यवस्था इस्तेमाल की गई थी और इसका उद्देश्य मुख्य रूप से लोगों को रुकने और आगे बढ़ने का संकेत देना था।

हालांकि यह शुरुआती व्यवस्था ज्यादा समय तक नहीं चल सकी। लेकिन इसने सड़क यातायात को संकेतों के जरिए नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत जरूर कर दी।

सड़क पर बढ़ते वाहनों ने पैदा की नई चुनौती

20वीं सदी की शुरुआत में कारों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। शहरों में कारों के साथ साइकिल, ट्राम, पैदल यात्री और अन्य वाहन भी सड़कों पर मौजूद थे। ऐसे में चौराहों पर ट्रैफिक को केवल पुलिसकर्मियों के जरिए नियंत्रित करना मुश्किल होने लगा।

अमेरिका में भी इसी दौर में सड़क हादसे बड़ी समस्या बन गए। बढ़ते ट्रैफिक के साथ ऐसे सिग्नल की जरूरत महसूस हुई, जिसे ड्राइवर दूर से देखकर तुरंत समझ सकें।

शुरुआती इलेक्ट्रिक ट्रैफिक सिग्नलों में लाल और हरे रंग का इस्तेमाल प्रमुख रूप से किया गया। लेकिन इनमें एक बड़ी कमी थी—रुकने और चलने के बीच अचानक बदलाव।

यहीं से तीसरे रंग की जरूरत महसूस हुई।

William Potts ने जोड़ा तीसरा रंग

साल 1920 के आसपास डेट्रॉयट के पुलिस अधिकारी William Potts ने चार-तरफा, तीन-रंग वाले ट्रैफिक सिग्नल के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लाल और हरे रंग के बीच पीले रंग को शामिल किया गया।

इसका उद्देश्य बेहद व्यावहारिक था। ड्राइवर को अचानक लाल बत्ती दिखने के बजाय पहले एक चेतावनी मिल जाए कि सिग्नल बदलने वाला है।

यानी पीली बत्ती ने Go और Stop के बीच एक संक्रमण चरण तैयार किया।

धीरे-धीरे यही तीन रंगों वाली व्यवस्था अलग-अलग शहरों में अपनाई जाने लगी और आगे चलकर आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल का आधार बन गई।

लाल रंग को ही Stop का संकेत क्यों बनाया गया?

लाल रंग की कहानी ट्रैफिक सिग्नल से भी पुरानी है। रेलवे में लाल रंग का इस्तेमाल लंबे समय से खतरे या रुकने के संकेत के तौर पर किया जाता रहा था।

इसका एक महत्वपूर्ण कारण इसकी दृश्यता थी। लाल रंग लंबी दूरी से आसानी से पहचाना जा सकता है और संकेतों में इसे खतरे से जोड़ना भी पहले से प्रचलित था।

यही कारण है कि जब सड़क यातायात के लिए मानकीकृत संकेतों की जरूरत बढ़ी तो लाल रंग को रोकने के संकेत के रूप में अपनाना स्वाभाविक विकल्प बन गया।

आज भी लाल रंग दुनिया भर में खतरे, सावधानी और रुकने के संकेत से जुड़ा हुआ है।

हरा रंग Go का संकेत कैसे बना?

दिलचस्प बात यह है कि हरा रंग हमेशा से आगे बढ़ने का संकेत नहीं था। शुरुआती संकेत प्रणालियों में अलग-अलग रंगों का प्रयोग किया जाता था और कुछ जगहों पर सफेद रोशनी भी इस्तेमाल की गई।

लेकिन सफेद रोशनी के साथ भ्रम की संभावना थी। सड़क पर मौजूद दूसरी रोशनियां या प्रकाश स्रोत इसे सिग्नल से अलग पहचानना मुश्किल बना सकते थे।

इसके मुकाबले हरा रंग ज्यादा स्पष्ट और अलग पहचान वाला विकल्प साबित हुआ। धीरे-धीरे इसे आगे बढ़ने यानी Go के संकेत के रूप में स्वीकार किया जाने लगा।

हरे रंग की एक और खासियत यह है कि मानव आंखें दृश्य स्पेक्ट्रम के हरे हिस्से के प्रति काफी संवेदनशील होती हैं। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में इसे पहचानना अपेक्षाकृत आसान होता है।

पीली बत्ती क्यों जरूरी है?

अगर ट्रैफिक सिग्नल में सिर्फ लाल और हरा रंग होता, तो हरी बत्ती से सीधे लाल बत्ती में बदलाव ड्राइवर के लिए अचानक हो सकता था।

मान लीजिए कोई वाहन हरी बत्ती पर चौराहे की ओर बढ़ रहा है और अचानक सिग्नल लाल हो जाए। ऐसी स्थिति में ड्राइवर के पास प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय होगा।

पीली बत्ती इसी समस्या का समाधान है।

यह ड्राइवर को संकेत देती है कि मौजूदा चरण समाप्त होने वाला है और उसे अगले बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए। इसी वजह से पीला रंग ट्रैफिक सिग्नल में Warning या Caution का संकेत बन गया।

पीला रंग ही Warning के लिए क्यों?

पीला रंग भीड़भाड़ वाले माहौल में आसानी से ध्यान खींचता है। सड़क संकेतों में इसे चेतावनी और सावधानी से जोड़ने की परंपरा भी मजबूत हुई।

लाल, पीला और हरा—इन तीनों रंगों को इस तरह व्यवस्थित किया गया कि ड्राइवर कुछ ही सेकंड में संकेत का अर्थ समझ सके।

यही ट्रैफिक सिग्नल की सबसे बड़ी खासियत है। इसके लिए ड्राइवर को कोई लंबा निर्देश पढ़ने की जरूरत नहीं होती। सिर्फ रंग देखकर प्रतिक्रिया दी जा सकती है।

ट्रैफिक सिग्नल के तीन रंगों का आसान मतलब

आज लगभग हर ड्राइवर के लिए इन तीन रंगों का अर्थ स्पष्ट है:

  • लाल: रुकना
  • पीला: सावधान रहना और बदलाव के लिए तैयार होना
  • हरा: आगे बढ़ना, बशर्ते रास्ता सुरक्षित और स्पष्ट हो

यह सरल व्यवस्था दुनिया के अलग-अलग देशों में सड़क यातायात को व्यवस्थित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

सिर्फ तीन रंगों ने बदल दिया सड़क सुरक्षा का तरीका

आज जब किसी बड़े शहर के चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल दिखाई देता है तो यह बेहद सामान्य दृश्य लगता है। लेकिन इसके पीछे करीब डेढ़ सदी के तकनीकी और सामाजिक बदलाव छिपे हैं।

1868 में लंदन की शुरुआती गैस लाइट से शुरू हुई यह यात्रा इलेक्ट्रिक सिग्नलों, तीन-रंग वाली व्यवस्था और आज के स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम तक पहुंच चुकी है।

लाल ने रुकने का संदेश दिया, हरे ने आगे बढ़ने का और पीले ने दोनों के बीच जरूरी चेतावनी का काम संभाला। यही सरलता इसकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

इसलिए अगली बार जब चौराहे पर लाल, पीली या हरी बत्ती देखें, तो याद रखिएगा कि ये महज तीन रंग नहीं हैं। इनके पीछे रेलवे से शुरू हुई सिग्नलिंग की परंपरा, बढ़ते शहरी ट्रैफिक की चुनौती और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की वर्षों पुरानी कोशिश की कहानी छिपी है।

You Might Also Like

LPG Production Target: रसोई गैस को लेकर सरकार का बड़ा प्लान, 21 कंपनियों को मिला उत्पादन का टारगेट, रिलायंस को बड़ी जिम्मेदारी

Lek Ladki Yojana: बेटी को मिलेंगे 1.01 लाख रुपये! आवेदन हुआ आसान, डॉक्युमेंट्स भी हुए कम

NPS for NRIs: एनपीएस में पैसे डाल सकते हैं विदेश में रहने वाले भारतीय? कितना अलग है नियम?

UGC NET Answer Key 2026: 84 विषयों की आंसर की जारी, 18 अगस्त तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति

‘फ्री लग्जरी पोर्न कंपनी…’ Anthropic CEO की पत्नी और जेफरी एपस्टीन के ईमेल्स लीक, AI जगत में मची हलचल

TAGGED: ट्रैफिक लाइट, ट्रैफिक लाइट का इतिहास, ट्रैफिक सिग्नल, ट्रैफिक सिग्नल का इतिहास, पीली बत्ती का मतलब, लाल पीली हरी बत्ती, लाल बत्ती क्यों होती है, हरी बत्ती का मतलब
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
By Namam Sharma Senior Editor – Newsjagran
Follow:
नमम शर्मा, Newsjagran के सीनियर एडिटर हैं। बिज़नेस न्यूज़, कमोडिटी बाज़ार, सोना-चांदी भाव, पेट्रोल-डीजल रेट और फाइनेंस में 9 साल का अनुभव। हिंदी डिजिटल पत्रकारिता के जानकार।
Previous Article nithin-kamath-ai-pitch-deck-startup-investors-secret ‘AI का ढिंढोरा पीटना बंद करो!’ जेरोधा CEO नितिन कामथ ने बताया निवेशकों को लुभाने का असली सीक्रेट
Next Article vimal-elaichi-ad-shah-rukh-khan-ajay-devgn-tiger-shroff-fda-notice Vimal Elaichi विज्ञापन पर फंसे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ! महाराष्ट्र FDA ने भेजा शो-कॉज नोटिस

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today

सबसे ज्यादा पढ़ी गई खबरें

ipo-gmp-today-mainboard-sme
IPO GMP Today: 16 अगस्त को Skyways Air IPO का GMP ₹28, इन IPOs में भी दिख रही जोरदार हलचल
शेयर बाज़ार फाइनेंस
live-petrol-diesel-price
Petrol Diesel Price Today: आज आपके शहर में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
png-price-today
PNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में PNG गैस के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
crude-oil-price-today
Crude Oil Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट या तेजी? जानिए आज का लेटेस्ट अपडेट
कमोडिटी फाइनेंस
lpg-price-today
LPG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में घरेलू और कमर्शियल LPG सिलेंडर के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
cng-price-today
CNG Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में CNG के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
silver-price-today
Silver Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
gold-price-today
Gold Price Today: आज भारत के प्रमुख शहरों में 24K, 22K और 18K सोने के ताजा रेट
कमोडिटी फाइनेंस
government-spending-as-percent-of-gdp-kiribati-marshall-islands-ukraine
USD/INR Live Chart: डॉलर बनाम रुपया, आज का एक्सचेंज रेट, लाइव चार्ट और पूरा विश्लेषण
फाइनेंस
bitcoin-price-today-live-chart-hindi
Bitcoin Price Today: लाइव बिटकॉइन प्राइस, चार्ट, मार्केट कैप और निवेश से पहले जानें जरूरी बातें
फाइनेंस

महत्वपूर्ण पृष्ठ

  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार

त्वरित लिंक्स

  • 8 वेतन आयोग
  • सरकारी योजनाएं
  • बिजनेस न्यूज़
  • Advertise With Us
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
  • Terms of Service

Discover News Jagran

  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer & Affiliate Disclosure
  • Editorial Policy
  • Author Bio & Team
  • Career

आज के लाइव रेट्स

  • आज का सोने का भाव
  • आज का चांदी का भाव
  • आज का पेट्रोल-डीजल भाव
  • आज का LPG रेट
  • CNG रेट
  • PNG रेट
  • कच्चे तेल का भाव
  • डॉलर-रुपया रेट
  • IPO GMP Today
NewsjagranNewsjagran
© 2026 News Jagran Digital Media | Google News Approved | MSME: Udyam-HR-05-0178310
  • बिजनेस न्यूज़
  • कमोडिटी
  • शेयर बाज़ार
Manage Consent
To provide the best experiences, we use technologies like cookies to store and/or access device information. Consenting to these technologies will allow us to process data such as browsing behaviour or unique IDs on this site. Not consenting or withdrawing consent, may adversely affect certain features and functions.
Functional Always active
The technical storage or access is strictly necessary for the legitimate purpose of enabling the use of a specific service explicitly requested by the subscriber or user, or for the sole purpose of carrying out the transmission of a communication over an electronic communications network.
Preferences
The technical storage or access is necessary for the legitimate purpose of storing preferences that are not requested by the subscriber or user.
Statistics
The technical storage or access that is used exclusively for statistical purposes. The technical storage or access that is used exclusively for anonymous statistical purposes. Without a subpoena, voluntary compliance on the part of your Internet Service Provider, or additional records from a third party, information stored or retrieved for this purpose alone cannot usually be used to identify you.
Marketing
The technical storage or access is required to create user profiles to send advertising, or to track the user on a website or across several websites for similar marketing purposes.
  • Manage options
  • Manage services
  • Manage {vendor_count} vendors
  • Read more about these purposes
View preferences
  • {title}
  • {title}
  • {title}
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?